

रुद्रपुर। उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री धीरेंद्र प्रताप ने शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को अब तक भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित न किए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)
वह शहीद भगत सिंह ब्रिगेड द्वारा शहीदों की स्मृति में आयोजित दीपमाला समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि देश की आज़ादी में इन महान क्रांतिकारियों का योगदान अतुलनीय है, लेकिन आज तक उन्हें उचित सम्मान नहीं मिल पाया।
उन्होंने कहा कि यह अत्यंत खेदजनक है कि जिन वीर सपूतों ने राष्ट्र के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया, उन्हें भारत रत्न जैसे सर्वोच्च सम्मान से नवाज़ा नहीं गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि देश आज़ाद है, तो इसमें भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु और सुभाष चंद्र बोस जैसे महान नायकों की अहम भूमिका रही है, जिनसे नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है।
धीरेंद्र प्रताप ने केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि इस दिशा में तत्काल निर्णय लिया जाना चाहिए, ताकि शहीदों के सम्मान में कोई कमी न रह जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जिस विधानसभा में इन क्रांतिकारियों ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आवाज़ बुलंद करने के लिए बम फेंका था, वहां उनकी प्रतिमा लगाना स्वागत योग्य है, लेकिन यह कार्य बहुत पहले हो जाना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि मात्र 23 वर्ष की आयु में भगत सिंह द्वारा दिया गया बलिदान आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
इस अवसर पर शहीद भगत सिंह ब्रिगेड के अध्यक्ष यशवंत सिंह, उत्तराखंड युवा मंच के अध्यक्ष सोमपाल सिंह नेगी, महिला शाखा की अध्यक्ष सावित्री गुजराल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।




