हालांकि, अब उन छात्रों के लिए शानदार अवसर भारत में ही हैं और वो विदेशी डिग्री को भारत में पढ़कर भी हासिल कर सकते हैं.
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
केंद्र सरकार की ओर से लोकसभा में जानकारी दी है कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटी के कैंपस को खोलने की मंजूरी दे दी है. करीब 15 विदेशी उच्च शिक्षण संस्थानों को 16 लेटर ऑफ इंटेंट जारी किया गया है जिससे वो भारत में अपने कैंपस स्थापित कर सकेंगे.
भारत में कहां खुलेंगे विदेशी यूनिवर्सिटी के कैंपस?
UGC की ओर से 15 विदेशी उच्च शिक्षण संस्थानों को खोलने की मंजूरी दी गई है. भारत के गुरुग्राम, बेंगलुरु, ग्रेटर नोएडा, चेन्नई और मुंबई जैसे शहरों में विदेशी विश्वविद्यालयों के कैंपस खुलेंगे. इस पहले से भारतीय छात्रों को विश्वस्तरीय शिक्षा अपने भारत में ही उपलब्ध होगी.
किन देशों के विश्वविद्यालयों को मिली मंजूरी?
शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार द्वारा लोकसभा में जानकारी दी गई कि जिन विदेशी शिक्षण संस्थानों को भारत में खोलने की मंजूरी दी गई है वो अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, इटली और यूनाइटेड किंगडम (UK) के टॉप विश्वविद्यालय हैं. इसके पीछा का उद्देश्य भारतीय छात्रों को वैश्विक स्तर की उच्च शिक्षा भारत में ही उपलब्ध कराना है जिससे छात्रों को पढ़ाई करने के लिए विदेश जाने की जरूरत न पड़े और वो अपने देश रहकर ही अंतरराष्ट्रीय क्वालिटी की पढ़ाई हासिल कर सके.
UGC के 2023 नियमों के तहत होंगे कैंपस
यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (भारत में विदेशी उच्च शिक्षण संस्थानों के कैंपस की स्थापना और संचालन) विनियम, 2023 के अंतर्गत भारत में इन विदेशों के कैंपस खोले जाएंगे. सरकार के मुताबिक यूजीसी के नियमों का उद्देश्य सिर्फ ये सुनिश्चित करना है कि जो विदेशी विश्वविद्यालयों के मूल कैंपस है उसके बराबर भारत में पढ़ाई का स्तर भी हो और सभी संस्थान भारतीय कानूनों का पालन करें.
