उत्तराखंड में 1 सितंबर से शुरू होगी जनगणना का दूसरा चरण, 17 अगस्त से मिलेगा स्व-गणना का विकल्प

Spread the love

उत्तराखंड। केंद्र सरकार ने जनगणना के दूसरे चरण को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। इसके तहत उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के बर्फ प्रभावित गैर-समान समय वाले क्षेत्रों में 1 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक जनसंख्या गणना का दूसरा चरण संचालित किया जाएगा। इसके बाद 1 से 5 अक्टूबर तक रिव्यू फेज आयोजित होगा।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड


अधिसूचना के अनुसार, उत्तराखंड के नागरिकों को पहली बार 17 अगस्त से 31 अगस्त तक स्व-गणना (Self Enumeration) का विकल्प भी उपलब्ध कराया जाएगा। इस दौरान इच्छुक नागरिक निर्धारित ऑनलाइन व्यवस्था के माध्यम से स्वयं अपनी जनगणना संबंधी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद जनगणना कर्मी घर-घर जाकर जनसंख्या संबंधी विवरण एकत्र करेंगे।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि उत्तराखंड सहित अधिसूचित क्षेत्रों के लिए 1 अक्टूबर 2026 की रात 12 बजे को संदर्भ तिथि (Reference Date) माना जाएगा। वहीं देश के शेष राज्यों में जनसंख्या गणना का दूसरा चरण अगले वर्ष आयोजित किए जाने की संभावना है।
यह स्वतंत्रता के बाद भारत की आठवीं जनगणना होगी। इस बार जनगणना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि पहली बार जाति संबंधी विवरण भी एकत्र किए जाएंगे। इससे सामाजिक, आर्थिक और विकास संबंधी योजनाओं के लिए अधिक सटीक आंकड़े उपलब्ध होने की उम्मीद है।
केंद्र सरकार ने इस विशाल अभियान के संचालन के लिए 11,718 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इसे देश के इतिहास की सबसे बड़ी जनगणना प्रक्रिया माना जा रहा है।
उत्तराखंड में जनगणना के सफल संचालन के लिए राज्य प्रशासन, जिला प्रशासन और स्थानीय निकायों की ओर से तैयारियां तेज की जाएंगी। दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों तक जनगणना दल पहुंचेंगे और प्रत्येक परिवार का विवरण दर्ज किया जाएगा। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराकर इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान में सहयोग करें।


Spread the love