अपराधियों पर एसएसपी अजय गणपति का सख्त प्रहार: हत्यारा गिरफ्तार, करोड़ों की संपत्ति बचाने वाली चोरियों का खुलासा, 102 मोबाइल लौटाए, संदिग्ध शस्त्र लाइसेंसों पर बड़ा अभियान

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रुद्रपुर। ऊधम सिंह नगर में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय गणपति के नेतृत्व में पुलिस लगातार अपराधियों पर शिकंजा कस रही है। हत्या, चोरी, नकबजनी, अवैध गतिविधियों और संदिग्ध शस्त्र लाइसेंसों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियानों ने जिले में अपराधियों के बीच भय का माहौल बनाया है। हाल के दिनों में पुलिस ने कई महत्वपूर्ण मामलों का खुलासा करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। वहीं, खोए हुए मोबाइल फोन उनके स्वामियों को लौटाकर पुलिस ने सेवा और संवेदनशीलता का भी परिचय दिया है।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड


इसी क्रम में कांवड़ मेला-2026 की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी उत्तराखंड पुलिस पूरी तरह सतर्क दिखाई दे रही है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दीपम सेठ ने उच्चस्तरीय बैठक कर सभी संबंधित जिलों को व्यापक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
नशा मुक्ति टीम के सदस्य की हत्या का आरोपी गिरफ्तार
ऊधम सिंह नगर पुलिस ने नशा मुक्ति अभियान के दौरान हुई एक दर्दनाक हत्या का भी तेजी से खुलासा किया। जानकारी के अनुसार एक व्यक्ति को नशा मुक्ति केंद्र ले जाने पहुंची टीम पर आरोपी ने अचानक कृपाण से हमला कर दिया। इस हमले में टीम के सदस्य सरबजीत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनकी उपचार के दौरान मृत्यु हो गई।
घटना के बाद एसएसपी अजय गणपति ने तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। एसएसपी के कुशल निर्देशन में कोतवाली बाजपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त कृपाण भी बरामद कर ली है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से विस्तृत पूछताछ की जा रही है और मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई जारी है।
लाखों की चोरी का खुलासा, शातिर चोर गिरफ्तार
एसएसपी अजय गणपति के नेतृत्व में पुलिस ने जिले की एक बड़ी चोरी की घटना का भी सफल अनावरण किया। इस मामले में पुलिस ने 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का गहन विश्लेषण किया। साथ ही सुरागरसी और पतारसी के आधार पर एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लगभग 160 ग्राम सोने के आभूषण, एक किलोग्राम चांदी के आभूषण तथा चोरी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की।
जांच में यह भी सामने आया कि चोरी की गई नकदी को विभिन्न बैंक खातों में जमा कराया गया था। पुलिस ने संबंधित खातों को फ्रीज कराने की कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी है। मामले में एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।
एसएसपी ने कहा कि चोरी के मामलों में आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक जांच का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है, जिससे अपराधियों तक शीघ्र पहुंच बनाई जा रही है।
बंद मकानों में चोरी करने वाला अंतर्राज्यीय नकबजन गिरफ्तार
कोतवाली आईटीआई क्षेत्र में लंबे समय से बंद मकानों को निशाना बनाने वाले अंतर्राज्यीय नकबजन को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
वैशाली कॉलोनी, कवि नगर काशीपुर तथा केंद्रीय विद्यालय आईटीआई क्षेत्र में हुई चोरी की घटनाओं की जांच के दौरान पुलिस ने सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके बाद आरोपी तक पहुंचने में सफलता मिली।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण और नकदी बरामद की।
जांच में सामने आया कि आरोपी पिछले कई वर्षों से उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों में चोरी की घटनाओं को अंजाम देता रहा है। उसके विरुद्ध चोरी, लूट और नकबजनी के 11 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी के अन्य आपराधिक नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
खोए हुए 102 मोबाइल लौटाकर पुलिस ने जीता लोगों का दिल
ऊधम सिंह नगर पुलिस ने केवल अपराध नियंत्रण ही नहीं बल्कि जनसेवा का भी उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।
सीईआईआर पोर्टल और तकनीकी जांच के माध्यम से पुलिस ने 102 खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए, जिनकी कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है।
एसएसपी अजय गणपति ने स्वयं मोबाइल स्वामियों को उनके फोन लौटाए। लंबे समय बाद अपना मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी।
मोबाइल प्राप्त करने वाले नागरिकों ने पुलिस की कार्यशैली की सराहना करते हुए ऊधम सिंह नगर पुलिस का आभार व्यक्त किया।
एसएसपी ने कहा कि यदि किसी का मोबाइल खो जाता है तो तत्काल उसकी सूचना पुलिस को दें ताकि तकनीकी सहायता से उसे जल्द बरामद किया जा सके।
संदिग्ध शस्त्र लाइसेंसों के विरुद्ध जनपदव्यापी अभियान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अपराध मुक्त देवभूमि के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए एसएसपी अजय गणपति ने संदिग्ध शस्त्र लाइसेंसों के विरुद्ध जिलेभर में विशेष अभियान शुरू कराया।
इस अभियान के लिए तीन विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया।
अभियान के दौरान कुल 678 शस्त्र लाइसेंस सत्यापन के लिए चिन्हित किए गए, जिनमें से 626 लाइसेंसों का सत्यापन पूरा किया जा चुका है।
सत्यापन के दौरान 108 संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस चिन्हित किए गए।
इनमें से 94 लाइसेंस पुलिस ने अपने कब्जे में लिए, जबकि 119 हथियार संबंधित थानों में जमा कराए गए हैं।
पुलिस के अनुसार कई लाइसेंस बाहरी राज्यों और अन्य जनपदों से बनाए गए पाए गए हैं, जिनकी वैधानिकता की विस्तृत जांच की जा रही है।
एसएसपी अजय गणपति ने स्पष्ट किया कि जिन लोगों ने नियमों का उल्लंघन कर शस्त्र लाइसेंस प्राप्त किए हैं या फर्जी दस्तावेजों का उपयोग किया है, उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
तकनीक आधारित पुलिसिंग पर जोर
पिछले कुछ समय में ऊधम सिंह नगर पुलिस की कार्रवाई में आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग देखने को मिला है।
सीसीटीवी नेटवर्क, डिजिटल साक्ष्य, मोबाइल लोकेशन, बैंकिंग ट्रांजैक्शन, सीईआईआर पोर्टल और साइबर जांच के माध्यम से पुलिस अपराधियों तक तेजी से पहुंच रही है।
एसएसपी अजय गणपति ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक गंभीर मामले में तकनीकी साक्ष्यों को प्राथमिकता दी जाए।
अपराधियों में बढ़ा पुलिस का भय
लगातार हो रही गिरफ्तारियों और अभियानों से जिले में अपराधियों के बीच पुलिस का खौफ बढ़ा है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि हत्या, लूट, चोरी, नकबजनी, मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध हथियार, गैंगस्टर गतिविधियां तथा संगठित अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
जिले में रात्रि गश्त, संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग और सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी भी बढ़ाई गई है।
कांवड़ मेला-2026 की सुरक्षा को लेकर हाई अलर्ट
दूसरी ओर आगामी श्रावण कांवड़ मेला-2026 को देखते हुए उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, जीआरपी और एसडीआरएफ सहित संबंधित अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया।
डीजीपी ने कहा कि कांवड़ मेला देश का अत्यंत विशाल धार्मिक आयोजन है, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
अभेद्य सुरक्षा घेरा रहेगा तैयार
डीजीपी के निर्देशानुसार इस बार कांवड़ मेले में एटीएस, एसटीएफ, बम निरोधक दस्ता (बीडीएस), अभिसूचना इकाइयां और एसडीआरएफ चौबीसों घंटे सक्रिय रहेंगी।
भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, प्रमुख मंदिरों, स्नान घाटों और यात्रा मार्गों पर ड्रोन तथा सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी रखी जाएगी।
संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखने के लिए रैपिड रिस्पॉन्स टीम हर समय तैयार रहेगी।
साइबर कमांडो रखेंगे सोशल मीडिया पर नजर
डीजीपी ने निर्देश दिए कि सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
हरिद्वार में साइबर कमांडो की विशेष टीम कैंप करेगी जो सोशल मीडिया और साइबर स्पेस पर चौबीसों घंटे निगरानी रखेगी।
किसी भी आपत्तिजनक पोस्ट या अफवाह पर तत्काल कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
यातायात व्यवस्था होगी विशेष
कांवड़ यात्रा के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग, वैकल्पिक मार्ग, पार्किंग स्थल और डायवर्जन की विस्तृत योजना लागू रहेगी।
उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और अन्य राज्यों के साथ समन्वय स्थापित कर श्रद्धालुओं को पहले से यातायात संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
भारी वाहनों का समयबद्ध डायवर्जन, अस्थायी पुलिस चौकियां, मोबाइल पेट्रोलिंग तथा पैदल कांवड़ियों के लिए अलग मार्ग सुनिश्चित किए जाएंगे।
रेलवे स्टेशनों पर विशेष व्यवस्था
रेलवे स्टेशनों, प्लेटफॉर्म, फुटओवर ब्रिज और ट्रेनों में भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा।
पूरे मेला क्षेत्र को सुपर जोन, जोन और सेक्टरों में विभाजित कर सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाएगी।
श्रद्धालुओं के सम्मान पर विशेष जोर
डीजीपी दीपम सेठ ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं के साथ सम्मानजनक और संवेदनशील व्यवहार किया जाए।
असामाजिक तत्वों, शरारती व्यक्तियों और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के विरुद्ध तत्काल कठोर कार्रवाई की जाएगी।
अपराध मुक्त देवभूमि की दिशा में मजबूत कदम
ऊधम सिंह नगर पुलिस की हालिया कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि एसएसपी अजय गणपति अपराध नियंत्रण, आधुनिक पुलिसिंग और जनसेवा—तीनों मोर्चों पर सक्रिय रणनीति के साथ कार्य कर रहे हैं। हत्या के आरोपी की त्वरित गिरफ्तारी, लाखों की चोरी का खुलासा, अंतर्राज्यीय नकबजन की गिरफ्तारी, खोए मोबाइलों की बरामदगी और संदिग्ध शस्त्र लाइसेंसों के विरुद्ध व्यापक अभियान इस बात का संकेत हैं कि जिले में कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
वहीं, कांवड़ मेला-2026 को लेकर डीजीपी दीपम सेठ के नेतृत्व में तैयार की गई व्यापक सुरक्षा योजना यह सुनिश्चित करने का प्रयास है कि करोड़ों श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित, सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो। उत्तराखंड पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराध, अव्यवस्था और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार कठोर और प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी।


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