ईरान और इजरायल के बीच छिड़ी जंग अब अपने सबसे निर्णायक और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है। पिछले 27 दिनों से जारी इस महायुद्ध में इजरायल और अमेरिका मिलकर ईरान पर काल बनकर टूट रहे हैं।

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इजरायल इस लड़ाई को महज एक सैन्य अभियान नहीं, बल्कि अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए ‘आर-पार की जंग’ मानकर लड़ रहा है। ईरान द्वारा इजरायल को अपना सबसे बड़ा दुश्मन घोषित करने और परमाणु हमले की बार-बार दी गई धमकियों के बाद अब इजरायल ने पलटवार की तैयारी पूरी कर ली है।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)

हथियारों से भरा 200वां जहाज इजरायल में लैंड

इजरायल के रक्षा मंत्रालय ने एक बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि उनके विशेष सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ (Operation Roaring Lion) को और भी घातक बनाने के लिए 200वां विशाल मालवाहक विमान इजरायल की धरती पर उतर चुका है। इस विमान में आधुनिक सैन्य साजो-सामान और भारी मात्रा में गोला-बारूद भरा हुआ है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन हथियारों का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ होने वाले अगले बड़े हवाई और समुद्री हमलों में किया जाएगा।

8,000 टन बारूद की हो चुकी है डिलीवरी

रक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, जब से यह जंग शुरू हुई है, तब से अब तक 200 से ज्यादा विमान और समुद्री जहाज सैन्य मदद लेकर इजरायल पहुंच चुके हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अब तक लगभग 8,000 टन युद्धक सामग्री की डिलीवरी दी जा चुकी है। अब इन घातक हथियारों को इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) अपनी रणनीति के हिसाब से अलग-अलग मोर्चों पर तैनात कर रही है। हालांकि, इजरायल ने सुरक्षा कारणों से यह खुलासा नहीं किया है कि ये हथियार कौन से हैं और उन्हें किन देशों से मंगाया गया है।

ईरानी कमांडर का खात्मा और नेतन्याहू की चेतावनी

इस पूरे सैन्य अभियान की कमान खुद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संभाल रखी है। उन्होंने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, “हम ईरानी आतंकी शासन के ठिकानों को पूरी ताकत से तबाह कर रहे हैं।” नेतन्याहू ने एक बड़ी कामयाबी का जिक्र करते हुए बताया कि इजरायली सेना ने रिवोल्यूशनरी गार्ड्स नेवी के उस टॉप कमांडर को मार गिराया है, जिसने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करवाने में मुख्य भूमिका निभाई थी। नेतन्याहू ने दो टूक कहा कि इस कमांडर के हाथ निर्दोषों के खून से रंगे थे।

यूएस-इजरायल की जुगलबंदी और ईरान का भविष्य

अमेरिका के साथ अपने मजबूत रिश्तों पर बात करते हुए नेतन्याहू ने कहा कि यह जंग संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल के साझा उद्देश्यों की जीत है। उन्होंने साफ कर दिया कि ईरान के पास अब सरेंडर करने के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा है। नेतन्याहू के मुताबिक, ईरान अपनी बर्बादी की ओर तेजी से बढ़ रहा है और उसे अपने किए की सजा भुगतनी ही होगी। इजरायल और अमेरिका का यह सहयोग दिखा रहा है कि आने वाले दिनों में ईरान पर हमले और भी तेज हो सकते हैं।


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