वीर माधो सिंह भण्डारी उत्तराखण्ड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के भारतीय ज्ञान परम्परा केंद्र का विधिवत संचालन प्रारम्भ हो गया। इस अवसर पर केंद्र के प्रथम व्याख्यान का आयोजन किया गया, जिसमें उपन्यासकार, कवि एवं संस्कृतिकर्मी अशोक जमनानी ने विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, साहित्य और ज्ञान परंपरा के महत्व से अवगत कराया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. तृप्ता ठाकुर के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने श्री अशोक जमनानी की साहित्यिक उपलब्धियों एवं उनके रचनात्मक योगदान का उल्लेख करते हुए भारतीय ज्ञान परम्परा केंद्र के उद्देश्यों को छात्र-छात्राओं के साथ साझा किया।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)
मूल रूप से होशंगाबाद निवासी अशोक जमनानी ने अपने व्याख्यान में कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा केवल प्राचीन ग्रंथों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की कला, नैतिक मूल्यों और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का समन्वय है। उन्होंने विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं को समझने और आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका श्री जमनानी ने विस्तारपूर्वक उत्तर दिया। उन्होंने अपनी कविताओं की कुछ पंक्तियाँ सुनाकर कार्यक्रम को साहित्यिक और भावनात्मक रंग भी प्रदान किया।
व्याख्यान के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन ने अशोक जमनानी को उनके साहित्यिक योगदान के लिए सम्मानित किया। उन्हें स्मृति चिन्ह विश्वविद्यालय के वित्त नियंत्रक बिक्रम सिंह जंतवाल तथा डॉ. मनोज कुमार पांडा द्वारा प्रदान किया गया।
उल्लेखनीय है कि अशोक जमनानी को साहित्य अकादमी मध्य प्रदेश का वीरसिंह जूदेव राष्ट्रीय पुरस्कार, दुष्यंत कुमार पुरस्कार, सिंधी साहित्य अकादमी का कृति पुरस्कार, केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय पुरस्कार, माधव ज्योति राष्ट्रीय अलंकरण, केंद्रीय साहित्य अकादमी की आथर्स ट्रेवल ग्रांट, राजभाषा वांग्मय अलंकरण तथा अखिल भारतीय साहित्य परिषद द्वारा मुंशी प्रेमचंद सम्मान सहित अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा जा चुका है।
कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. मनोज कुमार पांडा ने किया। इस अवसर पर डॉ. विशाल रामोला, डॉ. शिल्पी मित्तल पंवार, के.सी. मिश्रा, अंशु सिंह, डॉ. वर्तिका पंत एवं श्रद्धा सैनी सहित अनेक शिक्षकगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन महिला प्रौद्योगिकी संस्थान की छात्रा अदिति सिंह ने किया।
इस व्याख्यान से विश्वविद्यालय परिसर स्थित एफओटी, एफओपी, एफओएम एवं डब्ल्यूआईटी के छात्र-छात्राएं लाभान्वित हुए।

