रुद्रपुर में ठुकराल का शक्ति प्रदर्शन, कांग्रेस में नई पारी के साथ बदले सियासी समीकरण

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रुद्रपुर। उत्तराखंड की राजनीति में इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा में बने हुए राजकुमार ठुकराल ने कांग्रेस में शामिल होने के बाद रुद्रपुर में आयोजित अपनी पहली बड़ी प्रेस वार्ता के जरिए जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर जनसैलाब उमड़ पड़ा, जिससे यह स्पष्ट संकेत मिला कि ठुकराल की जमीनी पकड़ आज भी मजबूत बनी हुई है।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)


प्रेस वार्ता में रुद्रपुर और उधम सिंह नगर के कई दिग्गज नेताओं का जमावड़ा देखने को मिला। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और किच्छा से विधायक तिलक राज बेहड़ की मौजूदगी ने कार्यक्रम को विशेष राजनीतिक महत्व दिया। उनके साथ कांग्रेस के पुराने कार्यकर्ता और ठुकराल के व्यक्तिगत समर्थक भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि यहां केवल कांग्रेस संगठन से जुड़े लोग ही नहीं, बल्कि वे लोग भी बड़ी संख्या में पहुंचे जो व्यक्तिगत रूप से ठुकराल से जुड़े हुए हैं। इससे यह साफ हो गया कि उनकी लोकप्रियता केवल पार्टी तक सीमित नहीं, बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर भी व्यापक है।
इस दौरान बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों की मौजूदगी भी चर्चा का विषय रही। राजनीति के जानकार इसे ठुकराल की बदलती राजनीतिक रणनीति और व्यापक जनस्वीकार्यता के संकेत के रूप में देख रहे हैं। कभी अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहे ठुकराल आज अलग सामाजिक समीकरणों के साथ नई राजनीतिक पारी शुरू करते नजर आ रहे हैं।
रुद्रपुर के राजनीतिक गलियारों में अब 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय मतदाताओं और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यही माहौल बना रहा, तो राजकुमार ठुकराल रुद्रपुर सीट से मजबूत दावेदारी पेश कर सकते हैं।
ठुकराल के कांग्रेस में शामिल होने से भारतीय जनता पार्टी खेमे में भी हलचल देखी जा रही है। खासतौर पर रुद्रपुर के विधायक शिव अरोड़ा और मेयर विकास शर्मा के लिए यह राजनीतिक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, पूरे घटनाक्रम पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की नजर भी बनी हुई है।
प्रेस वार्ता के दौरान ठुकराल ने “पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी, पहाड़ के काम आनी चाहिए” का नारा देते हुए राज्य के विकास और युवाओं के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उनके इस बयान को भाजपा के खिलाफ एक व्यापक राजनीतिक अभियान की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तराई क्षेत्र में तिलक राज बेहड़ और राजकुमार ठुकराल की जोड़ी कांग्रेस के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है। यदि दोनों नेताओं का तालमेल इसी तरह बना रहा, तो इसका असर उधम सिंह नगर से लेकर देहरादून तक देखने को मिल सकता है।
कुल मिलाकर, रुद्रपुर में आयोजित इस प्रेस वार्ता ने यह साफ कर दिया है कि ठुकराल की कांग्रेस में एंट्री केवल एक राजनीतिक बदलाव नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सियासत में नए समीकरणों की शुरुआत है। आने वाले समय में उनका यह प्रभाव किस दिशा में जाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।


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