मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच हालात और गंभीर हो गए हैं. जानकारी के अनुसार, ईरान ने अमेरिकी F-15 फाइटर जेट को मार गिराने का दावा किया था जिसके बाद लापता पायलट को बचाने के लिए अमेरिकी स्पेशल फोर्स ने एक हाई-रिस्क रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है.

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रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह ऑपरेशन दुश्मन क्षेत्र के अंदर चलाया जा रहा है, जिससे स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई है.

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)

एक पायलट सुरक्षित, दूसरे की तलाश जारी

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जेट में सवार दो क्रू मेंबर्स में से एक को अमेरिकी बलों ने सुरक्षित निकाल लिया है, जबकि दूसरे पायलट की तलाश जारी है. बताया जा रहा है कि दोनों पायलट इजेक्ट करने में सफल रहे थे, लेकिन उनके अलग-अलग स्थानों पर गिरने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन कठिन हो गया है.

ईरान भी कर रहा तलाश

स्थिति को और पेचीदा बनाते हुए ईरान भी लापता पायलट की तलाश में जुटा है. कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि स्थानीय लोगों से भी पायलट को ढूंढने में मदद मांगी गई है. इससे अमेरिकी ऑपरेशन के सामने समय और सुरक्षा दोनों की चुनौती बढ़ गई है, क्योंकि अगर पायलट पहले ईरानी बलों के हाथ लग जाता है, तो हालात और बिगड़ सकते हैं.

रेस्क्यू मिशन के दौरान भी हमला

सूत्रों के अनुसार, पायलट को बचाने के लिए भेजे गए अमेरिकी हेलीकॉप्टरों और विमानों पर भी हमला हुआ था. हालांकि वे सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे थे. यह घटना मौजूदा संघर्ष का एक बड़ा टर्निंग पॉइंट मानी जा रही है, क्योंकि यह पहली बार है जब इस युद्ध में किसी अमेरिकी लड़ाकू विमान को ईरान के भीतर मार गिराया गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी स्पेशल फोर्स का सीधे ईरान में प्रवेश इस टकराव को और ज्यादा गंभीर बना सकता है. एक तरफ अमेरिका अपने पायलट को सुरक्षित वापस लाने की कोशिश कर रहा है, तो दूसरी ओर ईरान की सक्रियता इस मिशन को और कठिन बना रही है. फिलहाल, पूरी दुनिया की नजर इस ऑपरेशन पर टिकी है.


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