रुद्रपुर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान Wisdom Public Senior Secondary School में मातृ दिवस का आयोजन में सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं भारतीय संस्कारों और पारिवारिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त प्रयास साबित हुआ। विद्यालय की जूनियर शाखा में आयोजित इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि आधुनिक शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि बच्चों के भीतर संवेदनशीलता, सम्मान और पारिवारिक जुड़ाव के संस्कार भी विकसित होने चाहिए।
विद्यालय की सचिव Sudha Patwal, प्रधानाचार्या Dr. Shweta Madhwal तथा धृति फाउंडेशन की अध्यक्षा Leena Kandpal की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और गरिमामयी बना दिया। सरस्वती पूजा के साथ प्रारंभ हुए इस आयोजन में बच्चों ने अपनी माताओं के प्रति प्रेम, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त कर भावुक माहौल बना दिया।
आज के दौर में जब मोबाइल और डिजिटल दुनिया के कारण परिवारों के बीच भावनात्मक दूरी बढ़ती जा रही है, ऐसे कार्यक्रम बच्चों को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं। मातृ दिवस जैसे आयोजन बच्चों को यह सिखाते हैं जन्म देने वाली मां जीवन के हर संघर्ष में सबसे मजबूत आधार होती है। मां का त्याग, अनुशासन, ममता और प्रेरणा ही बच्चे के व्यक्तित्व को आकार देते हैं।
विद्यालय प्रबंधन का यह प्रयास निश्चित रूप से सराहनीय है कि उन्होंने शिक्षा को केवल परीक्षा परिणामों तक सीमित न रखकर सामाजिक और मानवीय मूल्यों से भी जोड़ा। ऐसे आयोजन बच्चों में आत्मविश्वास, संस्कार, अभिव्यक्ति क्षमता और पारिवारिक सम्मान की भावना विकसित करते हैं। यही कारण है कि Wisdom Public Senior Secondary School आज शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों की पाठशाला के रूप में भी अपनी अलग पहचान बना रहा है।
मदर्स डे पर विद्यालय की सचिव Sudha Patwal मैं अपने संबोधन में कहा
“मां जीवन की वह शक्ति है, जो बिना किसी स्वार्थ के अपने बच्चों के सपनों को आकार देती है। विद्यालय का उद्देश्य सभी बच्चों को शिक्षित करना , उन्हें संस्कारवान और संवेदनशील नागरिक बनाना भी है। जब बच्चे अपनी मां का सम्मान करना सीखते हैं, तभी समाज मजबूत बनता है। हर मां अपने बच्चे की पहली गुरु होती है और उसका आशीर्वाद जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। हमें गर्व है कि हमारा विद्यालय बच्चों में शिक्षा के साथ मानवीय मूल्यों और परिवार के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने का प्रयास लगातार कर रहा है।”


