उत्तराखंड के हरिद्वार वन प्रभाग के श्यामपुर रेंज में एक बाघ का नहीं बल्कि दो बाघों के शिकार किया गया है. पहले एक दो साल के नर बाघ का शव मिला था जिसके चारों पैर काटे गए थे. इसके बाद फॉरेस्ट विभाग की टीम ने पूरे जंगल की छानबीन की रेकी की गई, जिसके बाद मंगलवार शाम को एक और मादा बाघ का शव भी मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया है.

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दोनों टाइगर की मौत जहरीला पदार्थ खाने से हुई है. मंगलवार को वन विभाग ने एक वन गुर्जर को गिरफ्तार किया था और इसके बाद तीन और आरोपियों की तलाश जारी है.

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड

2017 में भी आया था ऐसा ही मामला

लंबे समय बाद उत्तराखंड में टाइगर के शिकार का मामला सामने आया है. साल 2017 में चिड़ियापुर में इसी तरह एक टाइगर को जहर देकर मारा गया था. इसके बाद यह पूरा क्षेत्र काफी संविधान सील हो गया था. लेकिन साल 2026 में 2 वर्ष के एक नर और एक मादा बाघ के शिकार का मामला सामने आते ही वन विभाग में हड़कंप मच गया है. पूरे उत्तराखंड में वन विभाग ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है, वहीं दोनों टाइगर की शिकार की घटना के बाद राज्य से लगी सीमाओं पर विशेष चौक से बरतने के निर्देश दिए गए हैं. इसके अलावा राज्य के अंदर सघन गस्त अभियान भी और तेज कर दिया गया है. चाहे वह राजा जी टाइगर नेशनल पार्क हो या कॉर्बेट टाइगर नेशनल पार्क. इसके अलावा अन्य नेशनल पार्क वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी अन्य वनप्रभागों में सघन कांबिंग अभियान तेज कर दिया गया है.

दोनो बाघों के पैर काटे, शव छिपाया

वन विभाग के मुताबिक बाघ का शिकार करने वाले जंगल में ही रहने वाले वन गुर्जर है. वन गुर्जरों ने एक मृत भैंस पर जहर डाल दिया था इसके बाद दोनों बाघ टाइगर भैंस के मांस को खाने पहुंचे और इसके बाद उनकी मौत हो गई. इसके बाद आरोपियों ने दोनों बाघों के चारों पैर काट दिए और फिर बाघ के शव को छुपा दिया. जानकारी के मुताबिक रात में बाघ की खाल और उसके दांत निकलना की योजना थी. लेकिन मुखबिर की सूचना के बाद एक को पकड़ लिया गया लेकिन बाकी तीन आरोपी फरार हो गए.

वन विभाग की टीम को पहले 2 साल के बाघ का शव मिला , इसके बाद वन विभाग की टीम ने पूरे जंगल की और उसे इलाके की रेकी की जहां पहले नर बाघ का शव मिला था. उससे करीब डेढ़ सौ से 200 मीटर दूर मादा बाघ का शव मिला. इस मादा बाघ के भी चारों पैर काटे गए थे और एक नाली में इसका शव छुपाया गया था. पकड़े गए आरोपी आलम उर्फ फम्मी पुत्र शमशेर निवासी गुज्जर डेरा, श्यामपुर को गिरफ्तार किया गया है. एक आरोपी आमिर हमजा उर्फ मियां पुत्र मायी, निवासी गुज्जर डेरा, श्यामपुर कम्पार्टमेंट संख्या-03 फरार है. जिसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है. इसके अलावा दो और आरोपी फरार है.

उत्तराखंड में हाई अलर्ट

अपर प्रमुख वन संरक्षक वन्य जीव विवेक पांडे ने एनडीटीवी को बताया कि पूरे राज्य में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. टाइगर का क्षेत्र हो या लेपर्ड वाला क्षेत्र सब जगह रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है. इसके अलावा फॉरेस्ट की सभी टीम लगातार क्षेत्र में जांच कर रही है और अभियान चला रही है.पुलिस से भी मदद ली जा रही है और सभी जानकारियां पुलिस विभाग के साथ साझा की गई है. अपर प्रमुख वन संरक्षक वन्य जीव विवेक पांडे ने बताया कि दोनों टाइगर 2 साल के थे और दोनों को ही जहर देकर मारा गया है. दोनों के चारों पंजे काटे गए हैं. लेकिन खाल और उसके दांत सुरक्षित है. अपर प्रमुख वन संरक्षण वन्य जीव विवेक पांडे ने कहा कि दोनों टाइगर का शिकार होना बेहद चिंताजनक है और इस तरह की घटना बहुत ही दुखद है.


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