किच्छा। किच्छा क्रय विक्रय समिति के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने सहकारिता के क्षेत्र में अपनी मजबूत पकड़ साबित करते हुए कांग्रेस को करारी शिकस्त दी है। समिति के अध्यक्ष पद पर कुमारी किरण राठौर तथा उपाध्यक्ष पद पर कमल ठठोला निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। चुनाव परिणाम के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड
बताया जा रहा है कि पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने सहकारिता चुनाव की रणनीति शुरू से अपने हाथों में संभाली थी। उनके नेतृत्व में दक्षिणी किच्छा, नारायणपुर, शांतिपुरी, बरा और बगवाड़ा किसान सेवा सहकारी समितियों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने चेयरमैन, वाइस चेयरमैन समेत अधिकांश डेलीगेट और डायरेक्टर पदों पर जीत दर्ज की।
19 मई को हुए निदेशक चुनाव में 13 में से 11 निदेशक भाजपा समर्थित निर्विरोध निर्वाचित हुए थे। इनमें कुमारी किरण राठौर, कमल ठठोला, राकेश ठाकुर, मनोज गंगवार, मनप्रीत कौर, भावना जोशी, प्रीति द्विवेदी, सोमवती, तौफीक अहमद, मनमोहन सक्सेना और नंदलाल गौतम शामिल रहे। वहीं कमलेंद्र सेमवाल को शासन की ओर से 14वें निदेशक के रूप में नामित किया गया।
आज हुए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव में कांग्रेस नामांकन तक दाखिल नहीं कर सकी। बताया गया कि कांग्रेस के पास 14 में से केवल दो निदेशक थे और वे नामांकन के लिए आवश्यक प्रत्याशी, प्रस्तावक और अनुमोदक तक नहीं जुटा सके।
इसके अलावा जिला सहकारी बैंक के लिए बिरजू प्रसाद, मूलचंद राठौर, आशीष शुक्ला और जसप्रीत कौर को निर्विरोध डेलीगेट चुना गया। तराई विकास संघ के लिए शिवांगी गंगवार, लालता प्रसाद, राकेश ठाकुर और संदीप अरोड़ा निर्विरोध डेलीगेट बने। यूसीएफ के लिए मनप्रीत कौर, केंद्रीय उपभोक्ता भंडार हल्द्वानी के लिए प्रतीक पंत और भावना जोशी तथा केंद्रीय उपभोक्ता भंडार रुद्रपुर के लिए नंदलाल, प्रीति द्विवेदी और पुरन गंगवार को निर्विरोध चुना गया।
इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष गोल्डी गोरया, संदीप अरोड़ा, जितेंद्र गौतम, नितिन वाल्मीकि, चंदन जायसवाल, भूपाल सिंह रावत, प्रकाश पंत, धनुज यादव समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
