भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जनपद में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. के.के. अग्रवाल ने वर्चुअल बैठक के माध्यम से जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारियों को हीट स्ट्रोक से निपटने के लिए तत्काल प्रभाव से व्यापक इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
सीएमओ ने सभी सरकारी अस्पतालों में 24 घंटे संचालित होने वाले विशेष ‘हीट स्ट्रोक वार्ड’ सक्रिय रखने के आदेश दिए हैं।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड
इन वार्डों में एसी, कूलर और पंखों की समुचित व्यवस्था रखने को कहा गया है ताकि लू से प्रभावित मरीजों को त्वरित राहत मिल सके। इसके साथ ही अस्पतालों में रिंगर लैक्टेट, ओआरएस घोल सहित आवश्यक जीवनरक्षक दवाइयों और आईवी फ्लूइड्स का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में लू से बचाव और शुरुआती उपचार को मजबूत बनाने के लिए आशा कार्यकर्ताओं को विशेष प्रशिक्षण देने का फैसला लिया गया है। ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे आशा कार्यकर्ताओं को हीट स्ट्रोक के शुरुआती लक्षण पहचानने और प्राथमिक उपचार देने के लिए प्रशिक्षित करें।
अस्पतालों में मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखने को कहा गया है। सभी वेटिंग एरिया में कूलर और एसी चालू रखने तथा शुद्ध और ठंडे पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सीएमओ डॉ. अग्रवाल ने आम लोगों से दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने, सूती कपड़े पहनने और शरीर में पानी की कमी न होने देने की अपील की है। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल से संपर्क करने को कहा गया है।
बैठक के दौरान राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम, मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम और गैर संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम की भी विस्तार से समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
संपादकीय,गर्मी अब केवल मौसम नहीं, बल्कि स्वास्थ्य आपदा का रूप लेती जा रही है। ऐसे समय में स्वास्थ्य विभाग द्वारा हीट स्ट्रोक वार्ड सक्रिय करना, दवाइयों का स्टॉक सुनिश्चित करना और आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने जैसे कदम सराहनीय हैं। लेकिन केवल सरकारी निर्देश पर्याप्त नहीं होंगे। आम जनता को भी सावधानी बरतनी होगी। लगातार बढ़ते तापमान ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले वर्षों में हीट वेव एक गंभीर चुनौती बनने वाली है। इसलिए प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और समाज—तीनों को मिलकर जागरूकता और तैयारी को प्राथमिकता देनी होगी।
