बाजपुर में आईडीबीआई बैंक एवं आध्यात्मिक क्षेत्र संस्थान के संयुक्त सहयोग से एक विशाल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। सामाजिक सेवा, मानवता और जनकल्याण की भावना को समर्पित इस शिविर में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, बैंक अधिकारियों, समाजसेवियों, पराविधिक कार्यकर्ताओं एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिविर के दौरान कुल 32 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया, जो भविष्य में जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनदायिनी साबित होगा।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ऊधम सिंह नगर की सचिव एवं सिविल जज (सीनियर डिवीजन) श्रीमती ममता पंत तथा ब्लॉक प्रमुख पति जोरावर सिंह फुलारा द्वारा संयुक्त रूप से फीता काटकर किया गया। उद्घाटन अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे मानवता की सबसे बड़ी सेवा बताया। उन्होंने कहा कि रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प उपलब्ध नहीं है और केवल मानव द्वारा किया गया रक्तदान ही किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन को बचा सकता है।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्रीमती ममता पंत ने स्वयं रक्तदान कर समाज के समक्ष एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि रक्तदान केवल एक सामाजिक दायित्व ही नहीं, बल्कि मानवता के प्रति हमारी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का प्रतीक भी है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से अपील की कि वे नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करें और समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास करें। उनके साथ पराविधिक कार्यकर्ता मोहम्मद शहीद एवं शिवानी ने भी रक्तदान कर लोगों को प्रेरित किया।
शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और रक्तदान कर मानव सेवा के इस महाअभियान को सफल बनाया। रक्तदाताओं में युवाओं का उत्साह विशेष रूप से देखने को मिला। शिविर में आए लोगों ने रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जरूरतमंद मरीजों की सहायता के लिए ऐसे आयोजनों को समय-समय पर आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम में आईडीबीआई बैंक की ओर से रीजनल हेड श्री गौतम राज छिब्बर, रीजनल कोऑर्डिनेटर श्री गुरबीर सिंह रंधावा, रीजनल कोऑर्डिनेटर श्री रोहित त्रिपाठी, रीजनल ऑफिस से श्री दिवाकर यादव, ब्रांच मैनेजर श्री पुष्पेंद्र कुमार, हरमन सिंह, अकबर एवं अरविंद सागर सहित बैंक के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने शिविर को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बैंक अधिकारियों ने कहा कि सामाजिक उत्तरदायित्व के अंतर्गत आईडीबीआई बैंक समय-समय पर जनहित से जुड़े कार्यक्रमों में सहभागिता करता रहा है और भविष्य में भी ऐसे सेवा कार्यों को निरंतर जारी रखा जाएगा।
शिविर में चिकित्सा एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व भी उपस्थित रहे। इनमें डॉ. हरिओम पांडे, डॉ. पूनम पांडे, गुरमुख सिंह, चंद्रजीत कौर, समीर चौहान, मनजीत हुसैन, अमरजीत चौधरी, सौरव वत्स, धीरेंद्र जोशी, लखविंदर सिंह नागी, भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य प्रबंधक जॉर्डन लाल, वरिष्ठ पत्रकार रमेश चंद्र, अमित सैनी, जीवन सैनी, समाजसेवी जगतार सिंह बाजवा तथा कबड्डी एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष मेजर सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी अतिथियों ने रक्तदान करने वाले लोगों का उत्साहवर्धन करते हुए इसे समाज के लिए अत्यंत आवश्यक सेवा बताया।
कार्यक्रम की सफलता में पराविधिक कार्यकर्ताओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। मोहम्मद शहीद, निशा परवीन, संगीता, शिवानी, अंजलि, शशि गुप्ता, बृजबाला शर्मा, ममता शर्मा एवं गीता जोशी ने शिविर के संचालन, जागरूकता एवं व्यवस्थाओं में सक्रिय योगदान दिया। इन सभी कार्यकर्ताओं ने रक्तदाताओं का मार्गदर्शन करने, पंजीकरण कराने तथा आयोजन को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई।
शिविर के दौरान समाजसेवी डॉ. सौरभ परमार, डॉ. एस. दीक्षित, जगतार सिंह बाजवा एवं मेजर सिंह सहित अन्य अतिथियों ने रक्तदाताओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया। सभी रक्तदाताओं को प्रमाण-पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान किए गए। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि रक्तदान केवल एक व्यक्ति की सहायता नहीं करता, बल्कि एक पूरे परिवार को नई आशा और जीवन प्रदान करता है। एक यूनिट रक्त कई गंभीर मरीजों के उपचार में सहायक हो सकता है और आपातकालीन परिस्थितियों में यह किसी के लिए जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर बन सकता है।
वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में सड़क दुर्घटनाओं, गंभीर बीमारियों, ऑपरेशन, प्रसव एवं अन्य चिकित्सीय आवश्यकताओं के कारण रक्त की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में स्वैच्छिक रक्तदान की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि रक्तदान पूरी तरह सुरक्षित प्रक्रिया है तथा स्वस्थ व्यक्ति नियमित अंतराल पर रक्तदान कर सकता है। इससे स्वास्थ्य पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता, बल्कि कई बार स्वास्थ्य जांच के रूप में भी यह लाभदायक सिद्ध होता है।
विश्व रक्तदाता दिवस का उद्देश्य लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करना तथा नियमित रक्तदान के लिए प्रेरित करना है। यह दिवस उन लाखों रक्तदाताओं को सम्मानित करने का अवसर भी प्रदान करता है, जो निस्वार्थ भाव से अपना रक्त दान कर अनेकों लोगों का जीवन बचाने में योगदान देते हैं। बाजपुर में आयोजित यह शिविर इसी उद्देश्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी वक्ताओं ने युवाओं, सामाजिक संगठनों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं से आगे आकर रक्तदान जागरूकता अभियान चलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि समाज का प्रत्येक स्वस्थ नागरिक वर्ष में कम से कम एक बार रक्तदान करने का संकल्प ले, तो रक्त की कमी से किसी भी मरीज की मृत्यु नहीं होगी।
शिविर के सफल आयोजन के लिए सेवा चैरिटेबल ब्लड बैंक के पदाधिकारियों ने सभी अतिथियों, रक्तदाताओं, आईडीबीआई बैंक, आध्यात्मिक क्षेत्र संस्थान, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चिकित्सा टीम, पराविधिक कार्यकर्ताओं तथा सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग और सहभागिता के कारण यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। भविष्य में भी इसी प्रकार के जनहितकारी कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे ताकि समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़े और अधिक से अधिक लोगों को जीवनदान मिल सके।
विश्व रक्तदाता दिवस पर आयोजित यह भव्य रक्तदान शिविर सामाजिक सेवा, जनजागरूकता, मानवीय संवेदनाओं और सामूहिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया। रक्तदाताओं का उत्साह, सामाजिक संस्थाओं का सहयोग और प्रशासनिक अधिकारियों की प्रेरणादायक सहभागिता यह दर्शाती है कि जब समाज एकजुट होकर मानवता के लिए कार्य करता है, तब सकारात्मक परिवर्तन संभव हो पाता है। बाजपुर में आयोजित यह आयोजन न केवल रक्त संग्रहण के दृष्टिकोण से सफल रहा, बल्कि इसने समाज में सेवा, सहयोग और परोपकार की भावना को भी नई ऊर्जा प्रदान की।
