नैनीताल/लंदन। रूस से भारत आ रहे प्रतिबंधित रूसी तेल से लदे टैंकर MV Smyrtos के भारतीय कप्तान अजय पंत की ब्रिटेन में गिरफ्तारी के बाद उनके परिवार ने भारत सरकार से सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की अपील की है। उत्तराखंड के नैनीताल निवासी अजय पंत पर ब्रिटेन ने रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों के उल्लंघन का आरोप लगाया है।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड।
वीडियो लिंक के जरिए कोर्ट में पेशी
जानकारी के अनुसार, 31 वर्षीय अजय पंत को 16 जून को बोर्नमाउथ पुलिस स्टेशन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से साउथैम्प्टन मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया। उन पर रूस सैंक्शन (EU एग्जिट) रेगुलेशन 2019 के तहत प्रतिबंधित रूसी तेल की आपूर्ति या डिलीवरी में शामिल होने का आरोप लगाया गया है।
वकील ने कहा- कप्तान सिर्फ आदेशों का पालन कर रहे थे
अजय पंत के वकील जेम्स डायमंड ने अदालत में दलील दी कि जहाज की मंजिल और माल के संबंध में निर्णय लेना उनके मुवक्किल का काम नहीं था। उन्होंने कहा कि पंत केवल कंपनी के निर्देशों का पालन करने वाले कर्मचारी हैं और उन्हें बलि का बकरा बनाया जा रहा है।
ब्रिटिश एजेंसियों ने की थी कार्रवाई
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 14 जून को रॉयल मरीन और नेशनल क्राइम एजेंसी (NCA) ने इंग्लिश चैनल में MV Smyrtos पर छापा मारा था। बताया गया कि जहाज बिना वैध राष्ट्रीय झंडे के ब्रिटिश समुद्री सीमा में प्रवेश कर गया था। कार्रवाई के दौरान अजय पंत को हिरासत में लिया गया।
जिला जज डेविड रॉबिन्सन ने मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई को बोर्नमाउथ क्राउन कोर्ट में निर्धारित की है। दोष सिद्ध होने पर पंत को अधिकतम 10 वर्ष तक की सजा हो सकती है।
उत्तराखंड सरकार ने केंद्र को लिखा पत्र
उत्तराखंड सरकार ने भी मामले में हस्तक्षेप करते हुए विदेश मंत्रालय (MEA) से अजय पंत की रिहाई और सुरक्षित वापसी के लिए मदद मांगी है। गृह सचिव शैलेश बगौली ने बताया कि दिल्ली स्थित राज्य के क्षेत्रीय आयुक्त केंद्रीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं।
ब्रिटेन स्थित भारतीय उच्चायोग को पंत से कांसुलर मुलाकात की अनुमति भी मिल चुकी है।
पत्नी बोलीं- मेरे पति का करियर बेदाग रहा
अजय पंत की पत्नी रितु पंत ने कहा कि उन्हें अपने पति की गिरफ्तारी की जानकारी ब्रिटिश मीडिया रिपोर्टों और सोशल मीडिया के माध्यम से मिली। उन्होंने कहा कि 15 वर्षों से अधिक के समुद्री करियर में उनके पति का रिकॉर्ड पूरी तरह साफ रहा है।
रितु पंत ने कहा, “मेरे पति सिर्फ अपनी कंपनी के आदेशों का पालन कर रहे थे। उनकी कोई व्यक्तिगत गलती नहीं है। हम भारत सरकार से उनकी सुरक्षित वापसी की अपील करते हैं।”
बिना झंडे के चल रहा था टैंकर
समुद्री व्यापार से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार, MV Smyrtos ने 4 जून को रूस के उस्त-लुगा टर्मिनल से करीब 1.01 लाख टन यूराल्स कच्चा तेल लोड किया था और गुजरात के सिक्का बंदरगाह की ओर जा रहा था।
बताया गया है कि जहाज पहले कैमरून के झंडे के तहत संचालित हो रहा था, लेकिन हाल ही में कैमरून ने इसे अपनी रजिस्ट्री से हटा दिया था। इसके बाद जहाज किसी भी देश के वैध झंडे के बिना संचालित हो रहा था।
ब्रिटेन ने बताया रूस की ‘शैडो फ्लीट’ का हिस्सा
ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय का दावा है कि MV Smyrtos उन जहाजों के नेटवर्क का हिस्सा है जिन्हें रूस के प्रतिबंधित तेल निर्यात के लिए इस्तेमाल किया जाता है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने इस अभियान को रूस के खिलाफ महत्वपूर्ण कार्रवाई बताते हुए कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से इस ऑपरेशन की निगरानी की थी।
फिलहाल जहाज डोरसेट के वेमाउथ तट के पास लंगर डाले खड़ा है। जहाज पर भारत और जॉर्जिया के कुल 24 चालक दल के सदस्य अभी भी मौजूद हैं और ब्रिटिश एजेंसियां सुरक्षा एवं पर्यावरणीय कारणों से उसकी निगरानी कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि मेरे पति बेगुनाह हैं और उन्होंने कुछ गलत नहीं किया। उन्होंने सरकार से अपने पति की सलामती और सुरक्षित वतन वापसी की अपील की है।
दरअसल, कैप्टन अजय पंत पर रूस से भारत के रास्ते में इंग्लिश चैनल पार करते समय जहाज को यूके की सीमा में अवैध रूप से घुसने का आरोप लगा है। उत्तराखंड के नैनीताल जिले के रहने वाले अजय पंत को ब्रिटिश सशस्त्र बलों ने बीते दिनों हिरासत में ले लिया था। जिसके बाद से उनका परिवार परेशान हैं। परिवार ने भारतीय सरकार और विदेश मंत्रालय से अजय की सकुशल सलामती से वतन वापसी की मांग की है।
38 वर्षीय अजय पंत मूल रूप से उत्तराखंड के नैनीताल जिले के रामनगर निवासी हैं। घटना के बाद उनकी पत्नी रितु पंत ने एक्स पर ट्वीट करते हुए लिखा है कि ‘मेरे पति कैप्टन अजय पंत टैंकर स्मायरटस के कप्तान को यूके अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया है।
पत्नी की सरकार से भावुक अपील
लिखा कि उनके पति ने कंपनी के निर्देशों का पालन करते हुए काम किया। जहाज के मालिकाना हक में उनकी कोई भूमिका नहीं है। मैं भारतीय सरकार और समुद्री अधिकारियों से मदद की अपील करती हूं’। परिवार ने विदेश मंत्रालय और राज्य व भारत सरकार से अजय को सकुशल हिरासत से बाहर निकालने की मांग की है। घर में उनकी पत्नी के अलावा मां और पिता परेशान हैं।
खुफिया विभाग और पुलिस को जानकारी तक नहीं
रामनगर निवासी अजय के यूके में सुरक्षा बलों के हिरासत में लिए जाने की खबर अब तक स्थानीय एलआईयू और पुलिस को नहीं है। पुलिस ने ऐसी जानकारी होने से साफ मना किया है। जबकि खुफिया विभाग को मीडिया के माध्यम से सूचना मिली। एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि परिवार से बात की जा रही है। जिसके बाद दूतावास तक उनकी जानकारी भेजी जाएगी।
