हल्द्वानी। उत्तराखंड के तराई क्षेत्र के जंगलों से बहुमूल्य खैर की लकड़ी की तस्करी के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के बहेड़ी स्थित एक गोदाम पर छापा मारकर करीब 25 घनमीटर खैर की लकड़ी और लट्ठे बरामद किए हैं। बरामद लकड़ी की अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये आंकी गई है।
प्रभागीय वनाधिकारी हिमांशु बागरी ने बताया कि पिछले कई दिनों से लगातार सूचना मिल रही थी कि उत्तराखंड के विभिन्न वन क्षेत्रों से अवैध रूप से खैर के पेड़ों का कटान कर लकड़ी को बहेड़ी के एक गोदाम में एकत्र किया जा रहा है। यहां लकड़ी की सफाई कर उसके गिल्टे तैयार कर अवैध रूप से बेचे जा रहे थे।
सूचना के आधार पर शनिवार सुबह तराई पूर्वी वन प्रभाग की विशेष टीम ने तड़के करीब छह बजे गोदाम पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में खैर की लकड़ी बरामद हुई, लेकिन गोदाम परिसर में कोई व्यक्ति मौजूद नहीं मिला। गोदाम संचालक मौके से फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।
वन विभाग ने इस मामले में भारतीय वन अधिनियम, 1927 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि केवल गोदाम संचालक ही नहीं, बल्कि पूरे तस्करी नेटवर्क की जांच की जा रही है, ताकि अवैध कटान और परिवहन में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
बरामद लकड़ी को तीन पिकअप और एक ट्रक के माध्यम से गौला रेंज परिसर में सुरक्षित रखवा दिया गया है। इस संयुक्त अभियान में एसडीओ गौला अनिल जोशी, एसडीओ सितारगंज सावित्री गिरी, रेंजर महेंद्र रैकुनी, चंदन अधिकारी, कैलाश गुणवंत, नवीन पवार, नवीन रैक्वाल सहित लगभग 50 वन अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे।
वन विभाग के अनुसार, खैर की लकड़ी की बाजार में ऊंची कीमत होने के कारण इसकी तस्करी लगातार चुनौती बनी हुई है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि अवैध कटान और तस्करी में शामिल गिरोहों के खिलाफ आगे भी सख्त अभियान जारी रहेगा।
तराई के जंगलों से खैर की लकड़ी की तस्करी का भंडाफोड़, 20 लाख की लकड़ी बरामद
