परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और जनआक्रोश को शांत करने के लिए सरकार प्रशासनिक स्तर पर बहुत बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में एनटीए के लगभग 47 अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टी की जाएगी, जिनमें से कई संदिग्ध कर्मचारियों पर सख्त कानूनी व अनुशासनात्मक कार्रवाई भी होगी।
1 महीने में बदलेगा NTA का पूरा ढांचा
सरकार का लक्ष्य केवल अधिकारियों को हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि अगले 1 महीने के भीतर एनटीए की पूरी कार्यप्रणाली और ढांचे का पुनर्गठन किया जाएगा। विशेषज्ञों की उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों के आधार पर एजेंसी के आउटसोर्सिंग के जरिए परीक्षा कराने के तरीके में भारी बदलाव किया जा रहा है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य एक ऐसी मजबूत और ‘लीक-प्रूफ’ प्रणाली तैयार करना है, जिससे भविष्य में प्रश्नपत्र लीक होने की गुंजाइश पूरी तरह खत्म हो जाए। ज्ञात हो कि एनटीए हर साल नीट, जेईई और सीयूईटी जैसी लगभग 15 से 20 राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करती है।
शिक्षा मंत्रालय का आज रात 8 बजे बड़ा धमाका!
परीक्षाओं की निष्पक्षता और सुरक्षा बहाल करने के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय आज रात 8 बजे एक बेहद अहम प्रेस वार्ता करने जा रहा है। माना जा रहा है कि इस घोषणा में एनटीए में होने वाले ऐतिहासिक प्रशासनिक बदलावों और नए सुरक्षा मानकों का पूरा खाका देश के सामने रखा जाएगा। हालांकि, आधिकारिक विवरण सार्वजनिक होना अभी बाकी है।
PM मोदी की मंत्रियों को खास अपील
दूसरी तरफ, बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की उच्चस्तरीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मंत्रिपरिषद के सदस्यों को एक अनोखा और नया गुरुमंत्र दिया। पीएम मोदी ने मंत्रियों से पूछा कि उनमें से कितने लोग इंस्टाग्राम जैसे लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय हैं। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि देश का सबसे बड़ा युवा वर्ग इस डिजिटल मंच पर मौजूद है। इसलिए केवल सरकारी योजनाओं का प्रचार करने के बजाय मंत्रियों को रील्स और आकर्षक डिजिटल कंटेंट बनाकर युवाओं के साथ सीधे संवाद स्थापित करना चाहिए।हमें WhatsApp पर फॉलो करें
