अरुणाचल में 60 किलोमीटर अंदर चीनी सेना के घुसने का दावा फर्जी, वायरल वीडियो निकले भ्रामक

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उत्तराखंड,नई दिल्ली/ईटानगर। अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना के भारत की सीमा में करीब 60 किलोमीटर तक घुसने और वहां नए सैन्य शिविर बनाने का दावा सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुआ। इस दावे को भारतीय सेना और PIB Fact Check ने फर्जी करार दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे वीडियो भारत-चीन सीमा की वास्तविक घटना से संबंधित नहीं हैं।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड


वायरल पोस्ट में दावा किया गया था कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने अरुणाचल प्रदेश के अपर सुबनसिरी जिले के तक्षिंग क्षेत्र में करीब 60 किलोमीटर अंदर तक पहुंचकर नए कैंप स्थापित कर लिए हैं। दावे के साथ सैनिकों के मार्च और सैन्य वाहनों से जवानों के उतरने के वीडियो भी साझा किए गए।
ने दावे को बताया फर्जी
PIB Fact Check ने सोशल मीडिया पर प्रसारित दावे की जांच के बाद स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो भारत-चीन सीमा से संबंधित नहीं हैं। इन्हें अलग संदर्भ के सैन्य वीडियो के रूप में साझा कर अरुणाचल प्रदेश की घटना से जोड़ दिया गया।
थाई सेना की ट्रेनिंग का वीडियो निकला
फैक्ट-चेक में सामने आया कि वायरल क्लिप में दिखाई दे रहे सैनिकों में से एक वीडियो थाईलैंड की सेना के प्रशिक्षण अभ्यास का है। जांच में वीडियो को रॉयल थाई आर्मी की सैन्य ट्रेनिंग से जोड़ा गया। यानी वीडियो में दिखाई दे रही गतिविधि का अरुणाचल प्रदेश या भारत-चीन सीमा से संबंध साबित नहीं हुआ।
इसके अलावा सोशल मीडिया पर एक तस्वीर और अन्य वीडियो भी कथित चीनी घुसपैठ के प्रमाण के तौर पर प्रसारित किए गए। जांच में एक तस्वीर AI से तैयार पाई गई, जबकि एक अन्य वायरल वीडियो जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का था।
भारतीय सेना ने भी दावे को खारिज किया
भारतीय सेना ने अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना द्वारा हालिया घुसपैठ और नए कैंप स्थापित करने संबंधी खबरों को आधारहीन बताया है। उपलब्ध आधिकारिक बयानों के अनुसार, 60 किलोमीटर अंदर तक चीनी सैनिकों के पहुंचने के दावे की पुष्टि करने वाला कोई आधिकारिक प्रमाण सामने नहीं आया है।
हालांकि भारत-चीन सीमा पर वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) को लेकर दोनों देशों की अलग-अलग धारणाएं हैं और गश्त के दौरान स्थानीय स्तर पर घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे मामलों को सोशल मीडिया पर सीधे किसी बड़े सैन्य कब्जे या 60 किलोमीटर अंदर घुसपैठ के रूप में प्रस्तुत करना तथ्यात्मक स्थिति को बदल सकता है।
सोशल मीडिया यूजर्स से अपील
सीमा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मामलों में बिना पुष्टि के वीडियो, फोटो और संदेश साझा करने से अफवाहों को बढ़ावा मिलता है। इसलिए किसी भी वायरल दावे को आगे बढ़ाने से पहले भारतीय सेना, PIB Fact Check और अन्य आधिकारिक स्रोतों की जानकारी देखना जरूरी है।
फिलहाल उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के आधार पर अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना के 60 किलोमीटर अंदर घुसने का वायरल दावा फर्जी और भ्रामक है।


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