देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर अपनी रणनीति को और स्पष्ट करते हुए स्थायी आमंत्रित (पदेन) सदस्यों की सूची सामने रखी है। सूची में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों, केंद्रीय नेताओं, सांसदों, मंत्रियों और वरिष्ठ भाजपा नेताओं को स्थान दिया गया है।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
स्थायी आमंत्रित सदस्यों में पुष्कर सिंह धामी, त्रिवेंद्र सिंह रावत, डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, विजय बहुगुणा, तीरथ सिंह रावत, नरेश बंसल, अनिल बलूनी, अजय टम्टा, मनोहर कांत ध्यानी, बिशन सिंह चुफाल, अजय भट्ट, बंशीधर भगत, मदन कौशिक, माला राज्य लक्ष्मी शाह, डॉ. कल्पना सैनी, सतपाल महाराज, डॉ. धन सिंह रावत, गणेश जोशी, रेखा आर्या, सुबोध उनियाल, सौरभ बहुगुणा, खजान दास, प्रदीप बंत्रा, भरत सिंह चौधरी और राम सिंह कैड़ा समेत कई प्रमुख नाम शामिल हैं।
मिशन 2027 के लिए अनुभव और संगठन का मेल
भाजपा की इस सूची को 2027 के विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी ने अलग-अलग क्षेत्रों और संगठनात्मक जिलों में प्रभाव रखने वाले वरिष्ठ चेहरों को एक साथ मंच पर रखते हुए चुनावी रणनीति में अनुभव और राजनीतिक प्रभाव का संतुलन साधने का संकेत दिया है।
पूर्व मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी पार्टी के लिए राजनीतिक अनुभव का आधार बनेगी, जबकि वर्तमान सरकार के मंत्री और संगठन से जुड़े नेता आगामी चुनावी अभियान को जमीन पर मजबूती देने की भूमिका में दिखाई देंगे।
तराई से पहाड़ तक नजर
सूची में ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, हरिद्वार, देहरादून, पौड़ी, अल्मोड़ा, टिहरी, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग और अन्य क्षेत्रों से जुड़े नेताओं की मौजूदगी बताती है कि भाजपा मिशन 2027 में क्षेत्रीय संतुलन को भी महत्व दे रही है।
राजनीतिक हलकों में इसे ‘अनुभव + संगठन + क्षेत्रीय प्रभाव’ के फार्मूले के तौर पर देखा जा रहा है। 2027 के चुनाव में सत्ता बरकरार रखने के भाजपा के लक्ष्य के लिए यह टीम महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
