उत्तराखंड में अगले दो दिन भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में ऑरेंज चेतावनी जारी
देहरादून। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर आक्रामक रूप में दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। लगातार हो रही वर्षा के कारण मैदानी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन गई है, जबकि पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन की घटनाओं से लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
मौसम विभाग ने रविवार के लिए देहरादून, चंपावत, बागेश्वर, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं अत्यधिक वर्षा, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। कई स्थानों पर वर्षा के तीव्र और अत्यंत तीव्र दौर देखने को मिल सकते हैं।
लगातार हो रही बारिश का असर तापमान पर भी दिखाई दे रहा है। राजधानी देहरादून में तापमान लगभग चार डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में भी भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों के किनारे जाने से परहेज करने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
राहुल गांधी से मिले उत्तराखंड के कर्मचारी और बेरोजगार, मांगों को घोषणा पत्र में शामिल करने का आश्वासन
देहरादून। उत्तराखंड के कर्मचारियों, युवाओं और बेरोजगारों की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने के उद्देश्य से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में विभिन्न कर्मचारी संगठनों और बेरोजगार संघ के प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की।
बैठक के दौरान पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा, उपनल कर्मचारी संगठन, नर्सिंग कर्मचारी संघ और उत्तराखंड बेरोजगार संघ के प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों को विस्तार से रखा।
प्रतिनिधिमंडल ने पुरानी पेंशन व्यवस्था को दोबारा लागू करने, उपनल कर्मचारियों के नियमितीकरण, नर्सिंग कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान और बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार एवं भर्ती प्रक्रिया में सुधार जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
राहुल गांधी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि कर्मचारियों, युवाओं और बेरोजगारों से जुड़े सभी मुद्दों का गंभीरता से अध्ययन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन महत्वपूर्ण विषयों को कांग्रेस के आगामी घोषणा पत्र में शामिल करने पर विचार किया जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल में उत्तराखंड बेरोजगार संघ के राम कंडवाल, सुरेश सिंह, नितिन दत्ता और बिट्टू वर्मा सहित विभिन्न संगठनों के कई पदाधिकारी शामिल रहे। प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई कि लंबे समय से लंबित मांगों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाए जाने से समाधान का रास्ता खुलेगा।
‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ का बढ़ेगा दायरा, स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बड़ा बाजार
देहरादून। उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए शुरू किए गए राज्य के अंब्रेला ब्रांड ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ का दायरा अब और बढ़ाया जाएगा। वर्तमान में इस ब्रांड के अंतर्गत 75 स्थानीय उत्पाद शामिल हैं, जबकि सरकार इनकी संख्या को दोगुना करने की तैयारी कर रही है।
ग्राम्य विकास विभाग ने सभी जिलों से ऐसे प्रमुख और विशिष्ट स्थानीय उत्पादों का विवरण मांगा है, जिनमें बड़े स्तर पर उत्पादन और बाजार में मांग पैदा करने की क्षमता हो।
जिलों से प्राप्त प्रस्तावों का शासन और निदेशालय स्तर पर परीक्षण किया जाएगा। गुणवत्ता, स्थानीय विशेषता, उत्पादन क्षमता और बाजार की संभावनाओं के आधार पर नए उत्पादों का चयन किया जाएगा।
जनवरी 2025 से अब तक ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ के माध्यम से छह करोड़ रुपये से अधिक के उत्पादों की बिक्री हो चुकी है। यह उपलब्धि राज्य के स्थानीय उत्पादों की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाती है।
इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देना, स्वयं सहायता समूहों को मजबूत करना और स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग तथा विपणन को नई दिशा देना है।
अपर सचिव ग्राम्य विकास एवं ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ की प्रबंध निदेशक झरना कमठान ने बताया कि जिलों से प्रस्ताव मिलने के बाद उनका परीक्षण किया जाएगा और चयनित उत्पादों को चरणबद्ध तरीके से इस ब्रांड के अंतर्गत शामिल किया जाएगा। इससे प्रत्येक जिले की विशिष्ट पहचान को नई मजबूती मिलेगी और स्थानीय उत्पादकों की आय में वृद्धि होगी।
