इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर बवाल: शिक्षा मंत्री के हटने के बाद भी भिड़े प्रदर्शनकारी, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले

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  • इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर बवाल: शिक्षा मंत्री के हटने के बाद भी भिड़े प्रदर्शनकारी, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले
  • धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर: जंतर-मंतर पर उपद्रव के बीच CJP ने ‘गुड फेथ’ में आंदोलन वापस लेने का किया ऐलान
  • अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर पांच हफ्तों से चल रहा छात्रों का आंदोलन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) द्वारा आधिकारिक रूप से समाप्त कर दिया गया है। सरकार और आंदोलनकारियों के बीच हुई सकारात्मक बातचीत के बाद छात्र संगठनों ने ‘गुड फेथ’ (सद्भावना) के तहत प्रदर्शन वापस लेने का फैसला किया है। वर्तमान में दिल्ली पुलिस लाउडस्पीकर के जरिए घोषणा कर रही है और छात्र शांतिपूर्वक आयोजन स्थल खाली कर अपने घरों की ओर लौट रहे हैं।इस पूरे घटनाक्रम और ताजा स्थिति पर लाइव बुलेटिन नीचे दिया गया है:📢 लाइव प्रसारण: जंतर-मंतर से सीधी ग्राउंड रिपोर्ट हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स अवतार सिंह बिष्ट इस्तीफा मंजूर, नया प्रभार: राष्ट्रपति ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और [केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।आंदोलन खत्म होने की घोषणा: CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि सरकार के साथ बातचीत सफल रही है और सभी प्रदर्शनकारियों से तुरंत धरना खत्म करने की अपील की गई है।सुरक्षा के कड़े इंतजाम: जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है। दिल्ली मेट्रो ने एहतियात के तौर पर केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक और मंडी हाउस जैसे नजदीकी स्टेशनों के कुछ निकास द्वार बंद किए थे, जिन्हें स्थिति सामान्य होने पर खोला जा रहा है।जश्न का माहौल: इस्तीफा स्वीकार होने के बाद छात्रों ने जंतर-मंतर पर रंग उड़ाकर और नारे लगाकर अपनी जीत का जश्न मनाया। आंदोलन के संस्थापक अभिजीत दिपके ने इसे देश के युवाओं और लोकतंत्र की जीत बताया है।🔍 इस्तीफा होने के बाद भी कुछ देर क्यों रुकी रही भीड़?सोशल मीडिया और वीडियो में दिख रही कुछ देर की गहमा-गहमी या हुल्लड़बाजी के पीछे मुख्य वजहें

सरकार ने मान ली मांगे (शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और नहीं होगा किसी कॉकरोच पर केस), फिर भी नहीं सुधरे कॉकरोच,
जंतर-मंतर पर दिल्ली पुलिस पर दीपके के मुरीदों का हमला,
पत्थरों के साथ लाठी-डंडों का भी दुरूपयोग,
सड़कों और चौराहों पर खुले उपद्रव से आम लोग दहशत में..

निम्नलिखित थीं:अतिरिक्त मांगें: CJP नेतृत्व ने शुरू में कहा था कि केवल इस्तीफा काफी नहीं है। वे NEET पेपर लीक के तनाव के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने और सोमवार को हुए पुलिस लाठीचार्ज के दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।भ्रम की स्थिति: अचानक आई इस्तीफे की खबर के बाद मैदान पर मौजूद हजारों छात्रों के बीच तालमेल बिठाने और सरकार से लिखित आश्वासन मिलने तक कुछ संगठन वहां डटे रहे।पुलिस की कार्रवाई: शनिवार दोपहर को जब अचानक भीड़ अनियंत्रित होने लगी, तो पुलिस ने आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया था, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी मच गई थी।विवरणविवाद का कारणमई 2026 में आयोजित हुई NEET-UG परीक्षा के पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोप।प्रमुख आंदोलनकारीकॉकरोच जनता पार्टी (CJP) (एक छात्र आंदोलन) और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक।मुख्य मांगकेंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता।सरकार का कदममामले की जांच CBI को सौंपी गई और भविष्य में परीक्षा CBT (कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट) मोड में कराने का फैसला लिया गया।वर्तमान स्थितिशिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद आंदोलन पूरी तरह वापस ले लिया गया है।ताजा अपडेट: जंतर-मंतर पर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। छात्र शांतिपूर्वक अपने गंतव्य की ओर जा रहे हैं और दिल्ली पुलिस यातायात व कानून-व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने के लिए मौके पर मुस्तैद है।राष्ट्रपति ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार किया,

🚨 इस्तीफा स्वीकार होने के बाद क्यों मचा उपद्रव?
क्रेडिट लेने की होड़ और भ्रम: इस्तीफा स्वीकार होने की खबर आते ही जंतर-मंतर पर जुटे विभिन्न छात्र गुटों में भ्रम फैल गया। कुछ उग्र संगठन तुरंत प्रधानमंत्री के भी इस्तीफे की मांग करने लगे, जिससे माहौल बिगड़ गया।

पुलिस से सीधी झड़प: भीड़ को जंतर-मंतर की तय सीमा में रोकने के लिए जब दिल्ली पुलिस ने घेराबंदी की, तो प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स पर चढ़कर हूटिंग और धक्का-मुक्की शुरू कर दी।
आंसू गैस और लाठीचार्ज: स्थिति हाथ से निकलते देख सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े, जिससे पूरे लुटियंस दिल्ली इलाके में कुछ घंटों के लिए अफरा-तफरी मच गई।
🛑 देर रात का बड़ा घटनाक्रम: आंदोलन पूरी तरह खत्म
सरकार और CJP की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस: उपद्रव के कुछ घंटों बाद, शनिवार देर रात केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने आंदोलनकारी संगठन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के प्रवक्ताओं (सौरव दास और आशुतोष रांका) के साथ एक संयुक्त प्रेस वार्ता की।
मांगें पूरी, धरना वापस: सरकार द्वारा CJP के पांच सूत्रीय चार्टर और अन्य मांगों (जैसे पेपर लीक से प्रभावित छात्रों के लिए सुधारात्मक कदम) पर लिखित सहमति देने के बाद, CJP ने आंदोलन को तत्काल प्रभाव से वापस लेने (Call Off) का ऐलान कर दिया।

मैदान कराया गया खाली: रातभर चले नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) के विशेष स्वच्छता अभियान के बाद, जंतर-मंतर से सभी तंबू, मंच और बैनर पूरी तरह हटा दिए गए हैं। प्रदर्शनकारी छात्र शांतिपूर्वक अपने घरों को लौट चुके हैं।
नए शिक्षा मंत्री का पहला बयान और CJP की चेतावनी
प्रल्हाद जोशी ने संभाला प्रभार: इस्तीफा स्वीकार होने के बाद शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे [केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी]ने जिम्मेदारी मिलने पर प्रधानमंत्री का आभार जताया और कहा कि वे छात्रों के हित में पूरी निष्ठा से काम करेंगे।


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