उत्तराखंड में एक साथ चार मोर्चों पर चुनौती: स्वाइन फ्लू के 336 मामले, डेंगू का बढ़ता खतरा, SIR की तारीख बढ़ी और 10 लाख लोगों को पेंशन

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उत्तराखंड में चार मोर्चों पर चुनौती: स्वाइन फ्लू के 336 मामले, डेंगू का बढ़ता खतरा, SIR की तारीख बढ़ी, 10 लाख को पेंशन
देहरादून। उत्तराखंड में एक ओर मौसम लगातार करवट बदल रहा है, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग के सामने स्वाइन फ्लू, कोविड-19 और डेंगू जैसे संक्रमणों की चुनौती बनी हुई है। इसी बीच प्रदेश की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए निर्वाचन आयोग ने अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख आगे बढ़ा दी है। दूसरी तरफ सामाजिक सुरक्षा पेंशन के रूप में राज्य सरकार ने करीब 10 लाख लाभार्थियों के खातों में 147 करोड़ रुपये से अधिक की राशि पहुंचाई है। इस तरह प्रदेश में स्वास्थ्य, मौसम, निर्वाचन और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े चार महत्वपूर्ण घटनाक्रम एक साथ सामने आए हैं।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड


स्वाइन फ्लू के आठ नए मरीज, आंकड़ा 336 पहुंचा
देहरादून जिले में एच1एन1 यानी स्वाइन फ्लू का संक्रमण लगातार सामने आ रहा है। सोमवार को 71 सैंपल जांच के लिए लिए गए, जिनमें आठ लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई। नए संक्रमितों में चार देहरादून और चार अन्य जिलों के बताए गए हैं। इसी दिन आठ मरीज उपचार के बाद स्वस्थ भी हुए।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में अब तक एच1एन1 के कुल 336 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें 185 पुरुष और 151 महिलाएं शामिल हैं। उम्र के लिहाज से 61 से 70 वर्ष आयु वर्ग सबसे अधिक प्रभावित है। इस आयु वर्ग में 58 मरीज सामने आए हैं। इसके बाद 51 से 60 वर्ष आयु वर्ग में 57, 21 से 30 वर्ष में 37, 41 से 50 वर्ष में 34, 71 से 80 वर्ष में 31, 31 से 40 वर्ष में 24, 1 से 10 वर्ष में 21, 11 से 20 वर्ष में 18 और 81 से 90 वर्ष में 13 मरीज शामिल हैं।
आंकड़े संकेत दे रहे हैं कि बुजुर्ग आबादी को लेकर स्वास्थ्य विभाग को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। संक्रमण की पुष्टि के बाद मरीजों के उपचार के साथ-साथ संपर्क में आए लोगों की निगरानी और समय पर जांच महत्वपूर्ण हो जाती है।
कोविड के दो नए मरीज
स्वाइन फ्लू के साथ कोविड संक्रमण के मामले भी सामने आ रहे हैं। सोमवार को कोविड के 40 सैंपल की जांच की गई, जिनमें दो मरीज संक्रमित पाए गए। इनमें एक देहरादून और दूसरा अन्य जिले का है। एक मरीज उपचार के बाद स्वस्थ हुआ।
जिले में अब तक कोविड के कुल 43 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। चार मरीज फिलहाल अस्पतालों में उपचाराधीन बताए गए हैं। राहत की बात यह है कि जिले में कोविड संक्रमण से अब तक किसी मौत की सूचना सामने नहीं आई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए यह स्थिति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बारिश और बदलते मौसम के बीच वायरल संक्रमण के लक्षणों में कई बार समानता दिखाई देती है। ऐसे में बिना जांच के बीमारी की पहचान करना मुश्किल हो सकता है।
डेंगू ने भी बढ़ाई चिंता
देहरादून में डेंगू के आठ नए मरीज सामने आए हैं। इनमें चार देहरादून और चार अन्य जिलों के हैं। आठ मरीज उपचार के बाद स्वस्थ भी हुए हैं। फिलहाल 11 मरीज अस्पतालों में उपचाराधीन हैं।
जिले में डेंगू संक्रमण के कुल मामले अब 138 तक पहुंच चुके हैं। इनमें 127 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं और 11 मरीजों का उपचार चल रहा है। डेंगू से अब तक किसी मौत की सूचना दर्ज नहीं की गई है।
डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की ओर से घर-घर सर्वे अभियान चलाया जा रहा है। सोमवार को ही डेंगू की जांच के लिए 804 सैंपल लिए गए। आशा कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों ने 13,010 घरों का सर्वे किया। इस दौरान 71,515 कंटेनरों की जांच की गई और 274 कंटेनरों में डेंगू का लार्वा पाया गया।
यह आंकड़ा साफ करता है कि डेंगू की चुनौती केवल अस्पतालों तक सीमित नहीं है। घरों और आसपास जमा पानी में मच्छरों के प्रजनन की स्थिति को रोकना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
चिकनगुनिया के 82 मामले
डेंगू के साथ चिकनगुनिया के मामले भी सामने आए हैं। जिले में सोमवार तक चार नए मामले दर्ज किए गए। इसके साथ ही चिकनगुनिया के कुल मामलों की संख्या 82 पहुंच गई है।
स्वास्थ्य विभाग के सामने अब एक साथ कई मौसमी और वायरल संक्रमणों की निगरानी की चुनौती है। बारिश के बाद जगह-जगह जमा पानी मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल वातावरण पैदा करता है। ऐसे में घरों के आसपास पानी जमा होने से रोकना और बुखार की स्थिति में समय पर जांच कराना बेहद जरूरी है।
मौसम के बदले तेवर, पहाड़ों में बारिश और मैदानों में धूप
उत्तराखंड में मौसम का मिजाज भी लगातार बदल रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में बौछारों का दौर जारी है, जबकि मैदानी इलाकों में बारिश की रफ्तार कुछ धीमी पड़ती दिखाई दे रही है। कुमाऊं के कुछ हिस्सों में जोरदार बारिश दर्ज की गई है। मैदानी क्षेत्रों में आंशिक बादलों के बीच धूप खिलने लगी है।
देहरादून में सोमवार को सुबह से बादल छाए रहे। दोपहर में तेज बारिश हुई, जबकि शाम को आसमान साफ होने के बाद चटख धूप निकल आई। गढ़वाल के पर्वतीय क्षेत्रों में कई स्थानों पर बौछारें हुईं और कुमाऊं के कुछ हिस्सों में भारी वर्षा दर्ज की गई।
मौसम विभाग ने पर्वतीय जिलों के साथ ऊधमसिंह नगर में कहीं-कहीं भारी बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। अन्य मैदानी क्षेत्रों में आंशिक बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। ताजा मौसम रिपोर्ट में भी ऊधमसिंह नगर समेत पर्वतीय क्षेत्रों में वर्षा की संभावना को लेकर चेतावनी दी गई है।
बारिश के बाद तापमान में उतार-चढ़ाव और उमस के कारण वायरल संक्रमण तथा मच्छरजनित बीमारियों के बढ़ने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के लिए मौसम की निगरानी के साथ बीमारी की निगरानी भी महत्वपूर्ण हो गई है।
SIR: अंतिम मतदाता सूची अब 3 अक्टूबर को
उत्तराखंड में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया को लेकर निर्वाचन आयोग ने बड़ा बदलाव किया है। पहले अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 15 सितंबर 2026 को प्रस्तावित था। अब यह सूची 3 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने देहरादून में प्रेस वार्ता के दौरान संशोधित कार्यक्रम की जानकारी दी। दावों और आपत्तियों के निस्तारण के लिए अब 28 सितंबर तक का समय दिया गया है। इसके बाद 3 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची का औपचारिक प्रकाशन होगा।
14 जुलाई को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में प्रदेश में 71,33,785 मतदाता दर्ज थे। इनमें से 24,30,387 मामलों में नोटिस जारी किए गए थे। निर्वाचन आयोग के अनुसार 24,29,524 नोटिस की सुनवाई पूरी हो चुकी है, जबकि 863 मामलों की सुनवाई अभी बाकी है। इस तरह नोटिस से संबंधित लगभग 99.96 प्रतिशत मामलों की सुनवाई पूरी हो चुकी है।
फॉर्म 6, 7 और 8 ने बढ़ाई चुनौती
SIR प्रक्रिया में सबसे बड़ी चुनौती फॉर्म 6, फॉर्म 7 और फॉर्म 8 से जुड़े दावों और आपत्तियों के निस्तारण की है।
14 जुलाई से 13 अगस्त के बीच आयोग को कुल 3,19,309 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें फॉर्म 6 के 1,37,146, फॉर्म 7 के 1,30,382 और फॉर्म 8 के 51,781 आवेदन शामिल हैं।
इन आवेदनों में नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, नाम हटाने और मतदाता सूची में संशोधन से संबंधित मामले शामिल हैं। बड़ी संख्या में आवेदन लंबित होने के कारण आयोग को प्रक्रिया पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय देना पड़ा है।
आगामी विधानसभा चुनावों के लिहाज से SIR की अंतिम सूची बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अंतिम मतदाता सूची में नाम, पता और अन्य विवरणों की शुद्धता चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता से सीधे जुड़ी है।
9.91 लाख लोगों के खातों में पहुंची पेंशन
इसी बीच सामाजिक सुरक्षा के मोर्चे पर राज्य सरकार ने करीब 10 लाख लाभार्थियों को राहत दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अगस्त 2026 की सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि वन-क्लिक सिस्टम के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी।
कुल 9,91,914 लाभार्थियों के खातों में 147 करोड़ 05 लाख रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की गई। सरकारी आंकड़ों के अनुसार इनमें 2,14,711 लाभार्थी राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम यानी NSAP के तहत और 7,77,203 लाभार्थी राज्य की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के अंतर्गत आते हैं।
अगस्त में जारी राशि में करीब 140.11 करोड़ रुपये राज्यांश और 6.94 करोड़ रुपये केंद्रांश शामिल हैं।
5,605 नए लोगों को पेंशन की मंजूरी
सरकार ने सिर्फ मौजूदा लाभार्थियों को पेंशन की राशि जारी करने तक ही प्रक्रिया सीमित नहीं रखी। अगस्त में 5,605 नए लाभार्थियों की पेंशन भी स्वीकृत की गई।
इनमें 3,945 वृद्धावस्था पेंशन, 1,000 विधवा पेंशन, 416 दिव्यांग पेंशन, 106 किसान पेंशन, 23 परित्यक्ता पेंशन और 115 भरण-पोषण अनुदान के लाभार्थी शामिल हैं।
राज्य में वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग, किसान, परित्यक्ता, भरण-पोषण अनुदान, तीलू रौतेली और बौना पेंशन जैसी योजनाओं के माध्यम से पात्र लोगों को आर्थिक सहायता दी जाती है।
बीमारी, बारिश और व्यवस्था—तीनों की परीक्षा
उत्तराखंड में मौजूदा तस्वीर कई स्तरों पर प्रशासन के लिए चुनौती पेश कर रही है। एक तरफ स्वाइन फ्लू के कुल मामले 336 तक पहुंच चुके हैं, कोविड के मामले भी सामने आ रहे हैं और डेंगू के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। दूसरी तरफ बारिश के कारण पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बदल रहा है।
इसी समय निर्वाचन आयोग SIR की लंबी प्रक्रिया को अंतिम चरण तक पहुंचाने में जुटा है। 24 लाख से अधिक नोटिस मामलों में लगभग पूरी हो चुकी सुनवाई के बावजूद फॉर्म 6, 7 और 8 के लाखों आवेदन प्रक्रिया में हैं। अंतिम मतदाता सूची की तारीख 15 सितंबर से बढ़ाकर 3 अक्टूबर किया जाना इसी प्रशासनिक दबाव को दर्शाता है।
वहीं सामाजिक सुरक्षा पेंशन का भुगतान सरकार के लिए राहत देने वाला कदम है। करीब 10 लाख लोगों तक एक साथ धनराशि पहुंचने से बुजुर्गों, विधवाओं, दिव्यांगों और अन्य जरूरतमंद वर्गों को आर्थिक सहारा मिला है।
कुल मिलाकर उत्तराखंड इस समय स्वास्थ्य सुरक्षा, मौसम की चुनौती, चुनावी शुद्धता और सामाजिक सुरक्षा—चारों मोर्चों पर एक साथ काम कर रहा है। आने वाले सप्ताह प्रशासन की कार्यक्षमता की दृष्टि से महत्वपूर्ण होंगे। स्वास्थ्य विभाग को संक्रमणों की रोकथाम पर जोर देना होगा, आपदा प्रबंधन तंत्र को बारिश पर नजर रखनी होगी, निर्वाचन मशीनरी को SIR के लंबित मामलों का निस्तारण करना होगा और सामाजिक कल्याण विभाग को यह सुनिश्चित करना होगा कि पात्र लाभार्थियों तक पेंशन समय पर पहुंचती रहे।


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