फायर ब्रिगेड की टीम आग बुझाने के साथ राहत और बचाव कार्य में जुटी है. मुख्यमंत्री ने घटना पर दुख जताया है। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित परिजनों से संवाद स्थापित कर हर संभव सहायता उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं, साथ ही घायलों के समुचित इलाज करवाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया है.
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा, “अभी ऊपरी मंजिल पर कोई नहीं है। पहली मंजिल की दीवार तोड़कर कर्मचारी अंदर गए हैं, धुंआ अधिक है। एक-एक कमरे की जांच की जा रही है। हमारी प्राथमिकता है कि सभी बच्चों को सुरक्षित निकाला जाए। प्रशासन और चिकित्सा व्यवस्था से जुड़े सभी लोगों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। एंबुलेंस मौके पर हैं।”
बताया जा रहा है कि आईटी की कोई कंपनी है, जहां बच्चे ट्रेनिंग करते हैं वही बच्चे फंसे हुए हैं. एक फायर कर्मी ने NDTV को बताया कि स्थानीय लोगों के अनुसार 10 से 12 लोग यहां पर फंसे हुए हैं. दमकल की चार गाड़ियां मौके पर मौजूद है और आग बुझाने का प्रयास जारी है. डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक मौके पर पहुंच गए हैं.
एक चश्मदीद अमन ने बताया, “यहां एक लाइब्रेरी या कंप्यूटर कोर्स का संस्थान है। जब हम यहां पहुंचे, तो हमने इमारत से धुआं निकलते देखा। हमने 5-6 लोगों को बचाया। आग लगने के बाद, एक व्यक्ति इमारत से नीचे कूद गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। अभी भी कुछ लोग अंदर फंसे हुए हैं…”
सीएम योगी ने लिया घटना का संज्ञान
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के अलीगंज में एक कोचिंग सेंटर में लगी आग की घटना का संज्ञान लिया है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तुरंत घटनास्थल पर पहुंचने का निर्देश दिया.
मुख्यमंत्री ने राहत और बचाव कार्यों में तेज़ी लाने और घायलों को उचित इलाज मुहैया कराने का आदेश दिया. प्रशासन को सभी स्तरों पर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने राहत कार्यों की लगातार निगरानी करने और घायलों के उचित इलाज के निर्देश भी दिए.
सीढ़ियों पर आग का पहरा था और कमरों में दम घोंटती मौत. उस खौफनाक मंजर के बीच, जिंदगी और मौत के फासले को पाटने के लिए मासूम छात्रों ने अपनी जान की बाजी लगा दी. कोई चीखते हुए दूसरी मंजिल की खिड़कियों से नीचे सड़क पर कूद गया, तो किसी ने आग और धुएं से बचने की आखिरी नाकाम कोशिश में खुद को बाथरूम की चार दीवारों में कैद कर लिया.
छात्रों ने बिल्डिंग से लगा दी छलांग
पुलिस ने बताया कि घटनास्थल पर आठ दमकल गाड़ियां भेजी गईं और फायरमैन ने इमारत की दीवार तोड़कर फंसे हुए लोगों को निकाला, जिनमें 20 से अधिक छात्र भी शामिल थे. जब फायरमैन आग बुझाने की कोशिश कर रहे थे तो कुछ छात्रों को आग की लपटों से बचने के लिए ऊंची मंजिलों से कूदते हुए देखा गया. घायलों को किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया.
लोगों ने बताई आंखोदेखी
एक छात्र के बड़े भाई शकील अहमद ने कहा, “मेरा छोटा भाई अंदर फंसा हुआ है. फोन पर उससे मिला आखिरी मैसेज यह था कि वह आग और धुएं से बचने के लिए वॉशरूम की तरफ भाग रहा है.”
एक स्थानीय निवासी ने बताया, ”जब मैं घटनास्थल पर पहुंचा, तो मैंने देखा कि इमारत से धुआं निकल रहा था. कुछ छात्रों को पहले ही बचा लिया गया था और 4-5 छात्र खुद इमारत से बाहर निकलने में कामयाब रहे.”
एक अन्य स्थानीय निवासी ने बताया,”हो सकता है कि आग किसी चिंगारी से लगी हो. अपनी जान बचाने के लिए सात-आठ छात्र इमारत से कूद गए. हालांकि, अब भी करीब 20 से 25 छात्रों के अंदर फंसे होने की आशंका है.’
घटनास्थल के नजदीक रहने वाली एक महिला ने बताया कि मौके पर अफरातफरी मची हुई थी और कुछ लोग कह रहे थे कि छात्र अब भी इमारत के अंदर हो सकते हैं.
सोशल मीडिया पर वीडियो हो रहे वायरल
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक युवक को रेलिंग के पास आग की लपटों के बीच बिल्डिंग की पहली मंजिल से गिरते हुए देखा गया. बाहर मौजूद लोगों को उसे तुरंत उस जगह से दूर ले जाते हुए देखा गया. हालांकि, इस वीडियो की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं हो सकी है और न ही युवक के बारे में कोई जानकारी मिल पाई है.
10 पॉइंट्स में समझिए अग्निकांड की पूरी कहानी
- कहां और कब हुआ हादसा: लखनऊ के अलीगंज इलाके में उषा मेहता मार्ग पर स्थित एक तीन मंजिला कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में सोमवार दोपहर को यह भीषण आग लगी.
- आग लगने की वजह: आग लगने की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है. कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आग बिल्डिंग के निचले हिस्से में लगी थी.
- बिल्डिंग में क्या-क्या? इस तीन मंजिला बिल्डंग के ग्राउंड फ्लोर पर एक पेट शॉप (जानवरों की दुकान) थी, पहले और दूसरे फ्लोर पर कोचिंग इंस्टीट्यूट, कंप्यूटर लाइब्रेरी और गेमिंग जोन चल रहे थे.
- सीढ़ियों तक पहुंची आग: आग नीचे से ऊपर की तरफ फैली, जिससे पूरी बिल्डिंग की संकरी सीढ़ियां काले जहरीले धुएं और लपटों से घिर गईं. छात्रों के नीचे भागने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया.
- जान बचाने को खिड़कियों से कूदे: कमरों में दम घुटने लगा तो छात्रों ने जान की बाजी लगा दी. घटना के सामने आए वीडियो में छात्रों को पहली और दूसरी मंजिल की खिड़कियों और नीचे कूदते हुए देखा गया.
- बाथरूम में खुद को किया बंद: कुछ छात्रों ने धुएं से बचने के लिए खुद को बिल्डिंग के बाथरूम के अंदर बंद कर लिया.
- दम घुटने से मौत की तबाही: बाथरूम और कमरों में वेंटिलेशन न होने और भारी धुआं भर जाने के कारण छात्रों का दम घुटने लगा, जिससे दम घुटने और झुलसने से 14 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई.
- स्थानीय लोगों ने दिखाया साहस: फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले स्थानीय लोगों ने छज्जों से लटक रहे बिजली के तारों के सहारे 5-6 छात्रों को खींचकर नीचे उतारा और नीचे छलांग लगा रहे बच्चों को भी पकड़ने की कोशिश की.
- दीवार तोड़कर घुसे दमकलकर्मी: सूचना मिलते ही दमकल की 14 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं. भारी धुएं के कारण फायर ब्रिगेड कर्मियों ने बराबर वाली बिल्डिंग की दीवार को तोड़ा और एग्जॉस्ट फैन लगाकर अंदर फंसे बच्चों को बाहर निकाला.
- घायलों का इलाज और जांच के आदेश: सीएम योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने हादसे पर गहरा दुख जताया है. सभी घायलों को इलाज के लिए केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है और मामले में उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं.
अग्निकांड के 10 तस्वीरें में समझिए पूरी घटना
PTI

Photo Credit: PTI
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कैसे चल हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन?
घटनास्थल से सामले आई तस्वीरों में अग्निशमन कर्मी सुरक्षा उपकरणों से लैस होकर सीढ़ियों की मदद से बाहर से इमारत पर चढ़ते नजर आ रहे हैं. अग्निशमन कर्मियों की एक अन्य टीम को बगल की उतनी ही ऊंचाई वाली इमारत से ऊपर की तरफ से रास्ता बनाकर अंदर दाखिल होते देखा गया, जबकि अन्य टीम आग बुझाने की कोशिशें करती नजर आ रही थीं. बचाव अभियान में शामिल अग्निशमन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि आग पर काबू पाने के लिए हाइड्रोलिक सीढ़ी से लैस वाहन सहित 14 दमकल वाहन मौके पर भेजे गए.
