सुबह की खिली धूप और बादलों की आवाजाही के बीच जहां आम जनजीवन धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा है, वहीं दूसरी और मौसम ने करवट बदलते हुए समय से पहले ही गुलाबी ठंड की दस्तक दे दी है. विश्वप्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम के आसपास स्थित नीलकंठ पर ताजा हिमपात देखने को मिला है. इसके साथ ही हेमकुंड साहिब की ऊंची पहाड़ियों ने भी बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है. यह नजारा देखने में जितना अलौकिक और मनमोहक लग रहा है, उतना ही इसने राज्य के पहाड़ी हिस्सों में ठिठुरन भी बढ़ा दी है.
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
, 10 सितंबर के लिए राज्य के कई हिस्सों में ‘यलो अलर्ट’ जारी करते हुए नागरिकों और चारधाम यात्रियों को बेहद सावधान रहने की हिदायत दी है. आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार,आज राज्य के देहरादून, टिहरी गढ़वाल, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है. इसके अलावा प्रदेश के सभी तेरह जिलों में आकाशीय बिजली चमकने और कम समय में बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर चलने का खतरा मंडरा रहा है. संवेदनशील पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वालों को लैंडस्लाइड और बोल्डर गिरने की आशंका को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है.
उमस के बीच अचानक बरसेंगे बादल
राजधानी देहरादून और आसपास के तराई इलाकों जैसे ऋषिकेश और डोईवाला में सुबह की शुरुआत हल्के बादलों और धूप के साथ हुई है, जिससे दिन में उमस भरी गर्मी का अहसास हो सकता है. हालांकि, दोपहर बाद या शाम ढलते ही मौसम अचानक करवट ले सकता है. मौसम विभाग ने देहरादून जनपद के लिए भारी वर्षा की चेतावनी दी है. दून घाटी और पर्वतीय ढलानों से सटे इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज पानी गिर सकता है. अचानक आने वाले इस स्पेल से शहर के निचले इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति बन सकती है, इसलिए शाम के समय सफर पर निकलने से पहले मौसम की ताजा जानकारी जरूर जुटा लें.
भागीरथी घाटी में अलर्ट, नदियों का जलस्तर बढ़ने का खतरा
टिहरी गढ़वाल में भी आज भारी बारिश की पूरी संभावना जताई गई है. नई टिहरी, चंबा, धनोल्टी और नरेंद्र नगर के इलाकों में घने बादल छाए रहेंगे और कुछ चक्रों में मूसलाधार बारिश हो सकती है. उधर उत्तरकाशी में भले ही आज के लिए भारी बारिश का सीधा अलर्ट न हो, लेकिन वहां हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक का दौर बना रहेगा. 12 सितंबर को उत्तरकाशी में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. भागीरथी और भिलंगना नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है.
सरोवर नगरी में बादलों का डेरा, कुमाऊं के प्रवेश द्वार पर सतर्कता
कुमाऊं मंडल के प्रमुख पर्यटन केंद्र नैनीताल में मौसम का मिजाज बेहद संवेदनशील बना हुआ है. नैनीताल के लिए मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. नैनीताल शहर, भीमताल, भवाली और मुक्तेश्वर जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में दिनभर घने कोहरे और बादलों का पहरा रहेगा, जिससे दृश्यता (विजिबिलिटी) काफी कम हो सकती है. वहीं तलहटी में बसे हल्द्वानी और रामनगर में भी बिजली कड़कने के साथ तीव्र बौछारें पड़ने के आसार हैं. काठगोदाम-नैनीताल हाईवे पर मलबा आने की आशंका बनी रहती है, लिहाजा सैलानियों को रात के समय पर्वतीय सफर से बचने की सलाह है.
बागेश्वर और पिथौरागढ़: सीमांत इलाकों में भारी बारिश और भूस्खलन का साया
सीमांत जिले पिथौरागढ़ और बागेश्वर में भी आज मौसम भारी पड़ सकता है. इन दोनों जिलों में पिछले कुछ हफ्तों से लगातार मिट्टी की नमी बढ़ी हुई है, ऐसे में आज होने वाली भारी बारिश से संवेदनशील पहाड़ी सड़कों पर भूस्खलन का खतरा कई गुना बढ़ गया है. धारचूला, मुनस्यारी, कपकोट और कांडा जैसे दूरदराज के क्षेत्रों में तेज गर्जन के साथ बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं.
मैदानी इलाकों में बौछारों के साथ चमकेगी बिजली
हरिद्वार और पौड़ी गढ़वाल के कोटद्वार, श्रीनगर आदि क्षेत्रों में मौसम मिला-जुला रहेगा. इन जिलों के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है. हरिद्वार के मैदानी भूभाग में भले ही अत्यंत भारी बारिश का अंदेशा न हो, लेकिन आकाशीय बिजली चमकने और अचानक बादलों के गरजने की चेतावनी पूरे राज्य के साथ यहां भी लागू है.
11 से 14 सितंबर तक कैसा रहेगा मिजाज?
उत्तराखंड में बारिश का यह सिलसिला अगले कुछ दिनों तक थमने वाला नहीं है.
- 11 सितंबर: बारिश का दायरा और बढ़ेगा. देहरादून, टिहरी, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के साथ-साथ रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में भी भारी बारिश का अलर्ट है.
- 12 सितंबर: देहरादून, बागेश्वर और उत्तरकाशी में भारी बारिश जारी रहने के आसार हैं.
- 13 और 14 सितंबर: बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं भारी बारिश की आशंका बनी रहेगी, जबकि अन्य सभी पहाड़ी और मैदानी जिलों में गर्जन के साथ हल्की से मध्यम बौछारें पड़ती रहेंगी.
