इसी लेकर कॉकरोच जनता पार्टी यानि CJP ने 10 अक्टूबर को ‘जंतर-मंतर’ पर एक बार फिर से प्रदर्शन करने का ऐलान किया था। इससे पहले CJP ने जुलाई महीने में NEET पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था, जिसके बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था।
हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स अवतार सिंह बिष्ट उत्तराखंड | देश-दुनिया की खबरों पर नजर
CEC के इस्तीफे को लेकर प्रदर्शन
CJP ने उसी मॉडल पर अब चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोला और पार्टी संस्थापक अभिजीत दिपके ने ऐलान किया था कि अगर CEC इस्तीफा नहीं देते तो 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन होगा। हालांकि, पुलिस ने 10 दिन पहले नोटिस नहीं देने का हवाला देकर प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। पुलिस ने 9 अक्टूबर की रात से ही प्रिवेंटिव राउंड-अप शुरू कर दिया था। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने 9 की रात में ही सैकड़ों लोगों को हिरासत में ले लिया था। इसके बाद 10 अक्टूबर की सुबह सबसे पहली कार्रवाई IGI एयरपोर्ट पर हुई। तब पुलिस ने मुंबई से आ रहे CJP फाउंडर अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को फ्लाइट के अंदर से हिरासत में ले लिया था। उसी सुबह 8 बजे यूट्यूबर ध्रुव राठी को गुड़गांव स्थित उनके घर से पुलिसकर्मियों ने हिरासत में लिया था।
हिरासत में लिए गए कौन से बड़े नाम
CJP नेता अजिंक्य शिंदे ने दावा किया था कि 10 अक्टूबर को पुलिस ने 15 हजार लोगों को हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए बड़े नामों में पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल, केरल के पूर्व सीएम पिनराई विजयन और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार का नाम था। इसके अलावा TMC सांसदों डेरेक ओ ब्रायन, डोला सेन, प्रतिमा मंडल, समीरुल इस्लाम और साकेत गोखले को पुलिस ने हिरासत में लिया। वहीं CPI(M) महासचिव एमए बेबी, वृंदा करात, सांसद जॉन ब्रिटास, आइसा प्रेसिडेंट नेहा बोरा और कई वकील भी हिरासत में लिए गए। पुलिस ने इन सभी को छत्रसाल स्टेडियम और दिल्ली कैंट समेत अलग-अलग डिटेंशन सेंटरों में रखा। इनमें से कुछ को शाम तक छोड़ दिया तो 11 अक्टूबर की सुबह एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेशी के बाद अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरभ दास को ‘एक साल तक शांति भंग न करने’ की शर्त पर रिहा किया गया।
दिल्ली में सुरक्षा के लिए 22 हजार जवान
रिपोर्ट के अनुसार, सीजेपी प्रोटेस्ट को देखते हुए दिल्ली में 22 हजार जवानों को तैनात किया गया। बीते 10 साल में दिल्ली में कानून-व्यवस्था के लिए CAPF की यह सबसे बड़ी तैनाती में से एक है। जिसमें दिल्ली पुलिस के तकरीबन 10 हजार जवान, सीएपीएफ में CRPF, BSF, CISF, ITBP और SSB की कंपनियां, महिला अर्धसैनिक बल की विशेष टुकड़ियां और BSF को चिल्ला बॉर्डर पर दिल्ली और नोएडा पुलिस के साथ लगाया गया। रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस द्वारा पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान से आने वाले सभी एंट्री पॉइंट यानि गाजीपुर बॉर्डर, चिल्ला बॉर्डर, सिंघू बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर पूरी तरह सील कर दिए गए थे। यहां तक कि रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर भी सघन चेकिंग की गई।
नई दिल्ली जिले को 20 जोन में बांटा
सुरक्षा के लिहाज से नई दिल्ली जिले को 20 जोन में बांटा गया था और सबसे ज्यादा तैनाती जंतर-मंतर, कनॉट प्लेस और जनपथ-कर्तव्य पथ क्रॉसिंग के 4 किलोमीटर के दायरे में की गई थी। जहां 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं भी सस्पेंड कर दी गई थीं। इसके अलावा IGI एयरपोर्ट, साउथ एवेन्यू, केरल हाउस और गोल डाक खाना के आसपास भारी फोर्स लगाई गई। मोहन एस्टेट इलाके में बैरिकेड के साथ-साथ गाड़ियों को रोकने के लिए स्पाइक स्ट्रिप्स भी बिछाई गईं। प्रदर्शन को रोकने के लिए 45 मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद कर दिए गए, जिनमें राजीव चौक, केंद्रीय सचिवालय, पटेल चौक और कश्मीरी गेट जैसे बड़े स्टेशन शामिल थे। वहीं नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों से आने-जाने वाली 250 से ज्यादा मेल, एक्सप्रेस और लोकल ट्रेनों को भी रद्द कर दिया गया।
11 अक्टूबर की क्या रही स्थिति
सुप्रीम कोर्ट में 11 अक्टूबर को इस मामले पर स्पेशल सुनवाई हुई। CJI सूर्यकांत ने आदेश दिया कि दिल्ली में लोगों की फ्री मूवमेंट सुनिश्चित की जाए और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों को अवैध रूप से हिरासत में न लिया जाए। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने कुछ जगहों से बैरिकेड हटाए और ट्रेन सेवाएं सामान्य करने का ऐलान किया। इसके बावजूद CJP ने कहा है कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा नहीं देते, तब तक रोजाना जंतर-मंतर प्रदर्शन जारी रहेगा।
फिर सड़कों पर उतरेगी CJP
वहीं CJP नेता सौरव दास ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने शनिवार को बिना नोटिस हिरासत में लिया और बिना सीजर मेमो के फोन जब्त कर लिए। उन्हें वकील से संपर्क नहीं करने दिया गया। दास ने आशंका जताई कि उनके फोन हैक या क्लोन किए गए हैं और उनमें सबूत प्लांट किए जा सकते हैं। वहीं रिहाई के बाद सीजेपी संयोजक अभिजीत दिपके ने कहा कि उन्होंने ऐसा कोई बॉन्ड साइन नहीं किया है जिसमें लिखा हो कि वे प्रदर्शन नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि वे फिर से सड़कों पर उतरेंगे।
12 अक्टूबर को आंदोलन करेगी कांग्रेस
अब इस आंदोलन को INDIA ब्लॉक ने अपने हाथ में ले लिया है। कांग्रेस ने अपने सभी सांसदों को 12 अक्टूबर सोमवार को दिल्ली में मौजूद रहने का निर्देश दिया है। कांग्रेस, लेफ्ट और छात्र संगठन बड़े प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं। विपक्षी नेता 12 अक्टूबर को CJI से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपेंगे और चुनाव आयोग में कथित संवैधानिक उल्लंघन को लेकर कार्रवाई की मांग करेंगे। इधर पुलिस ने 12 अक्टूबर के लिए भी BNSS की धारा 163 लागू रखी है, जिसके तहत सेंट्रल दिल्ली में बिना अनुमति किसी भी सभा पर रोक रहेगी। रिपोर्ट के मुताबिक, 12 अक्टूबर को भी 20 हजार से ज्यादा जवानों की तैनाती रहेगी और ड्रोन व FRS कैमरों से निगरानी होगी।
