- तथ्यों और इनपुट्स पर कार्रवाई: आयकर विभाग (Income Tax) और केंद्रीय जांच दल किसी भी ठिकाने पर तब तक छापेमारी नहीं करते, जब तक उनके पास ठोस इनपुट, वित्तीय विसंगतियों (Financial Irregularities) या संदिग्ध लेनदेन के पुख्ता डिजिटल साक्ष्य न हों।
- हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स अवतार सिंह बिष्ट उत्तराखंड | देश-दुनिया की खबरों पर नजर
- पार्क ग्रुप (Park Group) कनेक्शन: यह पूरी कार्रवाई मुख्य रूप से दिल्ली-एनसीआर आधारित ‘पार्क ग्रुप’ से जुड़ी है, जिसने कुछ समय पहले ही मेडिसिटी हॉस्पिटल का अधिग्रहण (Takeover) किया था। इस सौदे के दौरान बड़े पैमाने पर कैश ट्रांजैक्शन (नकद लेनदेन), टैक्स चोरी और अघोषित संपत्ति (Black Money) को खपाने के इनपुट्स मिले थे, जिसकी कड़ियां सीधे रोहतास बत्रा और डॉ. दीपक छाबड़ा से जुड़ी हुई हैं।
- कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा: एजेंसी के अधिकारियों का रुख है कि यह किसी व्यक्ति को निशाना बनाने के लिए नहीं, बल्कि देश के राजस्व और वित्तीय कानूनों के तहत की गई एक नियमित और अनिवार्य वैधानिक प्रक्रिया है। नेताओं द्वारा इसे “उत्पीड़न” या “पीड़ित” बताने को विभागीय सूत्रों द्वारा जांच को प्रभावित करने या राजनीतिक दबाव बनाने के प्रयास के रूप में देखा जाता है।
उत्तराखंड के रुद्रपुर सीमा से लगी उत्तर प्रदेश की बत्रा कॉलोनी में 12 अक्टूबर 2026 को प्रतिष्ठित कारोबारी/उद्योगपति रोहतास (रोहिताश) बत्रा और मेडिसिटी अस्पताल के पूर्व मालिक व एमडी डॉ. दीपक छाबड़ा (और उनकी पत्नी अंजू छाबड़ा) के आवासों तथा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर आयकर विभाग (Income Tax) की बड़ी छापेमारी हुई है।
- कुछ समय पहले ‘पार्क ग्रुप’ (Park Group) ने डॉ. दीपक छाबड़ा और रोहतास बत्रा द्वारा संचालित किए जा रहे मेडिसिटी हॉस्पिटल (Medicity Hospital) को टेकओवर (खरीदा) किया था। मुख्य रूप से यह रेड पार्क ग्रुप से ही जुड़ी हुई है, और उनसे व्यापारिक रूप से जुड़े होने के कारण आयकर विभाग ने रोहतास बत्रा और डॉ. दीपक छाबड़ा के ठिकानों पर भी यह कार्रवाई की है।
- छापेमारी की टीम: सोमवार (12 अक्टूबर) सुबह करीब 7:00 बजे दिल्ली, गुरुग्राम, गाजियाबाद, लखनऊ और कानपुर से आयकर विभाग के करीब 30 से 35 अधिकारी और कर्मचारी 14 गाड़ियों में सवार होकर केंद्रीय सुरक्षा बलों (पैरामिलिट्री फोर्स) और उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ पहुंचे थे।
- जांच प्रक्रिया: सुरक्षा बलों ने घर को अंदर से बंद कर लिया और कई घंटों तक गहनता से दस्तावेजों, डिजिटल डेटा और निवेश से जुड़े रिकॉर्ड्स को खंगाला।
- नेताओं का आगमन: रोहतास बत्रा और डॉ. दीपक छाबड़ा के शहर के प्रतिष्ठित और सामाजिक व्यक्ति होने के कारण, छापेमारी की खबर मिलते ही स्थानीय विधायक शिव अरोरा, किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ और मेयर विकास शर्मा उनके आवास पर पहुंचे। विधायक शिव अरोरा ने मीडिया को बताया कि वे यह सुनिश्चित करने आए थे कि विभाग की कार्रवाई के दौरान परिवार के साथ किसी प्रकार का दुर्व्यवहार या उत्पीड़न न हो।
