नई दिल्ली। दिल्ली की सड़कों पर आज छात्र आंदोलन के दौरान उस समय हलचल मच गई, जब ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देते हुए कनॉट प्लेस के आउटर सर्कल पर दस्तक दी। यहां से वह बैरिकेड्स पार करते हुए जंतर-मंतर की ओर बढ़ीं। हालांकि, बाद में पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
प्राप्त विवरण के अनुसार, नेहा बोरा ने पहले आर.के. आश्रम पर जुटने का ऐलान किया था। इससे पुलिस का ध्यान उस ओर केंद्रित हो गया। इसी बीच वह अचानक कनॉट प्लेस के आउटर सर्कल पर पहुंचीं और जंतर-मंतर की ओर बढ़ने लगीं। उनके इस कदम से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
23 साल की छात्र नेता के तेवर ने खींचा ध्यान
इस घटनाक्रम में 23 वर्षीय नेहा बोरा के रणनीतिक कदम और आंदोलन के प्रति उनके जुनून की चर्चा हो रही है। जहां कुछ अन्य नेताओं के दिल्ली पहुंचने से पहले ही पुलिस की निगरानी और रोकथाम की खबरें सामने आईं, वहीं नेहा के अचानक सड़क पर उतरने के घटनाक्रम ने सबका ध्यान खींचा।
हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स अवतार सिंह बिष्ट उत्तराखंड | देश-दुनिया की खबरों पर नजर
नेहा बोरा के समर्थकों का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई और हिरासत का सामना करने के बावजूद आंदोलन में उनकी सक्रियता उनके मजबूत इरादों को दर्शाती है। उनके तेवर को सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बताया जा रहा है।
जेन-जी की राजनीति में बढ़ती सक्रियता का संकेत
नेहा बोरा का यह घटनाक्रम छात्र राजनीति में युवा नेतृत्व की सक्रियता को रेखांकित करता है। आंदोलन के दौरान पुलिस की कार्रवाई, बैरिकेडिंग और हिरासत के बीच छात्रों का विरोध प्रदर्शन एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
