महाराज जनक के दरबार में पहुंची कार्मिकों की फरियाद, NOPRUF ने पुरानी पेंशन बहाली के लिए तेज किया आंदोलन
उत्तराखंड में पुरानी पेंशन आंदोलन तेज, 2 नवंबर को मुख्यमंत्री आवास घेरने का ऐलान; भूख हड़ताल की चेतावनी
हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स अवतार सिंह बिष्ट उत्तराखंड | देश-दुनिया की खबरों पर नजर
सीताराम पोखरियाल ने जनक दरबार से उठाई पुरानी पेंशन की आवाज, सभी 13 जनपदों में आंदोलन की तैयारी
‘खैरात नहीं, बुढ़ापे की सामाजिक सुरक्षा चाहिए’, पुरानी पेंशन बहाली के लिए 2 नवंबर को मुख्यमंत्री आवास का घेराव
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जनक दरबार में NOPRUF के प्रदेश महासचिव सीताराम पोखरियाल ने उठाई पुरानी पेंशन बहाली की मांग, महाराज जनक के समक्ष रखी कार्मिकों की फरियाद
2 नवंबर को मुख्यमंत्री आवास घेराव का आह्वान, मांग पूरी नहीं होने पर भूख हड़ताल की चेतावनी; उत्तराखंड के सभी 13 जनपदों में व्यापक प्रचार-प्रसार जारी।
उत्तराखंड। राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा (NOPRUF), उत्तराखंड के प्रदेश महासचिव सीताराम पोखरियाल ने सीता स्वयंवर के अवसर पर आयोजित जनक दरबार में पुरानी पेंशन बहाली की आवाज बुलंद करते हुए प्रदेश के कार्मिकों के सुरक्षित भविष्य, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक बुढ़ापे की फरियाद महाराज जनक के समक्ष रखी। उन्होंने कहा कि जनक दरबार न्याय और मर्यादा का प्रतीक है और इसी विश्वास के साथ वे उन कार्मिकों की आवाज लेकर पहुँचे हैं, जो अपने जीवन के बहुमूल्य वर्ष देश और प्रदेश की सेवा में समर्पित करते हैं तथा सेवानिवृत्ति के बाद सुरक्षित भविष्य की अपेक्षा रखते हैं। उन्होंने भावपूर्ण शब्दों में कहा, “महाराज जनक! आपके न्यायप्रिय दरबार में हम न्याय की उम्मीद लेकर आए हैं। हम कोई खैरात नहीं माँग रहे, बल्कि जीवनभर की सेवा के बाद सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार और बुढ़ापे की सामाजिक सुरक्षा माँग रहे हैं। हमारी फरियाद है कि पुरानी पेंशन बहाल हो, ताकि कर्मचारियों और उनके परिवारों का भविष्य सुरक्षित रह सके।”
विगत कई वर्षों से संघर्षरत है NOPRUF: सीताराम पोखरियाल ने कहा कि राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा विगत कई वर्षों से पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर निरंतर संघर्षरत है। संगठन ने आंदोलनात्मक गतिविधियों के साथ-साथ अनेक रचनात्मक एवं जनजागरण कार्यक्रमों के माध्यम से कार्मिकों को जागरूक करने, कर्मचारियों को एकजुट करने और समाज तक पुरानी पेंशन का संदेश पहुँचाने का प्रयास किया है। संगठन का उद्देश्य केवल विरोध दर्ज कराना नहीं, बल्कि पुरानी पेंशन के महत्व, कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा और सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानजनक जीवन के विषय में व्यापक जनजागरण करना भी है।
वर्ष 2026 में आयोजित प्रमुख कार्यक्रम: NOPRUF उत्तराखंड द्वारा इस वर्ष पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें 12 अप्रैल को देहरादून बाइक रैली, 1 मई को पौड़ी में आयुक्त कार्यालय घेराव, 24 मई को कर्णप्रयाग रैली, 12 जून को अल्मोड़ा में गोल्ज्यू देवता यात्रा एवं OPS जनजागरण पदयात्रा, 22 जून को सचिवालय घेराव, 12 जुलाई को ‘OPS के लिए एक पौधा’ रचनात्मक अभियान तथा 4 अगस्त को प्रदेश स्तरीय बैठक प्रमुख रहे। इसके अतिरिक्त 7 से 19 सितंबर तक काली पट्टी धारण कर जनजागरण एवं विभागवार गेट मीटिंग अभियान चलाया गया। 21 से 24 सितंबर तक प्रदेश सरकार के मंत्रियों तक ज्ञापन पहुँचाने का अभियान संचालित किया गया तथा 25 सितंबर को जिला एवं तहसील स्तर पर धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन कार्यक्रम का आह्वान किया गया। 1 अक्टूबर को रुद्रप्रयाग में भी पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इन सभी प्रयासों का उद्देश्य सरकार का ध्यान कार्मिकों की मांग की ओर आकर्षित करना और आंदोलन को प्रदेशव्यापी स्वरूप देना रहा है।
लगातार प्रयासों के बावजूद सरकार नहीं सुन रही कार्मिकों की पुकार: सीताराम पोखरियाल ने कहा कि इस वर्ष अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जबकि विगत कई वर्षों से NOPRUF आंदोलनात्मक और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से पुरानी पेंशन बहाली की मांग उठा रहा है। इसके बावजूद संगठन की मांग पर सरकार की ओर से ठोस निर्णय नहीं होने से कार्मिकों में निराशा बनी हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कर्मचारी बार-बार अपनी मांग सरकार के समक्ष रख रहे हैं, जनजागरण कर रहे हैं और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन चला रहे हैं, तो आखिर उनकी सामाजिक सुरक्षा से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय पर निर्णय कब लिया जाएगा? उन्होंने कहा कि शिक्षक, कर्मचारी और अधिकारी अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा जनसेवा में समर्पित करते हैं। ऐसे में सेवानिवृत्ति के बाद उनके सम्मानजनक जीवन और आर्थिक सुरक्षा का प्रश्न गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुरानी पेंशन बहाली की मांग किसी व्यक्ति के प्रति विरोध नहीं, बल्कि कार्मिकों के सुरक्षित भविष्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा विषय है।
2 नवंबर को मुख्यमंत्री आवास घेराव, मांग पूरी नहीं होने पर भूख हड़ताल की चेतावनी: लगातार प्रयासों के बावजूद मांग पूरी नहीं होने के कारण NOPRUF ने आंदोलन को और तेज करने का आह्वान किया है। इसी क्रम में 2 नवंबर 2026 को मुख्यमंत्री आवास घेराव कार्यक्रम प्रस्तावित है। सीताराम पोखरियाल ने प्रदेश के समस्त शिक्षक, कर्मचारी, अधिकारी एवं विभिन्न विभागों के कार्मिकों से अपील की कि वे इस कार्यक्रम में एकजुट होकर भाग लें और पुरानी पेंशन बहाली की मांग को सरकार के समक्ष मजबूती से रखें। संगठन की ओर से चेतावनी दी गई है कि यदि सरकार इसके बाद भी पुरानी पेंशन बहाली की मांग पर ठोस निर्णय नहीं लेती, तो आंदोलन के अगले चरण में भूख हड़ताल कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। आंदोलन की आगामी रूपरेखा संगठन के निर्णय के अनुसार आगे बढ़ाई जाएगी।
13 जनपदों में व्यापक प्रचार-प्रसार: NOPRUF द्वारा 2 नवंबर के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए उत्तराखंड के सभी 13 जनपदों में व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है। संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता विभिन्न विभागों तथा कार्यालयों तक आंदोलन का संदेश पहुँचाने और अधिकाधिक कार्मिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के प्रयास कर रहे हैं। सीताराम पोखरियाल ने प्रदेश के समस्त कार्मिकों से आह्वान किया कि वे आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर अपने भविष्य और सामाजिक सुरक्षा के इस महत्वपूर्ण प्रश्न पर एकजुट हों तथा 2 नवंबर को मुख्यमंत्री आवास घेराव कार्यक्रम में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जब तक पुरानी पेंशन बहाली की मांग पर ठोस निर्णय नहीं होता, तब तक NOPRUF जनजागरण, रचनात्मक कार्यक्रमों और लोकतांत्रिक आंदोलन के माध्यम से कार्मिकों की आवाज उठाने का प्रयास जारी रखेगा।
सीताराम पोखरियाल
प्रदेश महासचिव
राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा (NOPRUF), उत्तराखंड
✊ पुरानी पेंशन बहाल करो — कार्मिकों का भविष्य सुरक्षित करो!
🚩 2 नवंबर 2026 — मुख्यमंत्री आवास घेराव
🏹 एकजुट कार्मिक, बुलंद आवाज़ — पुरानी पेंशन हमारा अधिकार!
