देवभूमि उत्तराखंड की आध्यात्मिक विरासत को अब प्रधानमंत्री स्मृति चिह्न ई-नीलामी में शामिल किया गया है। आठवीं प्रधानमंत्री स्मृति चिह्न ई-नीलामी में शामिल 27 स्मृति चिह्न राज्य के प्रसिद्ध मंदिरों, धार्मिक परंपराओं, लोककला और क्षेत्रीय पहचान की झलक दिखाते हैं।

खास बात यह है कि इन स्मृति चिह्नों की नीलामी से मिलने वाली रकम नमामि गंगा कार्यक्रम के लिए दी जाएगी। इस संग्रह में केदारनाथ धाम के दो मॉडल, उखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर और मुखबा स्थित गंगा जी मंदिर के मॉडल शामिल हैं।

हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स अवतार सिंह बिष्ट उत्तराखंड | देश-दुनिया की खबरों पर नजर

उत्तराखंड की लोक संस्कृति के नमूने भीदेवभूमि के इन खास तोहफों को अगर कोई खरीदना चाहता है, तो इस प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं। जिसमें यमुनोत्री चारों धाम को दर्शाता फोटो प्रिंट भी आकर्षण का केंद्र है। मनसा देवी मंदिर, आदि कैलाश, महासू ऐपन कला से सजी दीवार घड़ी भी संग्रह में उत्तराखंड की लोक संस्कृति के नमूने भी है। ऐपन कला से सजी दीवार घड़ी और मां दुर्गा की कलाकृति भी है।

इस संग्रह में सात पारंपरिक पहाड़ी टोपियां राज्य की क्षेत्रीय पहचान को सामने लाती है। वहीं, उत्तराखंड के बैडमिटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन का हस्ताक्षर किया हुआ रैकेट खेल जगत में राज्य की उपलब्धियों को दर्शाता है। ई-नीलामी 31 तारीख तक चलेगी। देवता मंदिर और कार्तिक स्वामी मंदिर की झलक भी इन स्मृति चिह्नों में देखने को मिलती है।

संग्रह में उत्तराखंड के चार प्रमुख मंदिरों के मॉडल शामिल हैं। इनमें श्री केदारनाथ धाम के दो मॉडल, उखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर का एक मॉडल और मुखबा स्थित गंगा जी मंदिर का लकड़ी से बना मॉडल शामिल है। ये मॉडल राज्य की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं में तीर्थयात्रा और आस्था के महत्व को दर्शाते हैं।

प्रधानमंत्री स्मृति चिह्नों की आठवीं ई-नीलामी अब 31 अक्‍टूबर तक बढ़ा दी गई है। संस्कृति मंत्रालय ने इच्छुक बोलीदाताओं से नीलामी की तारीखों, भागीदारी से जुड़ी जानकारी और सभी स्मृति चिह्नों की सूची के लिए आधिकारिक आधिकारिक पोर्टल pmmementos.gov.in पर जाने को कहा है।