रुद्रपुर में पंडित नारायण दत्त तिवारी को श्रद्धांजलि, विकास की विरासत के साथ उनके नाम से जुड़ी पट्टिका का मुद्दा गरमाया; नेताओं ने भाजपा शासन पर साधा निशाना
हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स | रुद्रपुर, ऊधम सिंह नगर।हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स अवतार सिंह बिष्ट उत्तराखंड | देश-दुनिया की खबरों पर नजर
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, विकास पुरुष के रूप में विख्यात पंडित नारायण दत्त तिवारी की जयंती एवं पुण्यतिथि के अवसर पर रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को सिडकुल चौक स्थित तिवारी चौक पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। श्री नारायण दत्त तिवारी जन सेवा समिति, उत्तराखंड (तिवारी विचार मंच) के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, कांग्रेस नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने स्वर्गीय तिवारी के चित्र एवं प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके योगदान को याद किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति के केंद्रीय अध्यक्ष हरीश पनेरू ने की। इस अवसर पर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष हिमांशु बाबा, पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल, उद्योग व्यापार मंडल रुद्रपुर के अध्यक्ष संजय जुनेजा, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मोहनलाल खेड़ा, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता हरीश पाठक, नगर अध्यक्ष ममता रानी, भूपेश सोनी, शैलेंद्र शर्मा एवं समिति के उपाध्यक्ष एस.के. नैयर, प्रबंधक अनुज पाठक, महासचिव पी.सी. शर्मा, संरक्षक केशव पनेरू, कोषाध्यक्ष भगवती पनेरू, सचिव प्रेम गंगवार एवं सदस्य पंकज परगाई सहित समिति के समस्त पदाधिकारी एवं सदस्य सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में भावपूर्ण स्मरण और विचार गोष्ठी के माध्यम से पंडित तिवारी के जीवन, संघर्ष और विकास कार्यों को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि रुद्रपुर और तराई क्षेत्र की औद्योगिक पहचान के निर्माण में एनडी तिवारी की भूमिका ऐतिहासिक रही है। नेताओं ने विकास की उस विरासत को वर्तमान राजनीति के संदर्भ में उठाते हुए आगामी विधानसभा चुनाव 2027 के लिए जनहित, रोजगार, औद्योगिक विकास और ऐतिहासिक योगदान के सम्मान को प्रमुख मुद्दा बनाने के संकेत दिए।
सिडकुल की स्थापना से बदली तराई की तस्वीर
पंडित नारायण दत्त तिवारी का नाम उत्तराखंड के औद्योगिक विकास के इतिहास में विशेष स्थान रखता है। उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल में राज्य में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने, आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। रुद्रपुर के निकट सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र का विकास इसी व्यापक औद्योगिक दृष्टि का महत्वपूर्ण हिस्सा बना।
सिडकुल के विस्तार से ऊधम सिंह नगर में उद्योगों, व्यापारिक गतिविधियों, परिवहन, आवास और सेवाओं से जुड़े रोजगार के अवसर बढ़े। स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाएं बनीं और आसपास के क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिली। औद्योगिक विकास ने रुद्रपुर की पहचान को कृषि एवं व्यापार आधारित क्षेत्र से आगे बढ़ाकर एक महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने में योगदान दिया।
हालांकि इस बदलाव में उद्यमियों, श्रमिकों, किसानों, स्थानीय व्यापारियों और अनेक सरकारों की भी भूमिका रही, लेकिन पंडित तिवारी की औद्योगिक विकास संबंधी नीतियों को क्षेत्र के विकास की महत्वपूर्ण आधारशिला के रूप में याद किया जाता है।
हरीश पनेरू का बयान: विकास पुरुष के नाम का सम्मान कहां गया?
समिति के केंद्रीय अध्यक्ष हरीश पनेरू ने कहा कि पंडित नारायण दत्त तिवारी केवल एक राजनेता नहीं थे, बल्कि उत्तराखंड के औद्योगिक और आर्थिक विकास की महत्वपूर्ण पहचान थे। उनके प्रयासों से रुद्रपुर और तराई क्षेत्र को नई दिशा मिली। उन्होंने सिडकुल की स्थापना एवं औद्योगिक विकास के योगदान को याद करते हुए कहा कि हजारों परिवारों की आजीविका और क्षेत्र की आर्थिक प्रगति में इस औद्योगिक क्षेत्र की अहम भूमिका है।
हरीश पनेरू ने सिडकुल प्रशासन से जुड़ा एक महत्वपूर्ण सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि जिस स्थान पर एनडी तिवारी की प्रतिमा स्थापित है, वहां प्रवेश द्वार पर पहले पूर्व मुख्यमंत्री के नाम का उल्लेख था, लेकिन अब वह नाम दिखाई नहीं देता। उन्होंने इस संबंध में प्रशासन से स्थिति स्पष्ट करने और नाम को सम्मानपूर्वक पुनः स्थापित करने की मांग की।
उन्होंने भाजपा शासन पर निशाना साधते हुए कहा कि विकास के लिए ऐतिहासिक योगदान देने वाले नेताओं के सम्मान को राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं देखा जाना चाहिए। सरकार किसी भी दल की हो, जनहित में किए गए कार्यों और प्रदेश की उन्नति में योगदान देने वाले महापुरुषों का सम्मान बनाए रखना उसकी जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की कि सिडकुल प्रशासन इस विषय पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण दे और यदि नाम हटाया गया है तो उसके कारणों को सामने लाए। उनके अनुसार, पंडित तिवारी की विरासत को सम्मान देना क्षेत्र के विकास के इतिहास को सम्मान देना है।
राजकुमार ठुकराल का बयान: उत्तराखंड और रुद्रपुर के विकास की चर्चा में एनडी तिवारी का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा
पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने पंडित नारायण दत्त तिवारी को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि जब-जब उत्तराखंड राज्य के निर्माण के बाद हुए विकास और रुद्रपुर की प्रगति की चर्चा होगी, तब-तब एनडी तिवारी का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास, रोजगार के अवसर और क्षेत्र की आर्थिक पहचान मजबूत करने में तिवारी का योगदान अविस्मरणीय है। उनके कार्यों को राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर याद किया जाना चाहिए। नई पीढ़ी को भी उनके विकास संबंधी प्रयासों से परिचित कराना आवश्यक है।
हिमांशु बाबा का बयान: तराई की तकदीर और तस्वीर बदलने वाले नेता को नहीं भूलना चाहिए
कांग्रेस के जिला अध्यक्ष हिमांशु बाबा ने अपने संबोधन में कहा कि पंडित नारायण दत्त तिवारी ने तराई क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। औद्योगिक विकास से रोजगार और व्यापार के अवसर बढ़े तथा लोगों के जीवन स्तर में बदलाव आया। उन्होंने कार्यक्रम में अपेक्षाकृत कम संख्या में लोगों की उपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसे महान नेता के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके विकास मॉडल को याद किया।
हरीश पाठक का बयान: उत्तराखंड के विकास में ऐतिहासिक योगदान
वरिष्ठ कांग्रेसी नेता हरीश पाठक ने कहा कि पंडित नारायण दत्त तिवारी ने औद्योगिक विकास, आधारभूत सुविधाओं, निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए। उनके कार्यकाल में उत्तराखंड को औद्योगिक पहचान मजबूत करने का अवसर मिला। रुद्रपुर और ऊधम सिंह नगर की प्रगति में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि विकास की विरासत को राजनीतिक विवादों से ऊपर रखकर संरक्षित किया जाना चाहिए।
मोहनलाल खेड़ा ने भी किया स्मरण, भाजपा पर साधा निशाना
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पहुंचे पूर्व मेयर प्रत्याशी एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मोहनलाल खेड़ा ने पंडित तिवारी को श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि एनडी तिवारी के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने सिडकुल चौक पर उनके नाम से जुड़े मुद्दे को उठाते हुए भाजपा शासन से जवाबदेही की मांग की। उनके अनुसार, ऐतिहासिक योगदान देने वाले नेताओं के सम्मान को बनाए रखना राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है।
ममता रानी का बयान
नगर अध्यक्ष ममता रानी ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि पंडित तिवारी का विकास और जनसेवा का योगदान सदैव प्रेरणा देता रहेगा। उनकी विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है।
भूपेश सोनी और शैलेंद्र शर्मा ने दी श्रद्धांजलि
भूपेश सोनी और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता शैलेंद्र शर्मा ने पंडित नारायण दत्त तिवारी को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके विकास कार्यों को याद किया और उनके योगदान को अविस्मरणीय बताया।
मिशन 2027 की पृष्ठभूमि में विकास, रोजगार और सम्मान का सवाल
कार्यक्रम में उठे मुद्दे केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहे। सिडकुल की स्थापना, औद्योगिक विकास, रोजगार, स्थानीय व्यापार और ऐतिहासिक योगदान के सम्मान को लेकर नेताओं ने वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं के वक्तव्यों से स्पष्ट हुआ कि आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की पृष्ठभूमि में विकास के पुराने मॉडल और वर्तमान परिस्थितियों की तुलना राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन सकती है।
रुद्रपुर और ऊधम सिंह नगर में उद्योगों के विस्तार के साथ स्थानीय लोगों के रोजगार, श्रमिकों की सुविधाओं, प्रदूषण नियंत्रण, यातायात, आवास, स्वास्थ्य सेवाओं और छोटे व्यापारियों की समस्याएं भी महत्वपूर्ण हैं। औद्योगिक विकास का वास्तविक मूल्यांकन इस आधार पर होना चाहिए कि स्थानीय युवाओं को कितने अवसर मिले, श्रमिकों को कैसी सुविधाएं मिलीं और क्षेत्र के नागरिकों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं कितनी उपलब्ध हुईं।
वक्ताओं के विचारों से यह संदेश उभरा कि पंडित तिवारी के विकास मॉडल का स्मरण तभी सार्थक होगा, जब वर्तमान में रोजगार, जनसुविधाओं और क्षेत्रीय आर्थिक प्रगति से जुड़े सवालों पर भी गंभीर चर्चा हो।
ऐतिहासिक विरासत का सम्मान हो, प्रशासन दे स्पष्ट जवाब
सिडकुल चौक के प्रवेश द्वार पर पंडित नारायण दत्त तिवारी के नाम से संबंधित उठाए गए मुद्दे पर प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना आवश्यक है। यदि नाम या पट्टिका में बदलाव हुआ है, तो उसके कारण, समय और जिम्मेदार विभाग की जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। इससे विवाद के तथ्यों को स्पष्ट करने में मदद मिलेगी।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम ने एक बार फिर याद दिलाया कि किसी भी प्रदेश का विकास केवल आंकड़ों से नहीं, बल्कि उन नीतियों, संस्थानों और अवसरों से भी पहचाना जाता है, जिन्होंने आम लोगों के जीवन को प्रभावित किया। पंडित नारायण दत्त तिवारी की औद्योगिक विकास संबंधी विरासत इसी कारण आज भी रुद्रपुर और तराई की राजनीति में चर्चा का विषय है।
संदेश स्पष्ट है—विकास की विरासत का सम्मान, रोजगार के अवसरों का विस्तार, स्थानीय समस्याओं का समाधान और जनहित के मुद्दों पर जवाबदेही ही आने वाले समय की राजनीति के प्रमुख प्रश्न होंगे। सिडकुल चौक पर दी गई श्रद्धांजलि के साथ नेताओं ने एनडी तिवारी के योगदान को याद किया और उनके नाम तथा विकास की विरासत को सम्मान देने की मांग उठाई।
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