देहरादून। दीपावली के त्योहारी सीजन में उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों का संचालन चरमराने के आसार हैं। तीन माह के लंबित वेतन व विभिन्न मांगों को लेकर उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन व परिवहन निगम प्रबंधन के बीच गुरुवार को हुई वार्ता विफल हो गई।

निगम मुख्यालय में प्रबंध निदेशक रीना जोशी व तीनों महाप्रबंधकों की मौजूदगी में यूनियन पदाधिकारियों के साथ करीब साढ़े तीन घंटे चली बैठक में किसी भी प्रमुख मांग पर सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद यूनियन ने शुक्रवार सुबह छह बजे से प्रदेशभर में बेमियादी कार्यबहिष्कार का निर्णय लिया है।

अवतार सिंह बिष्ट,हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स | उत्तराखंड, देश-दुनिया और जन सरोकारों की खबरों पर नजर

यूनियन ने लिया आंदोलन जारी रखने का फैसला

सुबह साढ़े 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक चली बैठक में कर्मचारियों ने लंबित वेतन और महंगाई भत्ते के भुगतान, दीपावली पर बोनस, बस बेड़े में वृद्धि, डग्गामारी पर रोक और अवैध निजी बसों के परमिट जारी करने पर रोक लगाने समेत विभिन्न मांगें उठाईं। प्रबंधन के साथ सहमति नहीं बनने पर यूनियन ने आंदोलन जारी रखने का फैसला लिया।

यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष कमल पपनै, महामंत्री अशोक चौधरी, केपी सिंह, परमजीत सिंह और संचित कुमार वार्ता में शामिल रहे। आंदोलन के तहत देहरादून, नैनीताल और टनकपुर मंडल के सभी डिपो में कर्मचारी कार्यबहिष्कार करेंगे। इंप्लाइज यूनियन के भी हड़ताल को समर्थन देने से प्रदेश में करीब 75 से 80 प्रतिशत बस संचालन ठप रह सकता है। सर्वाधिक असर लंबी दूरी व मैदानी मार्गों की बसों पर पड़ेगा।