रुद्रपुर। ‘अनसुनी आवाज’ के संपादक एवं पत्रकार रूपेश कुमार सिंह को न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। जानकारी के अनुसार, पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 (हत्या का प्रयास) के तहत मुकदमा दर्ज किया था, लेकिन न्यायालय में सुनवाई के बाद यह गंभीर धारा हटाकर धारा 323 के तहत जमानत दे दी गई।
इस घटनाक्रम ने रुद्रपुर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धारा लगाने के पीछे पुलिस के पास क्या ठोस आधार था? यदि न्यायालय में धारा 109 कायम नहीं रही तो पुलिस की शुरुआती कार्रवाई की समीक्षा कौन करेगा?
पत्रकार के खिलाफ इतनी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज होने और फिर न्यायालय से राहत मिलने के घटनाक्रम ने पत्रकारों की सुरक्षा और पुलिस की निष्पक्षता पर बहस छेड़ दी है।
अब सवाल है कि क्या पुलिस प्रशासन इस मामले में अपनी कार्रवाई का जवाब देगा
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर
बड़ी खबर: पत्रकार रूपेश कुमार सिंह को न्यायालय से जमानत, धारा 109 हटाकर 323 में हुई कार्रवाई
