रुद्रपुर में पत्रकार रूपेश कुमार के खिलाफ हत्या के प्रयास की गंभीर धारा में मुकदमा दर्ज, FIR में BNS की धारा 109 शामिल
FIR संख्या 0584/2026 में ब्रिजेश यादव का नाम शिकायतकर्ता के रूप में दर्ज, पुलिस ने उपनिरीक्षक दीपक बहुगुणा को सौंपी जांच
अवतार सिंह बिष्ट,हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स | उत्तराखंड, देश-दुनिया और जन सरोकारों की खबरों पर नजर
रुद्रपुर। पत्रकार एवं ‘अनसुनी आवाज’ के संपादक रूपेश कुमार से जुड़े मामले में एक नया और गंभीर कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। रुद्रपुर कोतवाली में 4 नवंबर 2026 को दर्ज एफआईआर संख्या 0584/2026 में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 109 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। यह धारा हत्या के प्रयास से संबंधित है।
एफआईआर में ब्रिजेश यादव, पुत्र जीतन यादव, निवासी बगवाड़ा, रुद्रपुर को शिकायतकर्ता के रूप में दर्ज किया गया है। वहीं, रूपेश कुमार का नाम आरोपी के विवरण वाले कॉलम में दर्ज दिखाई दे रहा है। प्राथमिकी के अनुसार घटना 3 नवंबर 2026 की बताई गई है और घटनास्थल दानपुर के पास दर्शाया गया है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक 4 नवंबर को सुबह 4:02 बजे एफआईआर दर्ज की गई। मामले की जांच उपनिरीक्षक दीपक बहुगुणा को सौंपी गई है। थाना प्रभारी के रूप में संजय पाटी के हस्ताक्षर भी एफआईआर में दर्ज हैं।
पत्रकार प्रकरण में उठ रहे हैं कई सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने रुद्रपुर में पत्रकारों, राजनीतिक दलों और पुलिस प्रशासन के बीच चर्चा तेज कर दी है। एक ओर रूपेश कुमार के साथ मारपीट और हमले की खबरें सामने आईं, दूसरी ओर स्कूटी से टक्कर तथा धारदार हथियार से हमले जैसी अलग-अलग चर्चाएं भी सामने आई हैं। इन घटनाओं की वास्तविक परिस्थितियों और घटनाक्रम की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि आखिर 3 नवंबर की रात क्या हुआ था? घटना के पीछे विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और दोनों पक्षों के आरोपों में कितनी सच्चाई है?
निष्पक्ष जांच से ही सामने आएगा सच
पत्रकारिता और कानून दोनों की गरिमा बनाए रखने के लिए जरूरी है कि पुलिस सभी उपलब्ध साक्ष्यों, मेडिकल रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर निष्पक्ष जांच करे। किसी भी पक्ष को केवल आरोपों के आधार पर दोषी या निर्दोष घोषित करना उचित नहीं होगा।
धारा 109 के तहत दर्ज मुकदमा मामले की गंभीरता को दर्शाता है, लेकिन प्राथमिकी में दर्ज आरोप अभी जांच का विषय हैं। अब निगाहें पुलिस की कार्रवाई और जांच के निष्कर्ष पर टिकी हैं।
हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स | रुद्रपुर
अवतार सिंह बिष्ट
