अतिथि शिक्षकों का हालअतिथि शिक्षकों के पदों को भी रिक्त माना जाएगा। स्थायी शिक्षक की नियुक्ति होते ही अतिथि शिक्षक को अपने लिए दूसरी स्कूल की तलाश करनी पड़ेगी। प्रदेश में करीब 4 हजार अतिथि शिक्षकों का जीवन लगभग खाना बदोश बना हुआ है। प्रमानेंट शिक्षक के आते ही उन्हें अपने लट्टी-पट्टी लेकर दूसरी तरफ कूच करना पड़ता है या फिर घर वापस आना पड़ रहा है।

फिलवक्त अतिथि शिक्षकों को लेकर सरकार ने कोई निर्णय नहीं लिया है। अतिथि शिक्षक गुस्से में है और उनका गुस्सा कभी भी आंदोलन बनकर फूट सकता है। एक तरफ उत्तराखंड […]

पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच का विवाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी के दरबार तक पहुंचा,हल्द्वानी,पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है,6 फरवरी 2024 को एक तरफा पत्र जारी कर हुकम सिंह कुंवर को पद मुक्त करने का पत्र जारी किया गया था,इसके बाद हुकम सिंह कुंवर सहित समाज के वरिष्ठ लोगों ने इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज़ की थी,जिलाधिकारी ,नगर मजिस्ट्रेट,उपजिलाधिकारी,उपनिबंधक कार्यालय से अलग अलग इसकी जांच चल रही है,12 मार्च 2024 को मंच के अध्यक्ष महामंत्री ने हुकम सिंह कुंवर को मंच मैं बुलाकर एक परिवार विशेष व गैर समाज को लेकर घेरने व उनके साथ अभद्रता करने की शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधिक्षक से की गई थी इसकी भी जांच चल रही है,अब इस पूरे प्रकरण को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संज्ञान मैं लाया गया है, विगत दिनों हल्द्वानी मैं मुख्यमंत्री को एक पत्र देकर पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच की पूरी जांच व इसके विधिवत चुनाव कराने की मांग की थी,पत्र मैं हुकम सिंह कुंवर,डॉक्टर केदार पलड़िया,पृथ्वी पाल रावत,डॉक्टर बालम सिंह बिष्ट,बृज मोहन सिजवाली,पंकज सुयाल,रमेश जोशी ,जगमोहन चिलवाल,आदि के हस्ताक्षर है,हुकम सिंह कुंवर ने कहा कि वह 1982 से पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच से जुड़े हैं,छात्र संघ उपाध्यक्ष रहते अपने 122 साथियों के साथ जेल भी गए थे,मंच की शिलापट पर सभी का नाम अंकित है,अब मंच मैं उन लोगों का कब्जा हो गया है जिनका मंच के लिए कोई योगदान नहीं था,एक परिवार विशेष के लोग उस पर कब्जा जमाए रखना चाहते हैं,हमने हमेशा मंच मैं पारदर्शिता की बात की इसी कारण मुझे एक तरफा पद मुक्त कर दिया,उन्होंने कहा मुझे पद की कोई लालसा नहीं है,पूरी कार्यकारणी भंग कर आम सभा बुलाकर चुनाव कराए जाएं,उन्होंने कहा मेरे लड़ाई व्यक्तिगत नही है,मैं मंच को कुछ लोगों के चुंगल से मुक्त कराना चाहता हूं,डॉक्टर महेंद्र पाल,हरीश मेहता,भुवन जोशी,किरन पांडे, एन बी गुणवंत, हेमंत बगड़वाल, लक्ष्मण सिंह लमगरिया की मध्यस्ता भी स्वार्थों के कारण व्यर्थ हो गई,उन्होंने कहा कि मंच को मुक्त कराने की लड़ाई अंतिम समय तक लड़ी जाएगी,

दिल्ली/ किच्छा:- गुजरात के बड़ोदरा के दहेज में स्थित इ-पैक फैक्ट्री में टैंक फटने से 20 लोग झुलस गए, हादसे में वार्ड चार बंडीया किच्छा निवासी सूरज पुत्र राजकुमार व विशाल पुत्र कल्याण राय दो लड़के झुलस गए जिससे उनकी मौत हो गई। इस हादसे पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रभारी मंत्री गणेश जोशी एवं पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने शोक व्यक्त किया।लोकसभा चुनाव में उत्तरी पूर्वी लोकसभा के दिल्ली के बुराड़ी विधानसभा में प्रवासी प्रभारी पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने बताया कि चुनाव के दृष्टिगत पार्टी ने उन्हें दिल्ली चुनाव प्रचार में जिम्मेदारी दी है, किच्छा के स्थानीय कार्यकर्ताओं द्वारा टेलीफोन से अवगत कराया कि कल गुजरात में प्राइवेट फैक्ट्री में हुए हादसे में किच्छा के बंडीया निवासी दो बच्चों की जान चली गई है उक्त संवेदनशील मामले का संज्ञान लेकर पीड़ित परिवारों से बात की जिस पर परिजनों ने अवगत कराया की गुजरात से मृतक बच्चों का शव लाने में कठिनाई हो रही है, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने उक्त हादसे से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अवगत कराया एवं मृतक के शव को घर तक पहुंचाने के लिए व्यवस्था करने का आग्रह किया, जिस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिव रणजीत सिंह एवं शैलेश बगोंली को गुजरात सरकार में वार्ताकर दोनों मजदूरों के शव को किच्छा पहुंचाने की व्यवस्था करने के लिए निर्देशित किया। पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने बताया कि मुख्यमंत्री जी के निर्देश के बाद सचिव आपदा से टेलिफोनिक वार्ता हुई जिस पर उन्होंने आश्वस्त किया कि दोनों शव को हवाई जहाज से जोलीग्रांट एयरपोर्ट पर शाम तक पहुंचाने की संभावना है तथा सरकारी व्यवस्था से शव को देहरादून से बंडीया किच्छा भिजवाया जाएगा। पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने कहा कि दुःखद घटना है मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर सरकार पूरे घटनाक्रम का निगरानी की जा रही है, पीड़ित परिवार के साथ हम सभी खड़े है एवं परिवार को हरसंभव मदद की जाएगी।

प्रातीय नगर उद्योग व्यापार मंडल ने उत्तराखंड हाईकोर्ट को रानीबाग स्थित एचएमटी के परिसर में शिफ्ट किए जाने की मांग की है। संगठन के महानगर अध्यक्ष राजीव अग्रवाल और प्रदेश संगठन प्रभारी विरेंद्र गुप्ता ने कहा कि हाईकोर्ट के लिए एचएमटी का खाली पड़ा संपूर्ण परिसर पर्याप्त है, जिसमें उच्च न्यायालय से जुड़ी सभी आवश्यकताओं की पूर्ति हो सकती है।

जिससे सरकार की खाली पड़ी जमीन का भी जनहित में सदुपयोग किया जा सकता है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स /प्रिंट मीडिया: शैल ग्लोबल टाइम्स/ अवतार सिंह बिष्ट, अध्यक्ष उत्तराखंड राज्य निर्माण […]

उत्तराखंड में कांग्रेस के विधायक तिलकराज बहेड़ ने भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ऐसा पत्र लिखा है, जो वायरल हो गया है. विधायक ने अपना दिमाग खराब बताते हुए मुख्यमंत्री से सरकारी खर्च पर इलाज कराने की मांग की है.

यह पत्र सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद हर तरफ चर्चा का सबब बना हुआ है. विधायक के ऐसा अजीब पत्र लिखने के कारण आप यदि ये सोच रहे […]

यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के बाद मंदिर से लेकर 2 किमी तक पैदल मार्ग में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ से भारी जाम लग गया है. चारों तरफ श्रद्धालु हैं और किसी को आगे बढ़ने का रास्‍ता नहीं मिल रहा है.

घंटों से एक ही जगह पर खड़े श्रद्धालुओं ने व्‍यवस्‍थाओं पर जमकर नाराजगी जाहिर की है. पुलिस और प्रशासन भले ही मौके पर मौजूद हों, लेकिन हालात बेकाबू रहे और […]

Cyber Crime: तेलंगाना, राजस्थान, बिहार और हरियाणा के बाद अब उत्तराखंड की राजधानी देहरादून भी साइबर ठगी का हाट स्पाट बनती जा रही है। साइबर ठगी से जुड़े कई गिरोह उत्तराखंड पुलिस के हत्थे चढ़ चुके हैं।

गिरोह में अधिकतर अन्य राज्यों से पढ़ने के लिए दून आने वाले छात्र हैं, जो कि खर्चे पूरे करने के लिए इस काम में शामिल हो रहे हैं। पुलिस पहले […]

नैनीताल। उत्तराखंड में हाईकोर्ट की शिफ्टिंग के लिए चीफ जस्टिस ऋतु बाहरी की खंडपीट ने कहा है कि प्रैक्टिस करने वाले वकीलों की राय भी बहुत आवश्यक है। इसलिए हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को 14 मई 2024 तक एक पोर्टल खोलने का निर्देश दिया गया है। इस पोर्टल में अधिवक्ता यदि उच्च न्यायालय के स्थानांतरण के लिए इच्छुक हैं तो हां, चुनकर अपनी पसंद देने के लिए स्वतंत्र हैं। यदि वे रुचि नहीं रखते हैं तो अपनी नामांकन संख्या, तिथि और हस्ताक्षर दर्शाकर नहीं लिखेंगे। इसी तरह वादकारी भी इस पोर्टल में अपनी राय दे सकते हैं, जो 31 मई तक दी जानी आवश्यक है। हाईकोर्ट ने रजिस्ट्रार जनरल इस आशय की सूचना को गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्रों सहित उत्तराखंड राज्य के पूरे क्षेत्र में व्यापक प्रसार वाले स्थानीय समाचार पत्रों में प्रकाशित करने के भी निर्देश दिए हैं। इस मामले में हाईकोर्ट बार एसोसिएशन से भी जगह चिंहित करने को कहा गया है। हाईकोर्ट ने रजिस्ट्रार जनरल की अध्यक्षता में एक समिति का भी गठन किया है जिसमें प्रमुख सचिव, विधायी और संसदीय कार्य, प्रमुख सचिव, गृह, दो वरिष्ठ अधिवक्ता, उत्तराखंड राज्य बार काउंसिल द्वारा नामित एक सदस्य, बार काउंसिल ऑफ इंडिया से अध्यक्ष और एक अन्य इसके सदस्य होंगे। यह समिति संबंधित पक्षों की राय लेने के बाद 7 जून 2024 तक सीलबंद रिपोर्ट हाईकोर्ट को सौंपेगी। इसके बाद हाईकोर्ट की स्थापना के लिए उपयुत्तफ भूमि के बारे में सरकार की सिफारिश और विकल्पों के परिणाम को मुख्य न्यायाधीश के समक्ष रखा जाएगा। इस मामले में कोर्ट में अगली सुनवाई के लिए 25 जून की तिथि नियत की है। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के आह्वान पर शुक्रवार को आहूत की गई बैठक में अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट की बेंच की शिफ्टिंग की पहल का विरोध किया है। तय किया गया कि सोमवार को बार सभागार में एक और बैठक की जाएगी। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने व्यापक जनहित को आधार मानकर नैनीताल से हाईकोर्ट को शिफ्ट किया जाना आवश्यक बताया है। गौरतलब है कि उत्तराखंड हाईकोर्ट की एक बेंच आईडीपीएल ऋषिकेश भेजने के मौखिक आदेश देने के अगले दिन बृहस्पतिवार को कुमाऊंभर के अधिवक्ता भड़क गए। अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट बेंच शिफ्टिंग का अलग-अलग तरीके से विरोध जताया। बृहस्पतिवार को सीएम पुष्कर सिंह धामी हल्द्वानी पहुंचे। यहां बार एसोसिएशन अध्यक्ष किशोर पंत के नेतृत्व में बार पदाधिकारी सीएम से मिले। उन्होंने सीएम से कहा कि उत्तराखंड छोटा राज्य है, यहां हाईकोर्ट की दो बेंच बैठाने का कोई औचित्य नहीं है। वहीं दूसरी तरफ उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों के बार एसोसिएशन भी हाईकोर्ट की शिफ्टिंग को लेकर जंहा अलग अलग विकल्प प्रस्तुत कर रहे हैं जबकि कुमांऊं मंडल के अधिवक्ताओं के कई वर्ग भी नैनीताल हाईकोर्ट को हटाने के विरोध में एकजुट हो रहे है। जबकि कई अधिवक्ता ऊधमसिंहनगर जनपद में भी सुविधापूर्ण स्थान बता रहे है।

हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स /प्रिंट मीडिया :शैल ग्लोबल टाइम्स/ अवतार सिंह बिष्ट, अध्यक्ष :उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद/

Nainital High Court Shifting:अलग राज्य आंदोलन के दौरान रामपुर तिराहा कांड में पहाड़ की आंदोलनकारी महिलाओं के साथ बर्बरता से उपजा आक्रोश गांव-गांव फैल गया तो चार जनवरी 1994 को तत्कालीन मुलायम सिंह सरकार की ओर से नगर विकास मंत्री रमाशंकर कौशिक की अध्यक्षता में छह सदस्यीय समिति का गठन किया गया था।

इस कौशिक समिति की रिपोर्ट अप्रैल 1994 में विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए प्रथम उत्तराखंड राज्य की मांग को स्वीकार किया गया। इसी समिति ने राज्य की राजधानी गैरसैंण […]

भारत का आम चुनाव (Lok Sabha Election) अब जबकि दूसरे महीने में दाखिल हो चुका है, ज्यादातर पारंपरिक आकलन पहले ही धड़ाम हो चुके हैं. आत्मसंतुष्ट भविष्यवक्ताओं ने बहुत पहले ही यह नतीजा निकाल लिया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और उनकी भारतीय जनता पार्टी (BJP) आसानी से जीत रही है.

लेकिन सात चरण के चुनाव के दो चरणों- तकरीबन 190 सीटों के लिए वोट डाले जा चुके हैं- उसके बाद हालात अब इतने आसान नहीं दिख रहे हैं. भारत का […]