2025: इस वर्ष सावन अमावस्या का शुभ पर्व 24 जुलाई, गुरुवार को मनाया जाएगा। इसे हरियाली अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन का विशेष महत्व पितरों की शांति और कृपा प्राप्त करने के लिए होता है।

प्रातः स्नान करके व्यक्ति पितरों को प्रसन्न करने हेतु तर्पण, दान, और श्राद्ध आदि करता है। माना जाता है कि इन कर्मों से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है […]

कै लाश पर्वत केवल एक पर्वत नहीं, बल्कि आध्यात्मिकता, रहस्य और धार्मिक मान्यताओं का संगम है, जो न केवल हिंदू धर्म में, बल्कि बौद्ध धर्म, जैन धर्म और तिब्बती बोन परंपरा में भी समान रूप से पूजनीय है।

तिब्बत क्षेत्र में स्थित इस पर्वत को भगवान शिव का निवास माना जाता है और इसीलिए इसे सबसे पवित्र पर्वतों में गिना जाता है। पाँच वर्षों के अंतराल के बाद, […]

संपादकीय लेख: “ग्राम स्वराज्य की दिशा में निर्णायक पड़ाव” त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025 – लोकतंत्र की असली परीक्षा गांवों मेंआपका वोट, आपके गांव का भविष्य”!

उत्तराखंड में आज त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का प्रथम चरण केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतंत्र की जड़ों को मजबूती देने वाला महाअभियान है। 49 विकासखंडों में फैले 5823 बूथों […]

संपादकीय लेखपंचायत चुनावों में पारदर्शिता और अनुशासन की मिसाल बनता उधमसिंहनगर प्रशासन

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव लोकतंत्र की नींव माने जाते हैं। यह चुनाव न केवल ग्रामीण भारत की प्रशासनिक दिशा तय करते हैं, बल्कि आम नागरिक को सत्ता की प्रक्रिया में सीधा […]

दिल्ली में उत्तराखंड क्रांति दल की अहम बैठक, त्रिस्तरीय चुनाव में विजयी उम्मीदवारों को सम्मानित करने की बनी रणनीति पंकज सिंह, खटीमा

नई दिल्ली। उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) दिल्ली प्रदेश इकाई की एक महत्वपूर्ण बैठक दिल्ली स्थित अल्मोड़ा भवन में संपन्न हुई, जिसकी अध्यक्षता आईटी प्रकोष्ठ अध्यक्ष पंकज सिंह (फूलैया गांव, खटीमा) […]

भारत-रूस संबंधों पर कई तरह की बातें की जा रही हैं। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में भारत के संबंध रूस के साथ कमजोर हुए हैं। उन्होंने इसका कारण भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका के साथ भारत के मजबूत होते संबंधों को बताया है।

वहीं, दोनों देशों की सरकारों का मानना है कि भारत-रूस संबंधों में पहले से ज्यादा मजबूती आई है। इस बीच भारत ने रूस को एक ऐसी चीज भेजी है, जिससे […]

संपादकीय लेख लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान या राज्य आंदोलनकारियों की उपेक्षा? – धामी सरकार के विधेयक पर पुनर्विचार की जरूरत

उत्तराखंड की राजनीति एक बार फिर इतिहास से प्रेरित फैसलों के बीच असंतुलन का शिकार हो रही है। राज्य के गृह विभाग द्वारा तैयार किया जा रहा प्रस्तावित विधेयक, जिसमें […]

ज्योतिषाचार्य इस दिन के लिए कई गुप्त उपाय बताते हैं जिन्हें करके जीवन में सुख और समृद्धि प्राप्त की जा सकती हैं. शिव पुराण के साथ लिंग पुराण में भी सावन की शिवरात्रि की महिमा का बखान किया गया है.

सावन मास की शिवरात्रि पर रात्रि जागरण और पूजा-पाठ से मोक्ष की प्राप्ति की जा सकती है. ज्योतिष शास्त्र में कई ऐसे उपायों का वर्णन मिलता है जिसे अपनाकर सावन […]

5: हिंदू धर्म में नाग पंचमी का पर्व हर साल श्रावण मास के शुक्लपक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है. सावन के महीने में पड़ने वाले इस पावन पर्व पर लोग शिव के गले का हार माने जाने वाले नाग देवता की विधि-विधान से पूजा करते हैं.

हिंदू मान्यता के अनुसार नागपंचमी पर नाग देवता की पूजा करने पर पूरे वर्ष भर सुख-सौभाग्य बना रहता है. यही कारण है कि इस दिन लोग नाग देवता के मंदिर […]

कुल देवी-देवताओं को परिवार का रक्षक कहा जाता है। ये वो देवी-देवता होते हैं जिनकी पूजा हमारे पूर्वजों के समय से होती चली आ रही है। ये आपके वंश की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं, हालांकि इसके लिए आपको भी समय-समय पर इनकी पूजा आराधना करनी चाहिए।

वहीं अगर आप इनको याद नहीं करते तो इनकी नाराजगी का सामना भी आपको करना पड़ सकता है। कुल देवी-देवताओं के नाराज होने से कुल के पितृ भी अप्रसन्न होते […]