खटीमा शहीद स्मारक और 1 सितंबर 1994 का राज्य आंदोलन?खटीमा गोलीकांड 1994: उत्तराखंड आंदोलन का काला दिन और अधूरी न्यायगाथाखटीमा गोलीकांड 1994: उत्तराखंड आंदोलन का काला दिन और अधूरी न्यायगाथा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी:खटीमा गोलीकांड की बरसी पर शहीद स्थल, खटीमा में आयोजित कार्यक्रम में शहीद राज्य आन्दोलनकारियों को श्रद्धा सुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान शहीद राज्य आन्दोलनकारियों […]

संपादकीय:भारतीय जनता पार्टी और हिंदुत्व की राजनीति?ऐतिहासिक पृष्ठभूमि!उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को समझने के लिए हमें इतिहास की गहराई में जाना होगा।

उत्तराखंड की धरती सदियों से देवभूमि के नाम से जानी जाती है। हिमालय की गोद में बसा यह प्रदेश न केवल प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि इसकी पहचान […]

आकांक्षी जनपद कार्यक्रम : विकास की मुख्यधारा से जुड़ने की राह?कमिश्नर दीपक रावत, डीएम नितिन भदौरिया – मिलकर बदल रहे जनपद की तस्वीर !”कमिश्नर दीपक रावत, डीएम नितिन भदौरिया – मिलकर बदल रहे जनपद की तस्वीर !”

रुद्रपुर 29 अगस्त 2025। भारत सरकार द्वारा चिन्हित आकांक्षी जनपद एवं आकांक्षी विकास खण्ड कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए मण्डलायुक्त दीपक रावत ने स्वास्थ्य व शिक्षा पर विशेष ध्यान देने […]

कुत्ता प्रेम या विदेशी एजेंडा? भारत को कमज़ोर करने का एक और खेल

जब से सर्वोच्च न्यायालय ने आवारा कुत्तों पर निर्णय दिया है, उससे अधिक चर्चा कुत्ता प्रेमियों की सक्रियता पर हो रही है। गली-गली से लोग यह कहते दिखाई दे रहे […]

✍️ संपादकीय :सिडकुल गणपति महोत्सव – 14वाँ वर्ष : उद्योगों की आस्था और एकता का पर्व”

पंतनगर रुद्रपुर,सिडकुल की औद्योगिक नगरी केवल मशीनों की आवाज़ और उत्पादन की गति से ही जीवंत नहीं होती, बल्कि यहाँ के लोग अपनी परंपराओं, संस्कृति और आस्था के प्रति गहरे […]

थराली में बादल फटा, तबाही का मंजर – घर जमींदोज, सड़कें टूटीं, गाड़ियां दबीं

चमोली/थराली।उत्तराखंड का चमोली जिला एक बार फिर प्राकृतिक आपदा का शिकार हुआ। शुक्रवार आधी रात बादल फटने से थराली कस्बे और आसपास के गांवों में भारी तबाही मची। थराली बाजार, […]

संपादकीय : गिर्दा – जनसंघर्षों की आवाज और उत्तराखंड की आत्मा?शैल परिषद ने दी श्रद्धांजलि,

रुद्रपुर उत्तराखंड,शैल परिषद ने दी श्रद्धांजलि, कहा– गिर्दा उत्तराखंड की आत्मा थे। शैल सांस्कृतिक समिति (शैल परिषद) ने जनकवि गिरीश चंद्र तिवारी ‘गिर्दा’ की 15वीं पुण्यतिथि पर गहरी श्रद्धांजलि अर्पित […]

हार के बाद ‘वोट चोरी’ कहना कांग्रेस की परिपाटी : धामी?(पंचायत चुनाव और विधानसभा सत्र पर सियासी टकराव का संपादकीय विश्लेषण)(पंचायत चुनाव और विधानसभा सत्र पर सियासी टकराव का संपादकीय विश्लेषण)

उत्तराखंड की राजनीति इन दिनों पंचायत चुनावों के नतीजों और विधानसभा के मानसून सत्र में हुए हंगामे को लेकर गर्माई हुई है। एक ओर कांग्रेस पंचायत चुनावों में धांधली और […]

संपादकीय लेखउत्तराखंड की परिकल्पना बनाम कांग्रेस का सियासी नाटक”

उत्तराखंड के ज्वलंत मुद्दे और विधानसभा का दुर्भाग्य?उत्तराखंड आज भी अपने मूल प्रश्नों से जूझ रहा है। जल–जंगल–जमीन की सुरक्षा, गैरसैंण को स्थाई राजधानी बनाने की मांग, बेरोजगारी और पलायन […]

उत्तराखंड विधानसभा का मानसून सत्र: हंगामे, बजट और विधेयकों के बीच राज्य आंदोलनकारी की परिकल्पना का सवाल,

भराड़ीसैंण की ठंडी वादियों में जब मानसून सत्र का आगाज़ हुआ तो पूरे उत्तराखंड की निगाहें विधान भवन पर टिक गईं। उम्मीद थी कि आपदा, बेरोज़गारी, शिक्षा, स्वास्थ्य, पलायन और […]