थराली में बादल फटा, तबाही का मंजर – घर जमींदोज, सड़कें टूटीं, गाड़ियां दबीं

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चमोली/थराली।उत्तराखंड का चमोली जिला एक बार फिर प्राकृतिक आपदा का शिकार हुआ। शुक्रवार आधी रात बादल फटने से थराली कस्बे और आसपास के गांवों में भारी तबाही मची। थराली बाजार, तहसील परिसर, कोटदीप और चेपड़ों सहित कई इलाकों में घरों और दुकानों में मलबा घुस गया। तहसील परिसर में खड़ी गाड़ियां दब गईं। सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं और लोगों के घर उजड़ गए।


✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर (उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी)

सागवाड़ा गांव में 20 वर्षीय युवती की मलबे में दबने से मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति लापता बताया जा रहा है। थराली-ग्वालदम और थराली-सागवाड़ा मार्ग भूस्खलन और मलबे के कारण बंद हो गए हैं।

SDM आवास भी दबा, तीन ब्लॉकों में स्कूल बंद
थराली तहसील परिसर के टूनरी गदेरा और राड़ीबगड़ क्षेत्र में मलबा भर गया। एसडीएम आवास तक मलबे की चपेट में आ गया, हालांकि समय रहते अधिकारी और परिजन सुरक्षित बाहर निकल गए। प्रशासन ने एहतियातन थराली, देवाल और नारायणबगड़ ब्लॉक के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया।

राहत और बचाव कार्य जारी
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। गौचर से एनडीआरएफ और आईटीबीपी, जबकि ग्वालदम से एसएसबी की टीमें रवाना हुईं। जिला आपदा कंट्रोल रूम के मुताबिक कई मकान और दुकानें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।

मुख्यमंत्री ने जताया दुख
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने थराली की इस आपदा पर गहरा दुख जताया और कहा कि जिला प्रशासन व आपदा प्रबंधन की टीमें राहत और बचाव कार्यों में जुटी हैं। उन्होंने प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और मदद का आश्वासन देते हुए कहा कि राज्य सरकार हर संभव सहायता करेगी।

स्थानीय लोग सहमे, सवाल भी खड़े
थराली में जिस तरह बाजार और तहसील परिसर तक मलबा घुस गया, उसने आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि नदियों और गदेरों पर अतिक्रमण और अनियोजित निर्माण इस तरह की तबाहियों को और भयावह बना देता है।


थराली की यह त्रासदी केवल एक प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि हमारी व्यवस्था के लिए चेतावनी भी है। अगर अब भी राज्य ने आपदा पूर्व तैयारी और ठोस नीतियां नहीं अपनाईं, तो हर साल पहाड़ों पर ऐसी कहर बरपाने वाली घटनाएं दोहराई जाती रहेंगी।


थराली बाजार, कोटदीप, तहसील परिसर और चेपड़ों सहित अनेक क्षेत्रों में मलबा घुसने के कारण घर, दुकानें और वाहन क्षतिग्रस्त हुए।प्रशासन ने एहतियातन थराली, देवाल और नारायणबगड़ ब्लॉकों में सभी स्कूल व आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश की घोषणा की है।


चेपड़ों (थराली) में बादल फटने से तबाही : घर, खेत और सपनों पर मलबे का साया,
शुक्रवार की आधी रात को हुई बादल फटने की घटना ने चमोली जिले के थराली तहसील के ग्राम सभा चेपड़ों को सबसे ज्यादा प्रभावित कर दिया। अचानक आसमान से बरसे पानी और भारी मलबे ने पूरे इलाके को तबाह कर दिया। ग्रामीणों की रात चीख-पुकार और अफरा-तफरी में गुज़री।
घरों और खेतों पर कहर
ग्राम सभा चेपड़ों में करीब 15 से अधिक मकान मलबे की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गए। कुछ कच्चे मकान तो पूरी तरह बह गए। कई परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। किसानों की धान और मक्का की फसलें भारी बारिश और मलबे में समा गईं। खेतों में जगह-जगह दरारें और पानी के गड्ढे बन गए हैं।
“आधी रात को ऐसा लगा मानो पूरा पहाड़ टूट पड़ा हो। घर के अंदर मलबा और पानी घुस आया। हम किसी तरह बच्चों को लेकर बाहर भागे। अब रहने को छत नहीं बची।”
मवेशियों और आजीविका का नुकसान
ग्राम सभा में कई परिवारों के गाय-भैंस बह गए या दबकर मर गए। इससे ग्रामीणों की आजीविका पर भी संकट खड़ा हो गया है। जिनके पास दुकानें थीं, उनमें से कई की दुकानें और अनाज के गोदाम मलबे के नीचे दब गए हैं।
सड़क और संचार व्यवस्था ठप
चेपड़ों को जोड़ने वाली ग्राम सड़क जगह-जगह से बह गई है। थराली बाजार और अन्य बस्तियों से संपर्क टूट चुका है। मोबाइल नेटवर्क भी बाधित हो गया है, जिससे परिजनों से संपर्क करने में दिक्कत हो रही है।प्रशासन की मुश्किलें
राहत और बचाव दल सुबह से ही मौके पर पहुंच गए, लेकिन लगातार बारिश और टूटी सड़कों की वजह से राहत कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। प्रशासन ने प्राथमिक स्तर पर प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और अस्थायी आश्रय देने की व्यवस्था शुरू कर दी है।

थराली तहसील प्रशासन के अनुसार, प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत राशि और राशन सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। मलबा हटाने के लिए जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं।

ग्रामीणों की मांग,ग्राम सभा के प्रधान ने कहा कि प्रभावितों के पुनर्वास के लिए स्थायी समाधान और उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि क्षेत्र में सुरक्षा हेतु नालों और गदेरों पर मजबूत बांध बनाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी तबाही से बचाव हो सके।
डर और अनिश्चितता का माहौल,चेपड़ों में लोग अभी भी दहशत में हैं। कई परिवार सुरक्षित स्थानों पर शरण लिए हुए हैं, जबकि बच्चे और बुजुर्ग गहरे सदमे में हैं। बारिश के बाद भी गांव में चारों ओर कीचड़ और मलबे का अम्बार है।

ग्राउंड जीरो से – मोहिनी बिष्ट, संपादक, शैल ग्लोबल टाइम्स

चमोली जिले की थराली तहसील और देवाल ब्लॉक के कई गांवों में शुक्रवार रात बादल फटने की घटना से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। थराली तहसील के चेपड़ों, थराली बाजार, हरमनी, मैठाण, कुलसारी, बगजी, सौड़, पातरौ, कासनी, बौराड़ी, चिरबटिया सहित आसपास के गांवों में सड़कें जगह-जगह से कट गई हैं और बिजली की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है।

इसी तरह देवाल ब्लॉक के लिंगड़ी, डांग, पिंडरघाटी, कर्णप्रयाग मार्ग के आसपास के छोटे गांवों में पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त हो गई हैं। कई जगहों पर स्कूल भवनों में मलबा घुस गया, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी। स्वास्थ्य उपकेंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं भी बाधित हो गई हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि बिजली, पानी और सड़क ठप होने से पूरा क्षेत्र बाहरी दुनिया से कट गया है। मरीजों और बुजुर्गों को इलाज के लिए ले जाना मुश्किल हो गया है। खेत और फसलें बर्बाद होने से गांव की आजीविका पर भी संकट गहरा गया है।



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