उत्तराखंड कीलोक-सांस्कृतिक पहचान उसके पारंपरिक नृत्यों में गहराई से समाई हुई है। कुमाऊँ और गढ़वाल दोनों ही क्षेत्रों में नृत्य जीवन के आनंद, संघर्ष, वीरता और अध्यात्म के अभिव्यक्ति माध्यम हैं। झोड़ा, चांचरी, झुमैलो और चौंफुला जैसे सामूहिक नृत्य सामाजिक एकता और उल्लास को दर्शाते हैं, जबकि छोलिया और रणभूत जैसे नृत्य शौर्य, युद्धकला और वीरगति का सम्मान प्रस्तुत करते हैं। पांडव नृत्य महाभारत की कथाओं पर आधारित एक अनूठी लोक-नाट्य परंपरा है, जिसमें पौराणिक पात्रों की ऊर्जा कलाकारों में समाहित होने की लोकमान्यता भी जुड़ी है। वहीं थड़िया, मंडाण, सरौं, हारुल, भगनोल और मुखोटा नृत्य अलग-अलग अवसरों, ऋतुओं और देव-उत्सवों से संबंध रखते हैं। इन सभी नृत्यों में प्रकृति के प्रति प्रेम, सामाजिक सामूहिकता, अध्यात्म और लोक-स्मृतियों के संरक्षण का भाव प्रमुख रूप से दिखाई देता है। उत्तराखंड के लोक नृत्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि पीढ़ियों की सांस्कृतिक विरासत, आस्था और पहचान के जीवंत प्रतीक हैं।

उत्तराखंड के लोकनृत्य — परंपरा, आध्यात्म, सामाजिकता और सामुदायिक चेतना की अनंत यात्रा ✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड की आत्मा […]

चमोली में यौन शोषण के आरोपी अतिथि शिक्षक यूनुस अंसारी को माध्यमिक शिक्षा विभाग में 2015 में अतिथि शिक्षक की नौकरी मिली थी। यह नौकरी उसे चमोली जिले के स्थाई निवास प्रमाण पत्र के आधार पर मिली।

अब यूनुस के नजीबाबाद का मूल निवासी होने की बात सामने आने पर जिलाधिकारी गौरव कुमार ने उसके चमोली गढ़वाल से जारी स्थाई निवास प्रमाण पत्र के जांच के आदेश […]

जब रुद्रचंद ने अकेले द्वन्द युद्ध जीतकर मुगलों को तराई से भगाया — कुमाऊँ की अस्मिता, साहस और राजनीतिक चतुराई की अद्भुत गाथा

इतिहास केवल तिथियों और घटनाओं का दस्तावेज भर नहीं होता। वह किसी भूभाग की आत्मा, समाज की चेतना और संस्कृति की रीढ़ होता है। उत्तराखंड के इतिहास में यदि ऐसा […]

मेट्रोपोलिस सोसायटी विवाद पर हाईकोर्ट का निर्णय – लोकतंत्र की जीत, बंद दरवाजों की हार? मेट्रोपोलिस सोसायटी मामले में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, सभी 1600 घरों को मिलेगी सदस्यता

मेट्रोपोलिस सोसायटी मामले में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, सभी 1600 घरों को मिलेगी सदस्यता रूद्रपुर। मेट्रोपोलिस रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (एमआरडब्लूए) के उपनियमों और चुनाव प्रक्रिया को लेकर चल रहे विवाद […]

क्रिकेट के इतिहास में नया मील का पत्थरदक्षिण अफ्रीका के खिलाफ चल रही तीन वनडे मैचों की श्रृंखला के पहले मुकाबले में, विराट कोहली ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की।

उन्होंने पहले मैच में शतक बनाकर मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के 51 टेस्ट शतकों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। अब कोहली के वनडे में कुल 52 शतक हो गए […]

रावण केवल लंका के महान राजा नहीं थे, बल्कि भगवान शिव के परम भक्त, महान तांत्रिक और कुशल ज्योतिषी भी थे. उनकी तंत्र विद्या और ज्योतिष का खजाना हमें रावण संहिता में मिलता है.

ज्योतिषाचार्य डॉ एन के बेरा से अनुसार इस ग्रंथ में उन्होंने न केवल कई ज्योतिषीय रहस्य बताए हैं, बल्कि कुछ ऐसे विशेष उपाय भी बताए हैं, जिनसे व्यक्ति अपनी किस्मत […]

मानवता की मिसाल: रम्पुरा के दर्द को अपनाने वाले विधायक शिव अरोड़ा?गुरु का दृष्टिकोणः मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म – विधायक शिव अरोड़ा का उदाहरण

यह कठिन समय का सत्य है कि समाज का असली चरित्र संकट के क्षणों में दिखाई देता है — और जनप्रतिनिधि का असली मूल्य भी। रुद्रपुर के विधायक शिव अरोड़ा […]

राज्य संघर्ष की दो ज्योतियाँ बुझीं, आदर्श अमर — दिवाकर भट्ट व कॉमरेड राजा बहुगुणा को कृतज्ञ उत्तराखंड की श्रद्धांजलि

उत्तराखंड क्रांति दल नैनीताल इकाई की अगुवाई में राज्य अतिथि गृह में राज्य आंदोलनकारी यूकेडी के पूर्व विधायक दिवाकर भट्ट एवं CPI नेता कॉमरेड राजा बहुगुणा के सम्मान में श्रद्धांजलि […]

मनुष्य जन्म लेते ही किसी अदृश्य शक्ति की शरण में चला जाता है। सांसें शरीर को जीवित रखती हैं, पर जीवन की दिशा वह दिव्य ऊर्जा संचालित करती है जिसे हम इष्ट देव कहते हैं। इष्ट देव वही हैं जिनके नाम से मन शांत होता है और आत्मा सुरक्षित महसूस करती है। जब मन स्मरण व भक्ति में स्थिर रहता है, तब निर्णयशक्ति मजबूत होती है, आत्मविश्वास बढ़ता है और जीवन सहज दिशा पकड़ लेता है। पर जब जीवन की व्यस्तता, अहंकार या भौतिकता व्यक्ति को इष्ट से दूर ले जाती है, तब बेचैनी, भ्रम, अवरोध और असंतोष बढ़ने लगते हैं। इष्ट देव कोई बाहरी सत्ता नहीं, आत्मा की मौलिक शक्ति हैं। उनका स्मरण प्रार्थना से ज़्यादा मन की ऊर्जा को जागृत करने का माध्यम है। भक्ति प्रदर्शन में नहीं, समर्पण में बसती है। जब मन प्रेम से अपने इष्ट की ओर लौटता है, तो भाग्य, शांति और समृद्धि स्वयं लौट आती है — यही जीवन का सनातन सत्य है।

30 November 2025): 30 नवंबर 2025, रविवार का दिन, हिंदू पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि रात 9 बजकर 29 मिनट तक रहेगी, फिर एकादशी […]

विधायक शिव अरोरा ने अधिकारियों संग किया रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज का स्थलीय निरीक्षण

रुद्रपुर। निर्माणाधीन रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज में सोमवार को विधायक शिव अरोरा ने अधिकारियों संग स्थलीय निरीक्षण किया। इंजीनियरों ने मैप के माध्यम से एडमिन ब्लॉक, ऑफिस, कक्षाएं, लेब ब्लॉक और […]