काशीपुर उत्तराखंड ताइक्वांडो की ओर से आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता का समापन हो गया। इस दौरान ओवरऑल में 18 स्वर्ण जीतकर देहरादून पहले, 16 स्वर्ण के साथ ऊधमसिंह नगर दूसरे और नौ स्वर्ण के साथ रानीखेत की टीम तीसरे स्थान पर रही।

रविवार को स्टेडियम के बहुउद्देश्यीय भवन में दूसरे दिन भी मुकाबले हुए। जूनियर बालक वर्ग 45 किलो में जश्न योगी, 48 किलो में अमन सिंह, 51 किलो में अनुज तिवारी, […]

दिनेशपुर। एसटीएफ, पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने क्षेत्र के एक गांव में छापा मार कर किराये के मकान में चल रही अवैध देसी शराब बनाने की फैक्टरी का भंडाफोड़ किया है। टीम ने मौके से बड़ी मात्रा में तैयार बाजपुर की गुलाब मार्का की नकली शराब के पव्वे, शराब बनाने के उपकरण, अवैध केमिकल, कच्चा माल, खाली बोतल आदि के साथ परिवहन में प्रयुक्त की जाने वाली आल्टो कार और एक स्कूटी बरामद की है।

टीम ने मौके से फैक्टरी का संचालन कर रहे दो सगे भाइयों के साथ मकान मालिक को गिरफ्तार किया है। तीनों के खिलाफ थाने में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज […]

खटीमा चलती ट्रेन से धक्का देकर एक युवक से मोबाइल और रुपये लूट लिए गए। प्राथमिक इलाज के बाद युवक की हालत सामान्य है। आरोपियों का पता नहीं चल सका है। जानकारी के मुताबिक रामशाला, बीसलपुर, यूपी निवासी नितिन पुत्र इंद्रपाल खटीमा में किराये के मकान में रहता है।

रविवार सुबह वह मजदूरी के लिए ट्रेन में सवार होकर टनकपुर जा रहा था। चकरपुर हॉल्ट के पास चलती ट्रेन में गेट पर दो युवकों ने उसकी जेब से करीब […]

एसटीएफ कुमाऊं को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। हालांकि यह कार्यवाही लोकल थाना पुलिस को करनी चाहिए थी लेकिन एसटीएफ को जैसे ही सूचना मिली वैसे ही नकली शराब बनाने की फैक्ट्री को पकड़ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। एसटीएफ के द्वारा की गई कार्यवाही के बाद लोकल थाना पुलिस पर भी सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।

उत्तराखंड एसटीएफ द्वारा थाना दिनेशुपर व आबकारी विभाग की टीम को साथ लेकर संयुक्त कार्यवाही हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स/प्रिंट मीडिया :शैल ग्लोबल टाइम/ संपादक अवतार सिंह बिष्ट रूद्रपुर उत्तराखंड में फैक्ट्री […]

रुद्रपुर : जिलास्तरीय विकास प्राधिकरण की तरफ से शहर में विकसित की जा रही अवैध कालोनियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है। शुक्रवार को प्राधिकरण उपाध्यक्ष अभिषेक रुहेला के निर्देश पर टीम ने जयनगर में चार एकड  में फली अवैध कालोनी को ध्वस्त कर दिया। (अवतार सिंह बिष्ट अध्यक्ष उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद।  उधम सिंह नगर में 90% कालोनियां अवैध, प्राधिकरण रेरा के आदेशों की नौकरशाओं से मिली भगत से उड़ा रहे हैं उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना की धज्जियां। 10 या 20 एकड़ में काटी जा रही कॉलोनी में मात्र 1 से 3 एकड़ को नौकरशाहों से अप्रूवल करने के बाद नियम विरुद्ध कालोनी काटी जा रही है। जिन्हें किसी सर्टिफिकेट की आवश्यकता नहीं है क्योंकि, अवैध कॉलोनी में प्रत्येक एकड़ के हिसाब से कमिशन फिक्स,)

हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स/प्रिंट मीडिया :शैल ग्लोबल टाइम/ संपादक अवतार सिंह बिष्ट रूद्रपुर उत्तराखंड प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को निर्देश के बाद जयनगर नंबर दो रुद्रपुर में हरदीप […]

फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर की 24 साल सहायक टीचर की नौकरी, अब हुआ बर्खास्त..

हाईस्कूल इंटर के फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर 24 साल सहायक टीचर की नौकरी, अब हुआ बर्खास्त.. काशीपुरः हाईस्कूल और इंटर के फर्जीप्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी करना शिक्षक […]

राजस्व में इजाफे के लिए जिले में खोल दीं शराब की उपदुकानें

64 दुकानों के लिए ली है अनुमति, 30 उपदुकानों का संचालन शुरू प्रस्ताव में उपदुकानों में शराब की हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स/प्रिंट मीडिया :शैल ग्लोबल टाइम/ संपादक अवतार सिंह बिष्ट रूद्रपुर […]

रूद्रपुर, 16 मई, 2024/ जनपद में जल संरक्षण एवं ग्रीष्मकालीन धान के क्षेत्रफल को कम करने एवं वैकल्पिक रूप से अन्य फसलों को बढ़ावा दिये जाने हेतु जिलाधिकारी उदयराज सिंह की अध्यक्षता में डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम सभागार में कृषि वैज्ञानिकों, कृषि संगठनोें, प्रगतिशील कृषकों व संबंधित अधिकारियों के बीच गहन मंथन किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि जल संरक्षण के साथ ही जीविकोपार्जन करना अति महत्वपूर्ण है। ग्रीष्मकालीन धान की फसल उत्पादन से अत्यधिक जल दोहन से भूमिगत जल स्तर निरंतर कम होता जा रहा है तथा जल स्रोत सूख रहे हैं, जो अत्यधिक चिंतनीय है। उन्होेंने अत्यधिक जल दोहन के दुष्परिणामों पर चर्चा करते हुए कहा कि जल संरक्षण, प्राकृतिक स्रोत व पर्यावरण को बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी हैै। कृषक जागरूक होकर जिम्मेदारी समझते हुए कृषि कार्य करें।जिलाधिकारी ने कहा कि कृषक ग्रीष्मकालीन धान की जगह गन्ना, मक्का, दलहन, जैसी फसलों का उत्पादन को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा कि यह बैठक हमारा पहला कदम है आगे भी इसप्रकार की चर्चाएं की जाएंगी। उन्होंने कृषकों व कृषक संगठनों से अपनी समस्या व सुझाव लिखित रूप में देने को कहा ताकि समस्याओं व सुझावों पर विचार-विमर्श कर समाधान निकाला जा सके।गर्मी के धान के विकल्प के रूप में अन्य फसलों को बढावा दिये जाने के सम्बन्ध में विभिन्न संस्थानों से आये वैज्ञानिकों द्वारा धान की फसल को उगाने के नई तकनीकों जैसे धान की सीधी बुवाई कर पानी खपत को कम करना, दलहनी एवं तिलहनी फसलों की खेती को बढ़ावा दिया जाना, गन्ने की खेती को बढावा दिया जाना तथा जनपद में मैथा एवं सूरजमूखी की फसलों को बढावा दिये जाने पर चर्चा की गयी। संवाद कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आये कृषकों एवं कृषक संगठनों द्वारा सुझाव रखा कि जनपद में गेहूं की फसल की कटाई के तुरन्त बाद जो धान की खेती की जा रही है, वह पर्यावरण के दृष्टिकोण से हानिकारक है, इस पर रोक लगाई जाए साथ ही धान की खेती को अन्य राज्यों यथा पंजाब, हरियाणा की तर्ज पर धान की रोपाई की तिथि निर्धारित की जाए। कृषकों द्वारा यह भी सुझाव दिये गये कि भू-जल स्तर को बनाये रखने के लिए जनपद में स्थापित डैमों में जमा हो रही सिल्ट को निकाला जाए तथा कृषकों का यह भी सुझाव था कि ग्रीष्मकालीन धान के विकल्प के रूप में अन्य फसलों के उत्पाद के विपणन की व्यवस्था की जाए। मुख्य विकास अधिकारी मनीष कुमार द्वारा बैठक में वैज्ञानिकों एवं कृषकों द्वारा दिये गये सुझावों की संक्षेप में जानकारी दी तथा अवगत कराया गया कि इस विषय पर समय-समय पर इस तरह के संवाद कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।जिलाधिकारी द्वारा कृषक संगठनों से अनुरोध किया गया कि ग्राम स्तर पर गर्मी के धान से होने वाले नुकसान के बारे में ग्राम स्तर पर भी चर्चा करें। उपाध्यक्ष किसान आयोग राजपाल सिंह ने भी ग्रीष्मकालीन धान के विकल्प के रूप में गन्ना, मक्का, दलहन, तिलहन का उत्पादन करने को कहा ताकि हमारा जल, पर्यावरण बचा रहे।

बैठक में निदेशक अनुसंधान पंतनगर अजीत सिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक आइ.आई.आर.आर.हैदराबाद डॉ. बृजेन्द्र, आर. महेन्द्र कुमार, वरिष्ठ वैज्ञानिक आई आई टी रूड़की प्रोफेसर आशीष पांडे, वरिष्ठ वैज्ञानिक आई.सी.ए.आर./आई.आई.आर.आर. लुधियाना डॉ. एस […]

रुद्रपुर 16 मई 2024 सूचना। मुख्य विकास अधिकारी मनीष कुमार ने गुरुवार को प्रातः 10.05 बजे विकास भवन स्थित कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी के कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी, रूद्रपुर के सम्बन्ध में पूछे जाने पर कार्यालय स्टाफ द्वारा अवगत कराया गया कि वे मा० सूचना आयोग, देहरादून गये हैं। निरीक्षण के दौरान कार्यालय में कार्यरत् गीता कौर सहायक कृषि अधिकारी वर्ग-1. लोकेश कुमार मानचित्रक, सन्तोष कुमार कमल वरिष्ठ सहायक अनुपस्थित पाये गये। अनुपस्थित कार्मिकों आज 16 मई का वेतन आहरण पर रोक लगायी गयी है तथा सम्बन्धितों का स्पष्टीकरण प्राप्त कर प्रस्तुत करने हेतु मुख्य कृषि अधिकारी ऊधमसिंह नगर को निर्देश दिये गये। निरीक्षण के दौरान विभिन्न पटलों पर कार्यरत कर्मचारियों द्वारा संपादित किये जा रहे कार्यों से सम्बन्धित अभिलेखों का परीक्षण किया गया तथा परीक्षण के दौरान पायी गयी त्रुटियों को सुधारने हेतु सम्बन्धितों को मौके पर ही निर्देश दिये गये। मुख्य कृषि अधिकारी को यह भी निर्देश दिये गये कि कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी, रूद्रपुर के देहरादून जाने हेतु ली गयी अनुमति से सम्बन्धित पत्रावली पृथक से प्रस्तुत कराना सुनिश्चित करेंगे। कर्मचारियों को निर्देश दिये गये कि विभाग द्वारा संचालित एवं क्रियान्वित समस्त योजनाओं का पूर्ण पारदर्शिता एवं निष्पक्षता से समस्त वांछित औपचारिकताएँ पूर्ण कराने के उपरान्त ही पात्र कृषकों / लाभार्थियों का चयनित कर लाभान्वित करने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाय तथा किसी भी अपात्र व्यक्ति / कृषक को लाभान्वित न किया जाय, यदि किसी अपात्र व्यक्ति / कृषक को लाभान्वित किया जाना पाया जायेगा तो इस हेतु सम्बन्धित कर्मचारी को उत्तरदायी मानते हुए अवमुक्त की गयी धनराशि की वसूली सम्बन्धित कर्मचारी से कराने की कार्यवाही की जायेगी। यह भी निर्देश दिये गये कि सभी कर्मचारी प्रत्येक कार्य दिवस में निर्धारित समय पर कार्यालय में उपस्थित होकर अपने अपने दायित्वों का निर्वहन करें तथा कार्यालय समयावधि के उपरान्त ही कार्यालय से प्रस्थान करना सुनिश्चित करें ।

रूद्रपुर 14 मई, 2024/ नैदानिक स्थापन अधिनियम 2010 एवं उत्तराखण्ड नियमावली(रजि0 एवं विनियमन) 2015 के क्रियान्वयन व निजी चिकित्सालयों के स्थायी व अस्थायी पंजीकरण अथवा नवीनीकरण हेतु अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय की अध्यक्षता में जिला रजिस्ट्रीकरण प्राधिकरण की महत्वपूर्ण बैठक जिला कार्यालय सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक में अपर जिलाधिकारी ने कहा कि चिकित्सा सेवा मानव जीवन से संबंधित है, इसलिए चिकित्सालयों में मानकों के अनुसार व्यवस्थाएं सुनिश्चित हों ताकि मरीज को उचित उपचार मिल सके। उन्होने कहा कि मानव स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने कहा कि एक्ट में उल्लिखित पद्धतियों के आधार पर ही चिकित्सा संस्थानों के पंजीकरण किये जाये।अपर जिलाधिकारी ने कहा कि चिकित्सालय जनता के लिए होते हैं इसलिए पंजीकरण मानकों व सुविधाओं के अनुसार किया जाये। चिकित्सालयों में सेवा देेने वाले सभी कार्मिक सेवा की पात्रता अवश्य रखते हों ताकि मरीज को स्वास्थ्य की उचित सेवा मिल सके। उन्होंने कहा कि जनपद में अपंजीकृत चिकित्सकों(झोलाछाप) द्वारा अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों, पैथोलॉजी लैबों तथा ऐसे पंजीकृत क्लीनिकों, चिकित्सालय जो नियम विरूद्ध कार्य कर रहे हैं की संयुक्त टीम चिकित्साधिकारी, उपजिलाधिकारी, पुलिस, अन्य सदस्यों द्वारा छापेमारी की जाए, छापेमारी जांच दौरान फोटो एवं वीडियोग्राफी करते हुए उपकरण, दवाएं आदि सील किये जाएं व पुख्ता जांच आख्या बनाकर क्लीनिक को सीज किया जाए व प्राथमिकी भी दर्ज की जाए। उन्होंने कहा कि सभी चिकित्सालयों, क्लीनिकों में एस.टी.पी. के साथ ही बायोमेडिकल वेस्ट मानकों के अनुसार किया जाए।उन्होंने कहा कि सरकारी चिकित्सालयों में उचित व्यवस्थाएं जैसे साफ-सफाई, बिस्तर, शौचालय, आवश्यक उपकरणों की उचित व्यवस्थाएं करते हुए संचालित किए जाएं ।

चिकित्साधिकारी नियमित चिकित्सालयों का अवश्य निरीक्षण करें ताकि उचित व्यवस्थाएं बनी रहें। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स/ प्रिंट मीडिया शैल ग्लोबल टाइम्स/ अवतार सिंह बिष्ट, रूद्रपुर उत्तराखंड मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज कुमार […]