बिहार विधानसभा विधानसभा चुनाव को लेकर राजस्थान के मशहूर फलोदी सट्टा बाजार के ताजा आंकड़ों ने बिहार के सियासी दलों के होश उड़ा दिए हैं। पहले चरण के चुनाव में 121 विधानसभा सीटों पर रिकॉर्ड 65 फीसदी से जायदा मतदान होने के बाद बिहार में बड़े स्तर पर फेरबदल की संभावना जताई जा रही है।

हालांकि फलोदी सट्टा बाजार के आंकड़ों में न तो नीतीश कुमार और ना ही तेजस्वी यादव की पार्टी क्रमशः जदयू-राजद बिहार में सबसे ज्यादा सीट ला रही है। यहां तक […]

संपादकीय लेख“भाषा से जीवन तक – कुमाऊँनी सम्मेलन में नेत्रदान का उजाला”✍️ अवतार सिंह बिष्ट

रुद्रपुर में आयोजित राष्ट्रीय कुमाऊँनी भाषा सम्मेलन 2025 केवल भाषा, साहित्य और संस्कृति तक सीमित नहीं रहा — इस बार यह मानवीय संवेदनाओं, जीवनदायिनी सोच और सामाजिक उत्तरदायित्व का भी […]

कुमाऊँनी भाषा सम्मेलन : भाषा, संस्कृति और आत्मगौरव का उत्सव(समापन सत्र पर विशेष रिपोर्ट)

रुद्रपुर/भाषा ही हमारी अस्मिता की आत्मा है, और जो अपनी भाषा को बचा लेता है, वह अपनी पहचान को भी अमर कर देता है।” — यही संदेश समेटे तीन दिवसीय […]

✍️ संपादकीय लेख :दीपमाला के निर्देशन में छात्राओं का लोकनृत्य बना रजत जयंती का आकर्षण”जय हो कुमाऊँ, जय हो गढ़वाला छात्राओं की प्रस्तुति ने रजत जयंती समारोह में बांधा समां” “बरामदे में सिमटी रजत जयंती —

रुद्रपुर, 08 नवम्बर 2025।उत्तराखण्ड राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती इस बार प्रशासनिक सीमाओं के भीतर एक औपचारिक आयोजन बनकर रह गई, परंतु सनातन धर्म कन्या इण्टर कॉलेज, रुद्रपुर की […]

कुमाऊँनी भाषा सम्मेलन के दूसरे दिन शब्दों की सार्थक साधना — भाषा मानकीकरण पर गंभीर विमर्श, सम्मान और विमोचन ने बढ़ाई गरिमा

रुद्रपुर। शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान (डायट) रुद्रपुर इन दिनों उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, मातृभाषा और साहित्यिक चेतना का केंद्र बना हुआ है। कुमाऊँनी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति प्रचार समिति, कसारदेवी (अल्मोड़ा) तथा […]

रजत जयंती वर्ष का सिमटा उत्सव : राज्य आंदोलनकारियों की उपेक्षा ने रुद्रपुर को किया निराश !

रुद्रपुर, उत्तराखंड — राज्य स्थापना दिवस, जिसे कभी जनता, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के साझा उत्सव के रूप में मनाया जाता था, इस बार अपने ही घर में सीमित होकर रह […]

संपादकीय लेख : रजत जयंती समारोह — गौरवशाली अतीत की छाया में सिमटता उत्सव

उत्तराखंड राज्य की स्थापना का उद्देश्य केवल प्रशासनिक पुनर्गठन नहीं, बल्कि पहाड़ की आत्मा और अस्मिता को स्वर देना था। उस आंदोलन में जिन राज्य आंदोलनकारियों ने अपने रक्त, तप […]

भ्रष्टाचार की नई जमीन : जब सत्ता और संपत्ति एक ही बिस्तर पर सोने लगें

भारत में भ्रष्टाचार कोई नई बीमारी नहीं है, लेकिन अब यह महामारी बन चुका है। भूमि घोटाले — यानी जनता की जमीन को सत्ता के सौदागरों द्वारा औने-पौने दामों में […]

राज्य स्थापना रजत जयंती वर्ष पर “Changing Face of Technical Education: Past, Present and Future” विषय पर पैनल चर्चा का सफल आयोजनविशेषज्ञों ने साझा किए विचार — तकनीकी शिक्षा के बदलते स्वरूप पर केंद्रित रहा कार्यक्रम

देहरादून। उत्तराखंड राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष समारोह के उपलक्ष्य में वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखण्ड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, देहरादून में इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (भारत), उत्तराखण्ड चैप्टर के संयुक्त तत्वावधान […]

अवैध फ्री-होल्ड की साज़िश? रजत जयंती पर कलंक — भ्रष्टाचार की जमीन में धंसा उत्तराखंड 

  बुलडोज़र की असली परीक्षा”रुद्रपुर में 500 करोड़ की तालाब भूमि पर मॉल निर्माण का मामला सिर्फ एक घोटाला नहीं, बल्कि शासन-प्रशासन की नीयत का आईना है। गंगापुर रोड इसका […]