संपादकीय , स्वच्छता में रुद्रपुर की ऐतिहासिक छलांग: शिव अरोरा के नेतृत्व, प्रशासनिक निरंतरता और सामूहिक जनभागीदारी की जीत लेखक: अवतार सिंह बिष्ट

रुद्रपुर,स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के अंतर्गत आयोजित स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 में उत्तराखंड के रुद्रपुर नगर निगम ने जो ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है, वह केवल एक आंकड़ों की छलांग नहीं, […]

उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय में CAS के नाम पर प्रमोशन घोटाला!

देहरादून। उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय में वर्ष 2014-15 के दौरान शिक्षकों की पदोन्नति में बड़े पैमाने पर अनियमितताएँ और नियमों की अनदेखी सामने आई हैं। दस्तावेजों और विश्वविद्यालय के ही पत्राचार […]

सावन से सजे उत्तराखंड में नववर्ष(हरेला )का आध्यात्मिक आगाज़

उत्तराखंड में जब पहाड़ों पर घटाएं उमड़ने लगती हैं, नदियों का जल प्रवाह तेज हो जाता है, और वन प्रान्तर हरियाली की चादर ओढ़ लेते हैं, तो यह संकेत होता […]

नंदा देवी राजजात यात्रा : देवभूमि की आत्मा और चौसिंग्या खाडू का दिव्य रहस्य

नंदा देवी राजजात यात्रा : देवभूमि की आत्मा और चौसिंग्या खाडू का दिव्य रहस्य ✧ लेखन : आध्यात्मिक संपादक ✧संवाददाता,हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स/ अवतार सिंह बिष्ट/उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी! भूमिका : […]

शिवाय नमः कांवड़ाय नमः।” कांवड़ यात्रा: शिव के स्वरूप पर सवाल क्यों? – एक ऐतिहासिक संपादकीय भूमिका

हिंदू धर्म,कांवड़िए केवल पथिक नहीं, वे आस्था के वाहक हैं। नंगे पांव, कंधों पर गंगाजल की कांवड़, और होठों पर “बम-बम भोले” का जयघोष लिए ये शिवभक्त असीम श्रद्धा और […]

उत्तराखंड में सावन और हरेला पर्व: प्रकृति, परंपरा और आस्था का उत्सव

सावन की दस्तक और देवभूमि की धड़कन,उत्तराखंड, जिसे ‘देवभूमि’ कहा जाता है, हिमालय की गोद में बसा एक ऐसा प्रदेश है जहाँ हर मौसम, हर पर्व, हर परंपरा प्रकृति और […]

आषाढ़ी एकादशी के दिन से चार माह के लिए देव सो जाते हैं। इसके बाद गुरु पूर्णिमा आती है और दूसरे दिन से श्रावण मास प्रारंभ हो जाता है। इस बार 11 जुलाई 2025 शुक्रवार से सावन माह प्रारंभ हो गया है।

शिव का माह श्रावण माह ही चातुर्मास का प्रथम माह है। जब भगवान विष्णु 4 माह के लिए योगनिंद्रा में सो जाते हैं तब उस दौरान भगवान शिव ही सृष्टि […]

हिंदू धर्म में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। सावन के महीने में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा विशेष फलदायी होती है। इस महीने में भोलेनाथ के स्वरूप शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, फल और मिठाई जैसे प्रसाद चढ़ाए जाते हैं, लेकिन एक प्रचलित मान्यता है कि शिवलिंग पर चढ़ाए गए प्रसाद का सेवन नहीं करना चाहिए।

दरअसल, इसके पीछे शास्त्रों में कुछ कारण बताए गए हैं। मान्यता है कि शिवलिंग पर चढ़ाए गए प्रसाद को ग्रहण करने से जीवन में दुख, दरिद्रता और अशांति आती है। […]

संपादकीय लेख बिना पंजीकरण डाक्टरी पर सख्ती : जनता को राहत या नई चुनौतियां?

रुद्रपुर उत्तराखंड सरकार ने आखिरकार वह कदम उठा लिया, जिसकी लंबे समय से दरकार थी। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार द्वारा जारी ताजा आदेश ने यह साफ कर दिया […]

उधम सिंह नगर में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव: चार वोट डालेंगे मतदाता, प्रत्याशियों की पहचान बनेगा चुनाव चिन्ह

उधम सिंह नगर। जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का माहौल जोर पकड़ रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से पंचायत चुनाव के लिए चारों पदों पर कुल 144 चुनाव […]