प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री व कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट पर तंज कसा कि बंदर के सिर पर टोपी पहना दो तो वह नाचने लगता है। उन्होंने पार्टी अध्यक्ष को अनुभवहीन करार दिया।

साथ ही सरकार के तीन साल के कार्यकाल को भी निराशाजनक बताया। बृहस्पतिवार को मीडिया से बातचीत में हरक ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को निशाना साधा, उम्र और अनुभव से […]

“उत्तराखंड आंदोलनकारियों का सम्मान अधूरा: चिह्नीकरण से पेंशन तक, अब भी जारी संघर्ष” प्रिंट मीडिया, शैल ग्लोबल टाइम्स/ हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स/संपादक उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी, अवतार सिंह बिष्ट रुद्रपुर, (उत्तराखंड)

संपादकीय:उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी: अलग राज्य की लड़ाई जीतने के बाद सम्मान की लड़ाई बाकी उत्तराखंड का निर्माण एक ऐतिहासिक जनसंघर्ष का परिणाम था, जिसे आंदोलनकारियों ने अपने खून-पसीने और बलिदान […]

उत्तराखंड में जमीन में निवेश का झांसा देकर धोखाधड़ी करने के आरोप में पुलिस ने स्वामी दिनेशानंद भारती को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, अदालत ने उनकी रिमांड की अपील को नामंजूर करते हुए छोड़ दिया।

पुलिस ने उन पर गिरोह बनाकर लोगों से धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया था। इसमें उनके चालक और दो अन्य लोग शामिल बताए थे। पुलिस ने उन्हें रुड़की की रामनगर […]

हाईस्कूल फेल हैं। कोई बात नहीं। एमबीए की डिग्री चाहिए या डीफार्मा की। दो लाख का खर्चा आएगा। कुछ इसी अंदाज में रेबड़ी की तरह फर्जी मार्कशीट बांटने वाले एक आरोपित को एसटीएस आगरा यूनिट ने गिरफ्तार किया है।

एसटीएफ का दावा है कि आरोपित अभी तक पांच हजार से अधिक फर्जी अंकपत्र/प्रमाण पत्र बेच चुका है। दूरस्थ शिक्षा सेंटर की आड़ में आरोपित अंतरराज्यीय गैंग चला रहा था। […]

संपादकीय:इसका समाधान कैसे हो सकता है? 1. कानूनी कार्यवाही और पुलिस सुधार स्वतंत्र जांच – इस मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी (जैसे महिला आयोग, मानवाधिकार आयोग या SIT) से करवाई जानी चाहिए। पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई – आरोपित पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच होनी चाहिए। एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य बनाना – पुलिस द्वारा शिकायत को टालना अपराध की श्रेणी में आता है, इसलिए ऐसी घटनाओं में FIR दर्ज करना अनिवार्य बनाया जाए। फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई – पीड़िता को त्वरित न्याय दिलाने के लिए मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में होनी चाहिए। 2. महिला सुरक्षा और पुनर्वास महिला हेल्पलाइन नंबर (1091) पर शिकायत – पीड़िता महिला हेल्पलाइन, राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW), और राज्य महिला आयोग में शिकायत दर्ज करा सकती है। वन-स्टॉप सेंटर (One Stop Center) की सहायता – उत्तराखंड सरकार द्वारा चलाए जा रहे वन-स्टॉप सेंटर से महिलाओं को कानूनी, मानसिक और सामाजिक सहायता मिल सकती है। आश्रय गृह (Shelter Home) की सुविधा – पीड़िता और उसकी बेटियों को सुरक्षित स्थान प्रदान करने के लिए सरकार को तत्काल कदम उठाने चाहिए। 3. सामाजिक जागरूकता और निगरानी सामाजिक संस्थाओं और मीडिया की भूमिका – इस तरह के मामलों को उजागर करना जरूरी है ताकि पुलिस तंत्र में सुधार हो सके। स्थानीय महिला संगठनों की भागीदारी – महिला अधिकार संगठनों को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके। जनता की सतर्कता – समाज को पुलिस की जवाबदेही तय करने के लिए आवाज उठानी होगी ताकि भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति न हो। 4. पुलिस व्यवस्था में सुधार लोकपाल प्रणाली लागू हो – पुलिस की कार्यप्रणाली की स्वतंत्र निगरानी के लिए लोकपाल जैसी संस्था होनी चाहिए। महिला पुलिस बल की संख्या बढ़े – ताकि महिलाओं से जुड़े मामलों की जांच महिला पुलिस अधिकारी करें और निष्पक्षता बनी रहे। सामुदायिक पुलिसिंग लागू हो – जनता और पुलिस के बीच पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सामुदायिक पुलिसिंग मॉडल अपनाना चाहिए। निष्कर्ष यह घटना पुलिस की निष्क्रियता, महिला उत्पीड़न और न्याय प्रणाली की खामियों को उजागर करती है। यदि सरकार, प्रशासन और समाज इस मामले में उचित कदम उठाते हैं, तो भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है। पुलिस को “मित्र पुलिस” की छवि बनाए रखने के लिए जवाबदेह और पारदर्शी बनना होगा।

“यह घटना पुलिस की निष्क्रियता, महिला उत्पीड़न और न्याय प्रणाली की खामियों को उजागर करती है जब रक्षक ही बन जाए भक्षक: उत्तराखंड पुलिस पर लगे गंभीर आरोप, पीड़िता न्याय […]

संपादकीय;”स्पा सेंटर की आड़ में बढ़ता देह व्यापार: सामाजिक और कानूनी सख्ती की जरूरत”

स्पा सेंटर की आड़ में बढ़ता देह व्यापार: एक गंभीर सामाजिक समस्या रुद्रपुर उत्तराखंड आजकल कई शहरों में स्पा और मसाज पार्लर की संख्या तेजी से बढ़ रही है। हालांकि, […]

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 में किसकी सरकार बनेगी, यह भविष्यवाणी करना वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य को देखते हुए चुनौतीपूर्ण है। हालांकि, राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज़ कर दी हैं।

संपादकीय:उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 में किसकी सरकार बनेगी, यह भविष्यवाणी करना वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य को देखते हुए चुनौतीपूर्ण है। हालांकि, राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज़ कर दी हैं। प्रिंट […]

भविष्य की स्थिति: यदि उत्तराखंड क्रांति दल अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करता है और युवाओं को पार्टी से जोड़ने में सफल होता है, तो पार्टी 2027 विधानसभा चुनाव में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है

संपादकीय:उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) उत्तराखंड की एक प्रमुख राजनीतिक पार्टी है, जो राज्य के गठन से पहले और बाद में राज्य की स्वायत्तता, संस्कृति और मुद्दों के लिए सक्रिय रही […]

उत्तराखंड में नशे की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है, और इसके रोकथाम के लिए कई उपाय किए जा सकते हैं। यहां कुछ प्रमुख उपाय दिए जा रहे हैं:

संपादकीय;उत्तराखंड में नशे की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है, और इसके रोकथाम के लिए कई उपाय किए जा सकते हैं। यहां कुछ प्रमुख उपाय दिए जा रहे हैं: “उत्तराखंड में […]

रुद्रपुर,अवैध रूप से नियमों का उल्लंघन कर संचालित हो रहे मदरसों के खिलाफ जिला प्रशासन की कार्रवाई गुरुवार को भी जारी रही। गुरुवार को रुद्रपुर में प्रशासन, शिक्षा विभाग, अल्पसंख्यक विभाग और पुलिस की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए चार मदरसों को सील किया।

वहीं किच्छा में आठ मदरसों को सील किया गया। जबकि मंगलवार और बुधवार को चले अभियान में कुल 33 मदरसे सील किए गए थे। अब तक तीन दिन के अभियान […]