नितिन फुटेला को व्यापार मंडल किच्छा  कोषाध्यक्ष पद से किया निष्कासित,

पूरी खबर के लिए बने रहे हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम किच्छा, जिला-ऊधम सिंह नगर (उत्तराखण्ड) नितिन फुटेला प्रान्तीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल किच्छा के कोषाध्यक्ष नितिन फुटेला के खिलाफ उनकी पत्नी […]

रुद्रपुर। शहर के नैनीताल रोड स्थित एक पास कालौनी में किच्छा के व्यापारी नेता पर उसकी ही पत्नी ने जमकर पिटाई की। भारी हंगामे के बीच पहुंची पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत किया, बताया जा रहा कि पत्नी ने व्यापारी नेता को प्रेमिका के साथ रंगरेलियां मनाते रंगें हाथों दबोचा लिया था। व्यू

उधमसिंह नगर प्रेमिका के साथ पकड़े गए किच्छा के व्यापारी नेता, पत्नी ने की धुनाई। सिडकुल पुलिस पहुंची मौके पर, चौकी में निपटा मामला सिडकुल की स्थापना के बाद से […]

पीएम मोदी के बार-बार मंगलसूत्र को लेकर इंडिया गठबंधन पर हमला बोलने के बाद अब प्रियंका गांधी ने इसपर पलटवार किया है। प्रियंका गांधी ने कहा कि उनकी मां का मंगलसूत्र इस देश पर कुर्बान हुआ है।

कांग्रेस इतने सालों तक सत्ता में रही, क्या कभी किसी ने मंगलसूत्र छिना? प्रियंका गांधी ने पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि देश के सबसे बड़े नेता ने […]

उत्तराखंड में 38वें राष्ट्रीय खेल अब अगले साल होंगे। भारतीय ओलंपिक संघ चाहता है कि खेलों में बड़े खिलाड़ी शामिल हों इसके लिए इन खेलों को अगले साल वर्ष 2025 में कराया जाए। विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा ने भी इसकी पुष्टि की है।

उनका कहना है कि भारतीय ओलंपिक संघ ने मौखिक रूप से इसकी जानकारी दी है। उत्तराखंड 38वें राष्ट्रीय खेलों के लिए पूरी तरह से तैयार है। विभाग की ओर से […]

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी का 54वां आरआर (2022-24 प्रशिक्षण पाठ्यक्रम) के भारतीय वन सेवा परिवीक्षार्थियों का दीक्षांत समारोह बुधवार को आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगी।

वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई) के परिसर में आयोजित होने वाले समारोह में 2022-24 सत्र के 99 भारतीय वन सेवा परिवीक्षार्थी और मित्र देश भूटान के दो भी प्रशिक्षु अधिकारी पासआउट […]

रूद्रपुर  23 अप्रैल 2024  जनसंख्या  दिनों दिन बढ़ती  जा रही है बढ़ते  हुए शहरीकरण एवं आद्यौगिकरण, विकास कार्यों में तेजी  तथा कृषि क्षेत्रों में अधिक जल खपत के कारण पानी की मॉग भी बढ़ रही है। भू-जल का  अधिक  दोहन  के  कारण  भू-जल का स्तर प्रतिवर्ष 4  से  5  फीट गिरता  जा रहा है। ऐसे में वर्षा जल का संग्रहण कर अधिकाधिक उपयोग अति आवश्यक हो जाता है। जिलाधिकारी उदयराज सिंह के निर्देशन में अधिशासी अभियन्ता लघु सिंचाई सुशील कुमार द्वारा वर्ष 2023-2024 में 148 रिचार्ज शाफ्ट का निर्माण किया गया जिससे 6000 लाख लीटर पानी प्रति हेक्टयर जल रिचार्ज होगा।अधिशासी अभियन्ता सुशील कुमार ने बताया कि वर्षा के समय वर्षा जल का  कुछ भाग भूमि सतह  के नीचे रिसकर प्राकृतिक रूप से भू-जल में मिल जाता है। जिससे भू-जल भण्डार में वृद्धि होती है। यह  एक धीमी प्रक्रिया है  और अधिकांश  वर्षा  का  जल  व्यर्थ  बह  जाता  है।  बहते  हुए  जल  को  संग्रहित  करके भू-जल स्तर को जल संवर्द्धन, जल सम्भरण आदि के द्वारा बढ़ाया जा  सकता है। इसके लिए  रिचार्ज  शाफ्ट  रिचार्ज  कूप,  हार्वेस्टिंग  टैंक  आदि  का  निर्माण  कार्य  कराया  जाना  अति आवश्यक है। एक रिचार्ज शाफ्ट द्वारा  एक वर्ष बरसात का  मौसम में एक हेक्टेयर क्षेत्रफल वर्षा के  जल  को  संगृहीत कर  52.20  लाख  ली0  जल  रिचार्ज  करता  है।  इस  प्रकार  कई रिचार्ज शाफ्ट का निर्माण करके भू-जल स्तर को बढ़ाया  जायेगा। वर्ष  2023-24   में   निर्मित   रिचार्ज   शाफ्ट  नाबार्ड   के   अर्न्तगत   (विकास  खण्ड काशीपुर-27  एवं  बाजपुर-121)  148  रिचार्ज  शाफ्ट  का  निर्माण  कार्य  कर  208  लाख  का व्यय किया गया। जनपद में 148 रिचार्ज शाफ्ट द्वारा एक वर्ष में बरसात के मौसम में वर्षा  के  जल  को  संग्रह  कर  लगभग  6000  लाख  लीटर  प्रति  हेक्टयर  जल  रिचार्ज  किया जायेगा।नार्बाड के RIDF योजना के अन्तर्गत (विकास खण्ड काशीपुर-4 एवं बाजपुर-5) 09 वियर का जीर्णोद्धार किया गया है, जिससे  सिंचाई पुनर्स्थापित कर 434.85 है0 क्षमता बढ़ायी गयी है। उन्होंने बताया कि ऐसे स्थान जहॉ पर प्राकृतिक बारहमासी स्थायी स्रोत हैं उनका पानी रोक कर तथा उसका  स्तर  ऊॅचा  करने  से  अधिक  मात्रा  में  खेतों  की  सिंचाई  सम्भव  हो  जाती  है  परन्तु स्थायी रूप से उसका स्तर ऊॅचा करने पर ऊपर के खेतों के लिए बरसात में जल भराव की समस्या उत्पन्न हो जाती है। इससे निपटने के लिए गेटेड स्ट्रक्चर का निर्माण किया जाता है।  यह  योजना  काफी  लाभप्रद  सिद्ध  हुई  है।  यह  कार्य  भी  लघु  सिंचाई  द्वारा  भी  किया जा रहा है।

हनुमान जयंती 23 अप्रैल यानी आज मनाई जा रही है. हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को हनुमान जयंती का त्योहार मनाया जाता है. हनुमान जयंती पूरे देश में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है. ज्योतिषियों की मानें तो, हनुमान जयंती के दिन हनुमान स्तुति का पाठ करना चाहिए, जिससे जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और हर मनोकामना पूरी होती है. तो आइए जानते हैं उस शक्तिशाली स्तुति के बारे में. 

आज चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है और आज रामभक्त हनुमान का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। हनुमानजी कलयुग के देवता हैं और जल्द प्रसन्न होने वाले […]

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मंगलवार से उत्तराखंड के दो दिवसीय दौरे पर होंगी और इस दौरान वह ऋषिकेश में गंगा आरती और अन्य कार्यक्रमों में शामिल होंगी। राष्ट्रपति भवन ने यह जानकारी दी।

राष्ट्रपति भवन ने सोमवार को एक बयान में कहा कि मुर्मू मंगलवार को एम्स-ऋषिकेश के चौथे दीक्षांत समारोह में भी शामिल होंगी। बयान में कहा गया है, “उसी शाम, वह […]

रूद्रपुर। उत्तराखंड की पांचो सीटों पर घटे मतदान के प्रतिशत ने जहां उम्मीदवारों के माथे पर चिंता की लकीरें पैदा कर दी हैं, वहीं दूसरी ओर सियासी हलकों में जीत-हार को लेकर गुणा-भाग शुरू हो गया है और अब यह आकलन करने की कोशिश की जा रही है कि कम मतदान से किसी राजनीतिक दल की राह आसान होगी ? कम मतदान के बावजूद भाजपा और कांग्रेस अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। भाजपा के राज्य अध्यक्ष ने जहां गत दिवस देहरादून में भाजपा की हैट्रिक लगने का पूरा विश्वास जाताया ,वही कांग्रेस अपने पक्ष में अंडर करंट मानकर चल रही है। जातिगत आंकड़ों, कैडर वोट के आधार पर लगाए जा रहे इन अनुमानों के बीच यह मतदान प्रतिशत में आई बड़ी गिरावट को लेकर चिंता भी सामने आई है और यह अनुमान लगाना लगाया जा रहा है कि किसके मतदाताओं के मतदान केंद्र तक न पहुंचने से मतदान के प्रतिशत में अच्छी खासी गिरावट आई है? खासतौर पर पहाड़ की संसदीय सीटों के 21 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत 50 फीसदी से भी कम रहा है। अल्मोड़ा की सल्ट सीट पर प्रदेश में सबसे कम 32 फीसदी मतदान रहा, जबकि हरिद्वार ग्रामीण में सबसे अधिक 73.21 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया , लेकिन श्रीनगर गढ़वाल विधानसभा को छोड़कर प्रदेश की बाकी सभी सीटों पर मतदान प्रतिशत 2019 की तुलना में घटा है और दोनों ही रावत अपनी जीत को लेकर आश्वस्त नजर आ रहे हैं। दोनों ही उम्मीदवारों के अपनी जीत के पक्ष में अपने-अपने तर्क हैं।भाजपा कब्जे वाली इस सीट पर 2014 में यह 71.57 प्रतिशत था। 2019 में यह 68.92 प्रतिशत था लेकिन इस चुनाव में यह घटकर 62.36 प्रतिशत पहुंच गया। मतदान प्रतिशत के आंकड़ों के विश्लेषण से जो तस्वीर उभर कर सामने आ रही है, वह बता रही कि संसदीय क्षेत्र में जिन विस सीटों पर कांग्रेस व विपक्षी विधायक काबिज हैं, उनमें भाजपा कब्जे वाली विधानसभा सीटों से अधिक मतदान हुआ है । भाजपा शासित धर्मपुर, ऋषिकेश, डोईवाला, हरिद्वार, रुड़की में 60 फीसदी से कम मतदान हुआ है और केवल भेल रानीपुर सीट पर ही 60 फीसदी मतदान रिकॉर्ड किया गया है ,वहीं, कांग्रेस शासित सीटों भगवानपुर, हरिद्वार ग्रामीण, झबरेड़ा, ज्वालापुर, पिरान कलियर सीट पर मतदान 60 फीसदी से लेकर 73.21 फीसदी तक दर्ज किया गया ।इन सीटों पर मुस्लिम मतदाताओं की संख्या भी अच्छी-खासी तादाद में है। इसके अलावा मंगलौर, लक्सर व खानपुर सीट पर भी मतदान 60 फीसदी से अधिक रहा है। दूसरी ओर टिहरी लोकसभा में मतदान प्रतिशत पहली बार गिर गया और यहां 2019 के मुकाबले मतदान प्रतिशत में 5।73 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। इस लोकसभा में वर्तमान में 14 में से 11 विधानसभा सीटों पर भाजपा, दो पर कांग्रेस और एक पर निर्दलीय विधायक हैं।पिछले चार चुनावों के हिसाब से टिहरी लोकसभा पर नजर डालें तो वर्ष 2009 के चुनाव में यहां 50.38 प्रतिशत मतदान हुआ था। 2014 में यह आंकड़ा बढ़कर 57.44 प्रतिशत और 2019 में 58.30 प्रतिशत पर पहुंच गया था, लेकिन इस बार मतदान प्रतिशत में गिरावट दर्ज की गई है। इस साल के चुनाव में टिहरी लोकसभा में 52.57 प्रतिशत मतदान हुआ है। यहां भाजपा से माला राज्य लक्ष्मी शाह, कांग्रेस से जोत सिंह गुनसोला के अलावा निर्दलीय प्रत्याशी बॉबी पंवार के बीच त्रिकोणीय संघर्ष था। साथ ही नैनीताल-ऊधम सिंह नगर लोकसभा सीट पर इस बार 7.57 प्रतिशत तक मतदान घट गया है।मतदान में आई इस गिरावट ने सभी प्रत्याशियों की पेशानी पर बल डाल दिए हैं। ऐसा इसलिए कि 2009 के बाद इसी सीट पर मतदान प्रतिशत ने 9.73 प्रतिशत की छलांग लगाई थी। 2009 में 58.69 प्रतिशत वोट पड़े थे। 2014 में प्रचंड मोदी लहर में यह बढ़कर 68.41 प्रतिशत हो गए और 2019 में यह मतदान प्रतिशत 68.92 तक रहा, लेकिन 2024 के चुनाव में यह घटकर 61.35 प्रतिशत रह गया। इसके बावजूद भाजपा इस सीट पर हैट्रिक का दावा कर रही है, जबकि कांग्रेस भी इस सीट पर अपनी जीत को लेकर आश्वस्त है। 2019 के चुनाव में छह सीटों पर 70 फीसदी से अधिक मतदान हुआ था, लेकिन इस बार केवल सितारगंज सीट पर ही 70।15 मतदान हुआ। भाजपा के कब्जे वाली भीमताल, नैनीताल, काशीपुर सीटों पर जहां 60 फीसदी से कम मतदान हुआ ,वही लालकुआं, जसपुर व काशीपुर सीटों पर मतदान में नौ फीसद तक गिरावट रही। इसके बावजूद भाजपा इस सीट पर हैट्रिक लगाने का दावा कर रही, जबकि कांग्रेस भी इस सीट पर अपनी जीत को लेकर आश्वस्त दिख रही है । उधर गढ़वाल लोकसभा सीट पर लगातार दूसरे चुनाव में मतदान प्रतिशत की गिरावट सामने आई है ।यह सीट पिछले 10 साल से बीजेपी के पास है। वर्तमान में इस लोकसभा की 14 में से 13 सीटें भी भाजपा के पास हैं। 14वीं बदरीनाथ विधानसभा के कांग्रेस विधायक भी चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हो गए थे। पिछले तीन चुनावों के ट्रेंड से गढ़वाल लोकसभा की तस्वीर काफी हद तक समझ में आती है। 2009 के लोकसभा चुनाव में यहां 48।87 प्रतिशत मतदान हुआ था, तब कांग्रेस से सतपाल महाराज सांसद चुने गए थे लेकिन 2014 में तस्वीर पलट गई तथा इस सीट पर मतदान प्रतिशत बढ़कर 53.98 प्रतिशत हो गया और भाजपा के मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी यहां से सांसद निर्वाचित हुए ।2019 में मतदान प्रतिशत बढ़कर 54.47 प्रतिशत दर्ज किया गया और भाजपा के तीरथ सिंह रावत यहां सांसद चुने गए, लेकिन अबकी बार मतदान प्रतिशत में करीब 3.63 प्रतिशत गिरकर 50.84 पर पहुंच गया है। 2022 के विस चुनाव में इस लोकसभा की 14 में से 13 विधानसभा सीटों पर भाजपा विजयी हुई थी। बदरीनाथ विस सीट पर कांग्रेस के राजेंद्र भंडारी विधायक थे, जो लोकसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा में शामिल हो गए थे और वर्तमान में ये सीट खाली है। इस बार यहां भाजपा के अनिल बलूनी और कांग्रेस के गणेश गोदियाल मैदान में थे।दोनों ही अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हैं। राज्य की पांचों सीटों में सबसे कम मतदान अल्मोड़ा लोकसभा सीट पर हुआ है। पिछले चुनाव की तुलना में इस सीट पर 4।88 प्रतिशत मतदान कम हुआ। 2009 में इस सीट पर 45।86 प्रतिशत मतदान हुआ था। 2014 में प्रचंड मोदी लहर के बावजूद यहां 52.41 फीसदी ही वोट पड़े और 2019 में 51.82 मतदान प्रतिशत दर्ज किया गया था । इस बार यह घटकर 46.94 प्रतिशत ही रह गया । इस संसदीय क्षेत्र की अल्मोड़ा विस सीट पर गत चुनाव की तुलना में सबसे अधिक 10.55 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई है। संसदीय क्षेत्र की 14 विधानसभा सीटों में से नौ सीटों पर 50 फीसदी से कम मतदान हुआ है। सल्ट सीट पर एक बार फिर सबसे कम 32 फीसदी मतदान हुआ

प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा, कम मतदान और इसके बहिष्कार के मामलों का सरकार ने संज्ञान लिया है। उन्होंने यह बात भाजपा प्रदेश कार्यालय में मीडिया से वार्ता के दौरान कही।

दावा किया कि कुल मतदान का 75 प्रतिशत मत भाजपा के पक्ष में हुआ। कम मतदान की एक वजह उन्होंने कांग्रेस की निराशा को बताया। कहा, प्रतिस्पर्धा के अभाव में […]