शिव पुराण में महाशिवरा‍त्रि की शाम और रात की पूजा का विशेष महत्‍व बताया गया है. शास्त्रों की मानें तो महाशिवरात्रि की रात ही भगवान शिव करोड़ों सूर्यों के समान प्रभाव वाले ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए थे. इसके बाद से ही हर साल फाल्गुन माह में महाशिवरात्रि का त्योहार मनाया जाता है. ऐसी मान्‍यता है कि महाशिवरात्रि की शाम को महादेव की पूजा के कुछ विशेष उपाय करने से जीवन सुखमय होता है और हर प्रकार की बाधा दूर हो जाती है.

इस शिवरात्रि पर्व पर कुछ खास संयोग बनने जा रहे हैं– सिद्धि योग, शिव योग एवं देव गुरु बृहस्पति मेष राशि में विराजमान होंगे एवं सूर्य देव, शुक्र, शनि महाराज […]

2024 : हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का पर्व अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह को समर्पित एक पवित्र त्योहार है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है, और भक्त उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए उपवास रखते हैं।

आइए जानते हैं कि महाशिवरात्रि 2024 , महाशिवरात्रि 2024 की तिथि (Mahashivratri kab hai) हिंदू पंचांग के अनुसार, महाशिवरात्रि का पर्व हर साल फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी […]

  शिव-पार्वती के मिलन का महापर्व है महाशिवरात्रि, क्यों प्रिय हैं शिवजी को जल और बेलपत्रशिव-पार्वती के मिलन का महापर्व है महाशिवरात्रि, क्यों प्रिय हैं शिवजी को जल और बेलपत्र8 मार्च को मनाई जाएगी महाशिवरात्रि, ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने से मिलेगा भोलेनाथ का आशीर्वाद 2024: भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए प्रत्येक माह में मासिक शिवरात्रि तो आती ही है और महाशिवरात्रि साल में एक बार ही आती है. जो लोग प्रत्येक सप्ताह में आने वाले सोमवार, हर महीने में दो बार आने वाले प्रदोष में भी भगवान की पूजा किन्हीं कारणों से नहीं कर पाते हैं, तो उनके लिए महाशिवरात्रि का पर्व है.

फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष में त्रयोदशी के दिन होने वाली महाशिवरात्रि जो इस बार 8 मार्च को होगी, देवों के देव महादेव की पूजा कर उनकी कृपा पायी जा […]

शिवरात्रि हिंदू धर्म के लोगों के लिए महाशिवरात्रि का पर्व बेहद खास होता है। क्योंकि ये दिन देवों के देव महादेव को समर्पित है। इस दिन शिव भक्त उपवास रखते हैं और शिव जी की विधि विधान पूजा अर्चना करते हैं।

इस दिन शिवलिंग का जलाभिषेक करने का भी विशेष महत्व माना गया है। बता दें इस साल महाशिवरात्रि पर्व 8 मार्च को मनाया जाएगा। ऐसे में भगवान शिव की कृपा […]

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप चारधाम यात्रा की राह सहज, सुगम, सुखद व सुरक्षित बनाने के दृष्टिगत मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए सभी विभागों को दो महीने की डेडलाइन दी है। साथ ही ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए प्रोत्साहित करने के साथ वीआईपी दर्शन के कारण जनसामान्य को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए सुव्यवस्थित प्रबंधन करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को यात्रा मार्ग पर सड़क सुरक्षा से संबंधित सभी पहलुओं विशेषकर क्रेश बैरियर लगवाने के प्रस्ताव शीघ्र शासन स्तर पर भेजने के निर्देश दिए। साथ ही […]

   बसंत पंचमी 2024वर्णानामर्थसंघानां रसानां छन्दसामपि।मंगलानां च कर्त्तारौ वन्दे वाणी विनायकौ॥सभी सनायनीय पाठकों, धर्मावलंबियों को सादर प्रणाम। अवगत कराना चाहूंगी दिनांक 14 फरवरी 2024 दिन बुधवार को बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाएगा।प्रतिवर्ष माघ माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी पर्व मनाया जाता है। इस वर्ष बसंत पंचमी बुधवार को पड़ने से विद्यार्थी वर्ग को विशेष लाभ प्रदान करेगी। साथ ही बसंत पंचमी पर्व पर शुभ योग, गजकेशरी योग, लक्ष्मी नारायण योग तथा रोहिणी नक्षत्र पड़ने से इसका महत्व और भी बढ़ जाएगा। इस योग में शिक्षा तथा व्यापार से संबंधित कोई भी कार्य एवं शिशुओं के विद्यारंभ संस्कार हेतु अति शुभ दिन रहेगा।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन मां सरस्वती की उत्पत्ति हुई थी इसलिए बसंत पंचमी पर देवी सरस्वती की पूजा अर्चना का विधान है। देवी सरस्वती को ज्ञान की देवी माना जाता है और बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा से ज्ञान की वृद्धि होती है। साथ ही बसंत पंचमी से बसंत ऋतु का आगमन होता है।बसंत पंचमी अबूझ मुहूर्तधार्मिक मान्यताओं के अनुसार बसंत पंचमी पर्व पर अबूझ मुहूर्त होता है। जिसमें सभी शुभ कार्य किए जा सकते हैं।मुहूर्तपंचमी तिथि प्रारंभ 13 फरवरी 2024 को अपराहन 2:44 से 14 फरवरी 2024 गुरुवार को प्रातः 12:11 तक।पूजा हेतु शुभ मुहूर्त प्रातः 7 बजे से 12:35 तक।

इस साल बसंत पंचमी का त्योहार 14 फरवरी दिन बुधवार यानी कल मनाया जाएगा। लेकिन इसी के साथ ही अगर बसंत पंचमी के दिन कुछ उपायों को किया जाए तो […]

टनकपुर। राज्य आंदोलन में सक्रिय रहीं तीलू रौतेली पुरस्कार विजेता व सामाजिक कार्यकर्ता रीता गहतोड़ी ने कर्मचारी कालौनी बाल्मीकि बस्ती में लोगों को शंख ध्वनि का अभ्यास कराया। साथ ही उन्हें शंख बजाने के फायदे बताए गए। बताया कि शंख बजाने से फेफड़े व हृदय मजबूत होगा। कहा कि शंख बजाने का अभ्यास करते रहना चाहिए। इस दौरान सफाई यूनियन के अध्यक्ष कमलेश वाल्मीकि, वाल्मीकि समाज के युवा अध्यक्ष उमेश वाल्मीकि, अभय वाल्मीकि, निशांत, राजेंदर विश्राम, सनी, अभिषेक, अमन, सुधीर, करन, संदीप, राज, आदर्श, राजेश, संजय, सीमा देवी, कुसमा देवी, गीता देवी, शकुंतला देवी आदि मौजूद रहीं। समाजसेवी रीता गहतोड़ी ने सभी को अपने अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही नशे से दूर रहने का संकल्प दिलाया। मालूम हो कि रीता गहतोड़ी पिछले कई वर्षों से वाल्मीकि समाज के हितों के लिए कार्य कर रही हैं।

टनकपुर। राज्य आंदोलन में सक्रिय रहीं तीलू रौतेली पुरस्कार विजेता व सामाजिक कार्यकर्ता रीता गहतोड़ी ने कर्मचारी कालौनी बाल्मीकि बस्ती में लोगों को शंख ध्वनि का अभ्यास कराया। साथ ही […]

ज्ञानवापी के बाद बागपत में हिंदुओं की बड़ी जीत; मिला महाभारत कालीन लाक्षागृह, 53 साल बाद आया फैसलाउत्तर प्रदेश के वाराणसी में ज्ञानवापी स्थित व्यास जी तहखाना के बाद अब बागपत के एक केस में हिंदू पक्ष को बड़ी जीत मिली है। मामला करीब 53 साल पुराना बताया जा रहा है, जिसमें बागपत की अदालत ने आज फैसला सुनाया है।

बागपत के लाक्षागृह का मुद्दा पहली सिविल डिविजन कोर्ट में चल रहा था। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों और दस्तावेजों को देखने के बाद अपना फैसला दिया है। कोर्ट […]

अयोध्या में श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर भारत के प्रथम कृषि विश्वविद्यालय पंतनगर में उत्तरांचल संगम ने भव्य कलश यात्रा,श्री राम दरबार झांकी एवं सुंदरकांड का आयोजन

भव्य राम दरबार झांकी से हर्ष एवं उल्लास से भावविभोर हुआ पंतनगर विश्वविद्यालय अयोध्या में श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर भारत के प्रथम कृषि विश्वविद्यालय पंतनगर में […]

सबके राम और सबमें राम, इन शब्दों के साथ 22 जनवरी, 2024 की तारीख स्वर्णिम अक्षरों के साथ इतिहास के पन्नों में हमेशा-हमेशा के लिए एक नए अध्याय के साथ जुड़ गई है। क्योंकि, भारतवर्ष के लोगों को इस दिन का वर्षों से इंतजार था, जो कि अब पूरा हो गया है।Ram mandir Murti: अयोध्या राम मंदिर में श्रीराम की 5 वर्षीय बालस्वरूप ही मूर्ति क्यों, जानें

अयोध्या के श्रीराम मंदिर में भगवान रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा हो गई है, जिसके बाद देश के हर प्रदेश, जिले, शहर और कस्बे अयोध्या से जगमगा रहे हैं। […]