चारधाम यात्री पंजीकरण के लिए तपती गर्मी में खड़े नहीं रहेंगे। पंजीकरण करने वाली कंपनी की ओर से यात्रियों को इलेक्ट्राॅनिक टोकन दिए जाएंगे। इन टोकन को लेकर तीर्थयात्री वातानुकूलित टेंट के अंदर बैठकर पंजीकरण के लिए अपनी बारी का इंतजार करेंगे।

112 बेड की डोरमेट्री में भी एयर कंडीशनर लगेंगे। गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने बृहस्पतिवार को चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर बैठक की। […]

नाग नागिन को नए घर की नीव पर रखने की प्राचीन परंपरा है, जो कि हिंदू धर्म में अत्यधिक महत्वपूर्ण मानी जाती है. नाग नागिन हिंदू धर्म में देवता के रूप में पूजे जाते हैं उन्हें संसार की रक्षा कल्याण का प्रतीक माना जाता है.

नाग नागिन को नए घर की नीव पर रखने की प्राचीन परंपरा है, जो कि हिंदू धर्म में अत्यधिक महत्वपूर्ण मानी जाती है. नाग नागिन हिंदू धर्म में देवता के […]

28 March 2024: आज का पंचांग – 28 मार्च 2024 गुरुवार फाल्गुन कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि है. हिन्दू पंचांग के अनुसार आज स्वाति नक्षत्र है. हर दिन पंचांग के अनुसार अगर आप कोई भी शुभ कार्य करते हैं तो आपको उसमें लाभ भी मिलता है.

हिंदू धर्म शास्त्रों में ग्रहों नक्षत्रों की दशा के अनुसार कई कार्यों को करने की सलाह दी जाती है, ऐसे ही कुछ कार्यों से बचने की सलाह भी दी जाती […]

हिंदू धर्म में भगवान गणेश का बहुत महत्व है. लोग किसी भी धार्मिक गतिविधि या समारोह को शुरू करने से पहले उनकी पूजा करते हैं क्योंकि वह बाधाओं को दूर करने में मदद करते हैं.

जब गणेश प्रसन्न होते हैं, तो वे समस्याएं दूर कर देते हैं अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं. बुधवार के दिन लोग भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए […]

होली का पावन पर्व पूरा देश मना रहा है। हर कोई होली के रंगों में सराबोर है। इस बीच देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देशवासियों को होली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, प्रेम और भाईचारे की भावना अधिक मजबूत हो और यह पर्व सबके जीवन में सुख-समृदिध का संचार करे।उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने भी होली की दिन जमकर होली खेली। उन्हने सीएम हाऊस पहुंचे लोगों के साथ रंग खेला,इसके अलावा उन्होंने राज्यपाल को भी रंग लगाया। उन्होंने आम जनों को होली की बधाई दी।

राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर लिखा, ‘सभी देशवासियों को उमंग और उत्साह के पर्व होली की हार्दिक शुभकामनाएं। समरसता और सद्भाव का यह त्योहार भारत की अमूल्य सांस्कृतिक […]

होलिका दहन कल, जानिए इस दिन सौभाग्य के लिए क्या करें क्या न करें 2024: रंगों और सामाजिक समरसता का त्योहार होली फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को बड़े धूम-धाम से मनाया जाता है। इस दिन सारे बैर-भाव भुलाकर एक दूसरे को गले लगाया जाता है।

होली के त्योहार के आरंभ से पूर्व होलिका दहन का विधान किया जाता है जो अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। वैसे तो होलिका दहन पर लोग अलग-अलग उपाय करते हैं […]

कत्यूरी सम्राट प्रीतम देव की महारानी जिया का नाम उत्तराखंड की वीर और पौराणिक गाथाओं में सम्मान से लिया जाता है। कत्यूरी राजवंश में माता को जिया कहा जाता है, इसलिए उन्हें जिया रानी कहा जाता है।इतिहासकारों और स्‍थानीय लोगों के मुताबिक जिया रानी धामदेव की मां थी और प्रख्यात उत्तराखंडी लोककथा नायक मालूशाही की दादी थीं। कहा जाता है कि जिया रानी हल्‍द्वानी के रानीबाग में रहीं थीं और उन्होंने यहां अपना बाग सजाया था। जिस कारण इस जगह का नाम रानीबाग पड़ा। जिया रानी पर कई कहावते प्रचलित हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में… रानीबाग में जिया रानी का मंदिर है। माता जिया रानी की गुफा आज भी रानीबाग में स्थित है। मान्‍यता है कि वह गुफा से वह सीधे हरिद्वार निकली थीं। यहां एक विशाल शिला है, जिसे जिया रानी का घाघरा मानकर लोग पूजते हैं। स्‍थानीय परंपराओं के अनुसार माता जिया रानी कत्यूरी वंश की रानी थीं। हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर रानीबाग में कत्यूरी वंश के लोग और सैकड़ों स्‍थानीय लोग अपने परिवार सहित सामूहित पूजा करते हैं। जिसे जागर हैं। उत्तराखंड में जिया रानी की गुफा के बारे में एक किवदंती प्रचलित है। कहा जाता है रानी जिया कत्यूरी राजा पृथ्वीपाल उर्फ प्रीतमदेव की पत्नी थी। वह रानीबाग में चित्रेश्वर महादेव के दर्शन करने आई थीं। रानी जिया बेहद सुंदर थीं। जैसे ही रानी नहाने के लिए नदी पर पहुंचीं तो वहां रुहेलों की सेना ने वहां घेरा डाल दिया। इस दौरान उन्होंने अपने ईष्ट देवताओं का स्मरण किया और गार्गी नदी के पत्थरों में ही समा गईं। नदी के किनारे एक विचित्र रंग की शिला आज भी वहां देखने को मिलती है, जिसे चित्रशिला कहा जाता है। जिया रानी को कुमाऊं में न्याय की देवी के रूप में पूजा जाता है। इतना ही नहीं जिया रानी कई कुलों की आराध्‍य देवी भी हैं।क्या है माता जिया रानी का असली नाम?जिया रानी का वास्तविक नाम मौला देवी था, जो हरिद्वार के राजा अमरदेव पुंडीर की पुत्री थीं। मौला देवी राजा प्रीतमपाल की दूसरी रानी थीं। मौला देवी को राजमाता का दर्जा मिला और उस क्षेत्र में माता को जिया कहा जाता था, इसलिए उनका नाम जिया रानी पड़ गया।क्‍यों कहलाई कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई?माता जिया रानी को कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि माता जिया रानी ने रोहिलो और तुर्कों के आक्रमण के दौरान कुमाऊं की रक्षा की थी और युद्ध में बलिदानी हुईं थी।

स्‍थानीय लोगों का मानना है कि युद्ध के समय जिया रानी ने हीरे-मोती जड़ित लहंगा पहना था। जो बाद में पत्थर बन गया। ये पत्थर आज भी है रानीबाग में […]

फूलदेई त्यौहार (Phooldei festival) , का इतिहास व फूलदेई त्यौहार पर निबंध

उत्तराखंड वासियों का प्रकृति प्रेम जगविख्यात है। चाहे पेड़ बचाने के लिए चिपको आंदोलन हो या पेड़ लगाने के लिए मैती आंदोलन या प्रकृति का त्योहार हरेला हो। इसी प्रकार […]

सीएम धामी ने कैंची धाम के विकास के लिए 28 करोड़ किए स्वीकृत, व्यवस्था और सौंदर्यीकरण के लिए होगा कामउत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कैंची धाम तीर्थ में प्रकाश व्यवस्था और सौंदर्यीकरण के लिए 28 करोड़ रुपए की धनराशि स्वीकृत की है। इस दौरान उन्होंने कहा कि कैंची धाम में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या साल दर साल बढ़ रही है।देश का श्रेष्ठ राज्य बनने की ओर अग्रसर उत्तराखंड, सीएम धामी ने किया 8275.51 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण

इसको ध्यान में रखते हुए यहां पर तमाम व्यवस्थाएं की जा रही हैं। मुख्यंमत्री धामी ने कहा कि हमारी सरकार केदारखंड और मानसखंड के अंतर्गत आने वाले समस्त मंदिरों के […]

किसी की मौत हो गई है या फिर वो समाधि में लीन है, ये कैसे पता चलेगा? जाहिर इस बारे में डॉक्टर बताएगा. लेकिन अब एक ऐसी मौत या यूं कहें कि समाधि का मामला सामने आया है, जो डॉक्टर के पास जाने से पहले ही कोर्ट पहुंच गया.

अब अदालत से एक लाश को सहेजकर रखने की इजाजत मांगी जा रही है. क्योंकि वो लाश कभी भी जिंदा हो सकती है. मामला आशुतोष महाराज की उस शिष्या का […]