Nainital High Court Shifting:अलग राज्य आंदोलन के दौरान रामपुर तिराहा कांड में पहाड़ की आंदोलनकारी महिलाओं के साथ बर्बरता से उपजा आक्रोश गांव-गांव फैल गया तो चार जनवरी 1994 को तत्कालीन मुलायम सिंह सरकार की ओर से नगर विकास मंत्री रमाशंकर कौशिक की अध्यक्षता में छह सदस्यीय समिति का गठन किया गया था।

इस कौशिक समिति की रिपोर्ट अप्रैल 1994 में विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए प्रथम उत्तराखंड राज्य की मांग को स्वीकार किया गया। इसी समिति ने राज्य की राजधानी गैरसैंण […]

पहाड़ों पर हो रही बारिश की वजह से जगह-जगह लैंडस्लाइड (Uttarakhand Landslide) का खतरा बढ़ता जा रहा है. उत्तराखंड के श्रीनगर में बारिश के बीच पहाड़ दरक रहे हैं. जो लोगों के लिए खतरा बन सकते हैं.

वैसे तो उत्तराखंड में बारिश (Uttarakhand Rain) के मौसम में पहाड़ों का दरकना कोई बड़ी बात नहीं है. यहां रह रहे लोग भले ही इसके आदी हो गए हों, लेकिन […]

किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ ने देहरादून में मुख्यमंत्री कार्यालय में उत्तराखण्ड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री को एक पत्र सौपा जिसमें कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान राजेश शुक्ला ने ग्राम नजीमाबाद में उनका मानसिक संतुलन खराब बताते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग किया था। बेहड़ ने पत्र के माध्यम से कहा कि पूर्व विधायक राजेश शुक्ला द्वारा अपने भाषण में कहा गया है कि बेहड़ का मानसिक संतुलन बिगड़ चुका है उनका इलाज दिल्ली के ऐम्स या आगरा में चेकअप कराया जाए इनकी आँखे भी खराब हो गयी है आँखों की भी जांच कराई जाए। बेहड़ ने सीएम से कहा कि इस तरह की बात आपकी पार्टी के नेता ने एक नहीं बल्कि अनेको सभाओं में व सोशल मीडिया में बयान देकर कही है। उत्तराखण्ड की राजनीति में इस तरह की भाषा का प्रयोग पहली बार किया गया है। जिससे मुझे बड़ा मानसिक कष्ट पहुंचा है। बेहड़ ने सीएम से कहा कि उच्च स्तरीय मानसिक चिकित्सालय में मेरा मेडिकल चेकअप कराया जाये ताकि उत्तराखंड की जनता के सामने मेरे मानसिक संतुलन की सही जानकारी आ सके। अगर मेडिकल चेकअप में मेरा मानसिक संतुलन बिगड़ा होता है तो किसी बेहतर अस्पताल में भर्ती कराकर सरकार की तरफ से इलाज कराया जाए ताकि मैं ठीक होकर दुबारा से जनता की सेवा कर सकूँ। साथ ही बेहड़ ने मुख्यमंत्री धामी से किच्छा में विकास की योजनाओं के बारे में भी विस्तृत चर्चा की। बेहड़ ने मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत किच्छा में कम्युनिटी हाल व फायर बिग्रेड स्टेशन तथा ग्राम नजीमाबाद में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना हेतु भूमि उपलब्ध कराने हेतु अधिकारियों को आदेशित करने का अनुरोध किया। साथ ही पंतनगर की आंतरिक सड़कों का निर्माण शीघ्र प्रारंभ कराये जाने , लेफ्ट पाहा नहर की कवरिंग का कार्य समय पर पूरा कराने ,किच्छा में बंडिया व पुरानी गल्ला मंडी में नदी पार करने हेतु दो पुलों का शीघ्र निर्माण कराये जाने व किच्छा के विकास हेतु अनेकों योजनाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री धामी ने विधायक बेहड़ की बात को गंभीरता से सुना व सभी समस्याओं के शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दिया।

केदारनाथ धाम में सीएम ने प्रधानमंत्री मोदी के नाम से की पहली पूजा, हजारों श्रद्धालु बने कपाट खुलने की प्रक्रिया के साक्षी । श्रद्धालुओं के लिए केदारनाथ धाम के साथ ही गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खोल दिए गए हैं। कपाट खुलने के बाद हजारों श्रद्धालुओं ने दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। शुक्रवार सुबह सबसे पहले 7 बजे विधि-विधान से केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के खोले गये। इस दौरान हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई। हजारों श्रद्धालुओं के जयकारों के साथ बाबा केदार की पंचमुखी डोली केदारनाथ पहुंची। वहीं यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट भी विधि विधान से श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। केदारनाथ धाम में कपाटोद्घाटन के अवसर पर सीएम धामी अपनी पत्नी गीता धामी के साथ मौजूद रहे और बाबा केदार का आशीर्वाद लिया। उन्होंने केदारनाथ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से पहली पूजा कराई और सभी के लिए सुख समृद्धि की कामना की। शुक्रवार को अक्षय तृतीया के मौके पर श्रद्धालुओं के लिए तीन धामों के कपाट खोले गए और इसी के साथ इस वर्ष की चारधाम यात्रा आरंभ हो गई। पहले दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन किये। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी अपनी पत्नी गीता के साथ केदारनाथ में द्वार खोले जाने की प्रक्रिया के साक्षी बने। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से पहली पूजा कराई। इस दौरान बम-बम भोले और बाबा केदार की जय के उद्घोष से पूरा वातावरण गुंजायमान ण् हो उठा। केदारनाथ धाम के कपाट खोलने के अवसर पर सेना के ग्रेनेडियर रेजीमेंट के बैंड की भक्तिमय धुनों के साथ मंदिर परिसर में मौजूद करीब 10 हजार श्रद्धालु भक्ति भाव में डूब गए। कुछ श्रद्धालु परिसर में डमरू के साथ नृत्य करते दिखाई दिए । मंदिर को 20 क्विंटल फूलों से सजाया गया है। कपाट खुलते समय तीर्थ यात्रियों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा भी की गई। वहीं यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट भी श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इस दौरान परिसर में हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे। चार धाम यात्र के शुरू होने के मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं को बधाई दी और देश एवं प्रदेश की खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार तीर्थयात्रियों को अच्छी सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है और इस बार चारधाम यात्र नया कीर्तिमान बनाएगी। गंगोत्री धाम के कपाट दोपहर बाद खुलेंगे, जबकि चारधामों में शामिल बद्रीनाथ के द्वार रविवार को खुलेंगे। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भक्त और तीर्थयात्री इस यात्र का इंतजार करते रहते हैं। वह पवित्र दिन आ गया और कपाट खुल गए। बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे हैं। यात्र के लिए सभी व्यवस्थाएं हो चुकी हैं। मैं सभी का अभिनंदन करता हूं और सभी का स्वागत करता हूं। पीएम मोदी के नाम पर यहां पहली पूजा की गई, उनके पीएम बनने के बाद पूरे विधि-विधान के साथ दर्शन का काम शुरू हो गया है। उनके पीएम बनने के बाद बाबा केदार मंदिर के पुनर्विकास का काम तीन चरणों में पूरा किया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि यह जल्द पूरा हो। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्वास व्यक्त किया कि इस बार चारधाम यात्र पिछले सभी पुराने रिकार्ड तोड़ेगी। राज्य सरकार सुरक्षित चारधाम यात्र के लिए प्रयासरत है। इस वर्ष अभी तक लगभग 20 लाख से अधिक यात्रियों ने पंजीकरण कराया है।

उत्तरकाशी। Incredible Uttarakhand: सड़क मार्ग जांगला से गंगोत्री धाम के लिए गंगा की डोली रथ पर लेकर जाने के निर्णय पर मुखवा गांव के ग्राम देवता सोमेश्वर के आदेश ने विराम लगा दिया।

इस बार मां गंगा की डोली को रथ पर लेकर जाने के लिए रथ भी तैयार किया गया। देवता के आदेश में मां गंगा की डोली को परंपरा के अनुसार […]

उत्तराखंड हाईकोर्ट की बेंच ऋषिकेश शिफ्ट किए जाने को लेकर पूरे गढ़वाल मंडल के वकील एकजुट होंगे। शुक्रवार को देहरादून में गढ़वाल मंडल की सभी बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों को बुलाया गया है।

इनकी संयुक्त बैठक होगी। इसके बाद बार एसोसिएशनों के पदाधिकारी आगामी सोमवार को हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश रितु बाहरी से अपना पक्ष रखने के लिए समय मांगेंगे। बार एसोसिएशन देहरादून […]

देशभर में भीषण गर्मी पड़ रही है. गर्मी के कारण जहां एक तरफ लोग परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ जगंलों में आग भी लग रही है. उत्तराखंड में भी लगी आग अभी तक बुझी नहीं है. इस आग को बुझाने के लिए सेना के साथ 3 हजार से ज्यादा कर्मचारी लगे हुए हैं.

ऊत्तराखंड हाईकोर्ट की बेंच ऋषिकेश स्थित आईडीपीएल क्षेत्र में शिफ्ट करने को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई है। इस बीच इस फैसले के विरोध और समर्थन में पक्ष आमने सामने हो गए है।

ऋषिकेश स्थित आईडीपीएल क्षेत्र में हाईकोर्ट की बेंच शिफ्ट करने का आदेश जारी होते ही हाईकोर्ट बार में उबाल है। अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट बेंच शिफ्टिंग का अलग-अलग तरीके से विरोध […]

केद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला ने वनाग्नि की स्थिति पर उत्तराखंड सरकार से रिपोर्ट ली। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने उन्हें बताया कि प्रदेश में 0.1 प्रतिशत वन क्षेत्र वनाग्नि से प्रभावित हुआ है, लेकिन कुछ लोग गलत आंकड़ों से दुष्प्रचार कर रहे हैं।

देहरादून, 09 मई । उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र (यूसर्क) देहरादून की ओर से राष्ट्रीय एव अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ सहयोगात्मक रूप से प्रदेश भर में साप्ताहिक हैंड्स-ऑन-ट्रेनिंग, एक्सपोजर विजिट, इंस्टीट्यूशनल विजिट, ट्रेनिंग, कार्यशालाओं आदि का आयोजन किया जा रहा है।

इसका उद्देश्य उत्तराखंड में बौद्विक रूप से जीवंत शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है। विभिन्न कार्यक्रम के जरिए प्रदेश के विद्यालयी एवं उच्च शिक्षा में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं, शोधार्थियों तथा अध्यापकों को […]