उत्तराखंड की पांचों लोकसभा सीटों पर  मतदान प्रतिशत के जो रुझान आए हैं, उसने राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों की पेशानी पर बल पड़ गए हैं। प्रचार और जागरूकता की तमाम कोशिशों के बावजूद उत्तराखंड का मतदाता बड़ी संख्या में अपने घरों से बाहर नहीं निकला।

नतीजा यह है कि लोकसभा चुनाव में 55.89% प्रतिशत मतदाताओं ने ही अपने मताधिकार का प्रयोग किया। 2019 के लोस चुनाव में पांचों सीटों पर 58.01 प्रतिशत वोट पड़े थे। […]

उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष और पूर्व का बिना मंत्री धीरेंद्र प्रताप आज गढ़वाल में अपना मतदान के बाद रामनगर पहुंचे और रामनगर में जहां-जहां पर पोलिंग बूथ पर कांग्रेस के कार्यकर्ता तैनात थे उनसे मुलाकात की और आज के हो रहे मतदान पर चर्चा की धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि कॉलिंग भूतों पर पार्टियों को झंडा लगाने का जरूर अधिकार मिलना चाहिए और यह लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है उन्होंने आशा व्यक्ति की रामनगर और पौड़ी में कांग्रेस प्रत्याशी गणेश गोदियाल काफी बहुमत से जीतेंगे और उन्होंने 15 दिन हरिद्वार में रहने के बाद दावा किया कि हरिद्वार में वीरेंद्र रावत और उत्तराखंड की अन्य तीन सीटों पर भी कांग्रेस पार्टी भारी बहुमत से विजई होगी उन्होंने कहा लोगों का मानस मोदी सरकार के प्रति बदल रहा है और बेरोजगारी और महंगाई आज देश के सम्मुख सबसे प्रमुख मुद्दा बन गया है

देहरादून। उत्तराखंड में बनी 11 दवाओं के सैंपल जांच में फेल पाए गए हैं। जिस पर राज्य के खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) विभाग ने इन दवाओं को बनाने वाली नौ कंपनियों के दवा निर्माण लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। साथ ही यह दवाएं बाजार से भी वापस मंगा ली गई हैं।

दुनिया के कई देशों में भारत की दवाएं फेल पाए जाने के बाद केंद्र सरकार ने दवाओं की निगरानी बढ़ा दी है। इसके तहत केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय हर महीने दवाओं […]

श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय की एक कारगुजारी ने सवाल खड़े कर दिए हैं। विवि ने पहले तो एक बीएड कॉलेज में फर्जी दाखिले पकड़े, फिर परीक्षा निरस्त की। अब तीन महीने बाद दोबारा प्रवेश परीक्षा से उन्हीं दाखिलों का वैध करा दिया।

मामला है रुड़की के आरसीपी कॉलेज का। कॉलेज में बीएड दाखिलों के लिए विवि ने 12 जनवरी को प्रवेश परीक्षा कराई थी। यह परीक्षा विवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. वीपी […]

देवभूमि उत्तराखंड के साथ ही चारों धाम, हेमकुंड साहिब व देवभूमि के अनगिनत तीर्थ मंदिरों को प्रणाम कर अपना संबोधन शुरू करने वाले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पल भर में ही अपार जनसमूह को अपने साथ जोड़ लिया।2024: लोकसभा चुनाव 2024 के लिए प्रचार जोरों पर है। मतदान कुल 7 चरणों में होगा, लेकिन उत्तराखंड की सभी पांच सीटों के लिए पहले ही चरण में 19 अप्रैल को मतदान होगा।

देवभूमि में प्रचार अपने अंतिम चरण में है। तमाम नेता प्रचार में उतर आए हैं। वरिष्ठ नेता जो स्वयं चुनाव नहीं लड़ रहे हैं वह अपनी पार्टी के नेताओं के […]

UPSC Result 2023: संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में उत्तराखंड के युवाओं ने परचम लहराया है। दून निवासी अंशुल भट्ट ने परीक्षा में 22वीं रैंक हासिल की है।

जबकि दून के ही पवन कुमार गोयल ने 28वीं रैंक हासिल की है। पवन फिलहाल आइआरएस अधिकारी हैं और मुंबई में तैनात हैं। जबकि हल्द्वानी के तनुज पाठक ने 72वीं […]

देहरादून; लोकतंत्र के महापर्व में मतदाताओं के मतदान से मिलने वाला आशीर्वाद सियासी दलों का भाग्य बदल देता है। भाजपा और कांग्रेस के स्टार प्रचारकों की धमक के बीच उत्तराखंड की पांचों लोकसभा सीटों पर चुनावी प्रचार का अंतिम चरण शुरू हो गया है। अब चुनावी समर में प्रचार अभियान के लिए सिर्फ दो दिन शेष हैं। चुनावी घोषणा पत्र जारी होने के बाद अब कांग्रेस और भाजपा अपने अपने दलों के के घोषणा पत्रों के साथ कार्यकर्ता अब जनता के बीच पहुंच रहे है। भाजपा कार्यकर्ता जहां संकल्प पत्र में मोदी की गारंटियों को लेकर बेहद उत्साहित है तो वहीं कांग्रेस ने भी न्याय की गारंटियों को लेकर चुनावी माहौल को गरम कर दिया है। बहरहाल अब चुनावी समर में प्रचार अभियान के लिए सिर्फ दो दिन शेष हैं। आगामी 19 अप्रैल को प्रदेश में पहले चरण में पांच सीटों पर मतदान होगा जबकि मतदान के नतीजे 4 जून को घोषित होगे।पांच लोकसभा सीट वाले उत्तराखंड के लगभग 82.48 लाख से अधिक मतदाता अपने सक्रिय भूमिका से कई मायनों में अपनी अलग पहचान रखते हैं। इस बार कई नेये चेहरों पर भी राष्ट्रीय दलो ंने दांव खेला है और उनकी सक्रियता से चुनावी महौल भी गरमाया हुआ है। बीते दो चुनावों 2014 और 2019 में भाजपा के सभी उम्मीदवारों को संसद भेजा है। 2009 में ऐसा ही मौका कांग्रेस को दिया था। राज्य गठन से पहले और बाद में कई बार ऐसे मौके भी आए, जब मतदाताओं ने अपनी गढ़ी परिपाटी को एक झटके में तोड़ा भी है। छोटे राज्य की राजनीतिक सोच और नजरिया लंबे समय से दो दल भाजपा-कांग्रेस के करीब ही रहा है। क्षेत्रीय दलों की अपेक्षा राज्य गठन के बाद 2004 में हरिद्वार से समाजवादी पार्टी के सांसद को भीडी संसद पहुंचाया। एक समय ऐसा भी था जब यहां के मतदाता राज्य में एक दल की सरकार बनाते और सांसद दूसरे दल का चुनकर भेजते। 2002 में राज्य में कांग्रेस की सरकार थी, लेकिन पांच में तीन सांसद भाजपा के जीते। 2009 में भाजपा की सरकार बनी, लेकिन उसके सभी सांसद उम्मीदवार हार गए। 2014 में राज्य में कांग्रेस की सरकार थी, बावजूद उसके उसका कोई भी उम्मीदवार नहीं जीत सका। मोदी के मैजिक से मतदाताओं का मिजाज भांपने में भाजपा कुछ मायनों में आगे रही है। शायद यही कारण है कि लोगों ने अपनी बनाई रणनीति और परंपरा को तोड़ना बेहतर समझा। राज्य में पांच-पांच साल का फार्मूला भाजपा को जिताकर तोड़ा। 2019 में भाजपा के पांचों सांसदों को पुनः जिताकर भेजा, जबकि राज्य में भाजपा की सरकार थी। पौड़ी लोकसभा लोकसभा क्षेत्र में आने वालीं 14 विधानसभा सीटों में भाजपा के पास 13 हैं। कांग्रेस के पास एक मात्र बदरीनाथ सीट है। इस लोकसभा सीट में एक विधानसभा नैनीताल जिले की रामनगर भी शामिल है। इस सीट पर कांग्रेस ने भाजपा से पहले अपने उम्मीदवार गणेश गोदियाल की घोषणा की थी। भाजपा ने इस सीट पर इस बार तीरथ सिंह रावत की जगह राज्यसभा सांसद रहे अनिल बलूनी को उम्मीदवार बनाया है। लोकसभा के जातीय गणित और मतदाताओं के ब्राहमण-ठाकुर फार्मूले में यहां ठाकुर मतदाता निर्णायक माने जाते हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही उम्मीदवार ब्राहमण हैं। टिहरी लोकसभा लोकसभा क्षेत्र की 14 में से दो विधानसभा सीट कांग्रेस के पास हैं। इस लोकसभा क्षेत्र की आधी यानि 7 सीट देहरादून जिले में आती हैं। पहाड़ के साथ देहरादून के मतदाता भी निर्णायक की भूमिका में रहते हैं। देहरादून में मिश्रित आबादी और यूपी के सहारनपुर जिले से सटे होने के कारण विकासनगर, सहसपुर, कैंट का कुछ हिस्सा, राजपुर और रायपुर मुस्लिम आबादी का भी प्रतिनिधित्व करते हैं। हालांकि शहरी आबादी का फायदा भाजपा को ही मिलता रहा है। भाजपा ने यहां राजघराने पर भरोसा जताते हुए फिर से माला राज्यलक्ष्मी को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस ने टिहरी में वरिष्ठ नेता और मसूरी के पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला को आजमाया है।

हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र की 14 विधानसभा क्षेत्रों में से भाजपा के पास मात्र छह विधानसभा क्षेत्र हैं। जबकि अन्य आठ में कांग्रेस के पास पांच, दो बसपा और एक निर्दलीय […]

वर्तमान लखनपुर पांडव लोक अज्ञातवास के दौरान यहां पर रहे इस दौरान रानी द्रोपती राजा बिराठ की महारानी की सेवा मे तैनात थी,जहा बिराठ केसेनापति व महारानी के भाई महाबली कीचक ने रानी द्रोपती से दुर्व्यवहार किया था,जिस कारन् महबली भीम ने किचक का बध कर दिया था,पूरे बैराठ मे बडा आश्चर्य हुआ की महाबली कीचक को कोंन मार् सकता है, इस बात् का पता हि नही लग सका की कीचक को किसने मारा,जिस स्थान पर मारा राम गंगा नदी के किनारे कीचक घाट है और वहां पर के खेतों का नामकीचकसेरा,हैसेरा मैदान खेत को कहते हैंमेरे गांव का मुकुट यानी सिर्फ असुरकोट मैं कीचक का महल था मेरे घर से दूरी 4 किलोमीटर हैंपांडव कल में स्थान का नाम विराट नगर था फिर बाद में ब्रह्मपुरी कहलाया और जब कस्तूरी लोग स्वतंत्र प्रशासन करने लगे इसका नाम लखनपुर पड़ा जो राम गंगा नदी के किनारे बसा है, विराट नगरी के दक्षिणी छोर के तरफ राम पादुका मंदिर है मंदिर लगभग 12वीं शताब्दी के हैं वहां पर मंदिर में शिव की मूर्ति तथा रामचंद्र जी के चरण विराजमान है कहते हैं बद्रीनाथ और देवप्रयाग जाते समय वे इसी मार्ग से गए मैदानी क्षेत्र से जोशीमठ बद्रीनाथ देवप्रयाग केदारनाथ जाने का मार्ग पहले से यही था हल्द्वानी और रामनगर मोटर मार्ग बद्रीनाथ को इसी स्थान से गुजरते हैंआने वाले यात्रियों का मार्ग भीयहां से चारों दिशाओं को मार्ग सुलभ है यह Hindustan Global Times: विराटनगर वर्तमान लखनपुर पांडव लोक अज्ञातवास के दौरान यहां पर रहे इस दौरान रानी द्रोपती राजा बिराठ की महारानी की सेवा मे तैनात थी,जहा बिराठ के सेनापति व महारानी के भाई महाबली कीचक ने रानी द्रोपती से दुर्व्यवहार किया था,जिस कारन् महबली भीम ने किचक का बध कर दिया था,पूरे बैराठ मे बडा आश्चर्य हुआ की महाबली कीचक को कोंन मार् सकता है, इस बात् का पता ही नही लग सका की कीचक को किसने मारा,जिस स्थान पर मारा राम गंगा नदी के किनारे कीचक घाट है और वहां पर के खेतों का नामकीचकसेरा,है सेरा मैदान खेत को कहते हैं।मेरे गांव का मुकुट यानी सिर्फ असुरकोट मैं कीचक का महल था मेरे घर से दूरी 4 किलोमीटर हैं।पांडव कल में स्थान का नाम विराट नगर था। फिर बाद में ब्रह्मपुरी कहलाया और जब कस्तूरी लोग स्वतंत्र प्रशासन करने लगे इसका नाम लखनपुर पड़ा जो राम गंगा नदी के किनारे बसा है, विराट नगरी के दक्षिणी छोर के तरफ राम पादुका मंदिर है ।मंदिर लगभग 12वीं शताब्दी के हैं ।वहां पर मंदिर में शिव की मूर्ति तथा रामचंद्र जी के चरण विराजमान है ।कहते हैं बद्रीनाथ और देवप्रयाग जाते समय वे इसी मार्ग से गए मैदानी क्षेत्र से जोशीमठ बद्रीनाथ देवप्रयाग केदारनाथ जाने का मार्ग पहले से यही था हल्द्वानी और रामनगर मोटर मार्ग बद्रीनाथ को इसी स्थान से गुजरते हैंआने वाले यात्रियों का मार्ग भीयहां से चारों दिशाओं को मार्ग सुलभ है यह क्षेत्र वर्तमान चौखुटिया शहर के अंदर आता है जिसका एक नाम गनाई भी है जो गणेश मंदिर के अनुसार पड़ा इसके बारे में मैंने पहले ग्रुप में एक लिख डाला था गणेश मंदिर संबंधी इतिहास!

विराटनगर वर्तमान लखनपुर पांडव लोक अज्ञातवास के दौरान यहां पर रहे इस दौरान रानी द्रोपती राजा बिराठ की महारानी की सेवा मे तैनात थी,जहा बिराठ केसेनापति व महारानी के भाई […]

कत्यूरी ध्वजबाहरी सफेद रंग: जीत, शान्ति का प्रतीक व पित्रों से प्रेम का द्योतक हैदो तिकोने: इसमें हमेशा ऊपरी तिकोना नीचे वाले तिकोने से थोड़ा छोटा होता है जो किसी साम्राज्य को बताता है ।

एक तिकोने वाले झंडे अक्षरशः किसी मन्दिर के ध्वज को बताता है जैसे बद्रीनाथ आदिकेशरिया रंग: यह उदीयमान सूर्य, अग्नि आदि को प्रदर्शित करता है और राजा राम , श्री […]

अजय टम्टा : भाजपा अल्मोड़ा लोकसभा सीट पर भाजपा से अजय टम्टा और कांग्रेस से प्रदीप टम्टा समेत सात प्रत्याशी मैदान में हैं। 7 प्रत्याशी हैं मैदान में

प्रदीप टम्टा : कांग्रेसनारायण : बसपाअर्जुन देव : यूकेडीकिरन आर्या : उपपाज्योति प्रकाश टम्टा : बहुजन मुक्ति पार्टीप्रमोद कुमार : उत्तराखंड पीपुल्स पार्टी विधानसभा का गणितअल्मोड़ा लोकसभा सीट की सीमा चीन-नेपाल से […]