गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के कर्णप्रयाग में 16 जून को तलवार से जानलेवा हमला करने के आरोपित चार निहंगों को जिला एवं सत्र न्यायाधीश विंध्याचल सिंह की अदालत से की जमानत मिल गई है।

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इनमें सतविंदर सिंह, अजय सिंह, जसप्रीत सिंह न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि घायल निहंग मनप्रीत सिंह का पुलिस निगरानी में एम्स ऋषिकेश में इलाज चल रहा है। तीनों आरोपितों को शनिवार को अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें जमानत दे दी गई।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड

निहंगों को जमानत मिलने से शासन-प्रशासन को भी राहत मिली है, क्योंकि पंजाब से पहुंचे कई निहंगों के जत्थे पांवटा साहिब गुरुद्वारे में हैं। हालांकि, मामले की सुनवाई न्यायालय में जारी रहेगी और कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई होगी।

इससे पहले, हिमाचल और उत्तराखंड की सीमा कुल्हाल पर मोर्चा खोले निहंगों के प्रतिनिधिमंडल की जेल में बंद तीन निहंगों से मुलाकात कराई गई।

प्रतिनिधिमंडल ऋषिकेश एम्स में भर्ती चौथे निहंग से भी मिला और उपचार में मिल रही बेहतर सेवाओं पर संतोष जताया। निहंगों को जमानत मिलने से उत्तराखंड-हिमाचल की पांवटा साहिब-कुल्हाल सीमा पर तनाव खत्म होने के आसार दिख रहे हैं।

पंजाब से बड़ी संख्या में पांवटा साहिब पहुंचे निहंगों ने गुरुवार को पूरे दिन कुल्हाल सीमा पर हंगामा किया था और देर रात पुलिस को चकमा देकर वे देहरादून में घुस गए थे।

हालांकि, देर रात करीब ढाई बजे पुलिस ने सभी निहंगों को वापस पांवटा सीमा तक छोड़ दिया था। शुक्रवार को कुल्हाल चौकी में 150-200 अज्ञात निहंगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया। साथ ही पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों की पांवटा गुरुद्वारा में करीब तीन घंटे तक चली कई दौर की वार्ता में निहंगों की ओर से चार मांगें रखी गई थीं।

इनमें कर्णप्रयाग से गिरफ्तार चारों निहंगों की तत्काल रिहाई, घायल निहंग के बेहतर उपचार, मुकदमा दर्ज करने वाले व लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और कर्णप्रयाग जाकर गिरफ्तार निहंगों से मिलने की अनुमति की मांग शामिल थे।

यह भी अल्टीमेटम दिया था कि यदि मांग पूरी न हुई तो रविवार शाम को वह उत्तराखंड की सीमा में बैरियर तोड़कर घुस जाएंगे।

पार्किंग को लेकर हुआ था विवाद

हेमकुंड साहिब की यात्रा पर जा रहे चार निहंगों का 16 जून को ऋषिकेश-बदरीनाथ राजमार्ग पर कर्णप्रयाग में वाहन पार्किंग को लेकर स्थानीय होटल संचालक से विवाद हो गया था। आरोप है कि निहंगों ने स्थानीय लोगों पर तलवारों से हमला कर दिया।

इससे चार लोग लहूलुहान हो गए। इस मामले पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर चारों निहंगों को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने इस मामले में दूसरे पक्ष के विरुद्ध भी मुकदमा दर्ज किया है।

चार दिन बाद चार निंहगों ने रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू स्थित गुरुद्वारे की छत पर चढ़कर कब्जा कर लिया था। वे कर्णप्रयाग की घटना में निहंगों की गिरफ्तारी को पुलिस की एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगा रहे थे।

पुलिस-प्रशासन और सिख प्रतिनिधियों की बीच बातचीत के बाद 23 जून को इस मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकाल लिया गया था। चारों निहंग नीचे उतरकर पंचाब को रवाना हो गए थे।


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