इस घटना में एक अधिकारी समेत चार CISF कर्मियों की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, यह घटना कठुआ जिले के बसोहली की पहाड़ियों में स्थित सेवा पावर प्रोजेक्ट के CISF कैंप में हुई। बताया जा रहा है कि किसी बात को लेकर हुए विवाद के बाद CISF के एक हेड कांस्टेबल ने अपने साथियों पर गोली चला दी।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
फायरिंग में मारे गए लोगों में एक असिस्टेंट कमांडेंट भी शामिल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद आरोपी हेड कांस्टेबल को पुलिस के हवाले कर दिया गया है। फायरिंग की वजह और घटना से जुड़ी अन्य परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
घायल अवस्था में लाया गया था अस्पताल
मारे गए जवान पहले गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। यह घटना शाम करीब 7:10 बजे सेवा-2 हाइडल प्रोजेक्ट में हुई, जहां CISF के जवान तैनात हैं। फायरिंग की घटना के पीछे की वजह की जांच की जा रही है।
दो जवानों के बीच बहस के बाद हुई फायरिंग
अधिकारियों ने बताया कि सीआईएसएफ के ये जवान हिमाचल प्रदेश की सीमा से सटे बसोहली के मशका गांव स्थित सेवा-तृतीय बिजली परियोजना की सुरक्षा में तैनात थे। उन्होंने कहा कि किसी मुद्दे को लेकर दो जवानों के बीच बहस हुई, जिसके बाद उनमें से एक ने अंधाधुंध गोलीबारी की। इस घटना में चार कर्मियों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं।
हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स रिपोर्ट के मुताबिक, CISF के 2009 बैच के एक हेड कांस्टेबल ने यह फायरिंग की है। आरोपी हेड कांस्टेबल को पुलिस के हवाले कर दिया गया है। पुलिस ने इंटरनल जांच शुरू कर दी है।
मारे गए जवानों की पहचान
CISF की ओर से मारे गए जवानों के नाम भी जारी कर दिए गए हैं। इनके नाम असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे, कांस्टेबल रफीक अहमद, कांस्टेबल संदीप कुमार और सब-इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह हैं।
