10 July 2026: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तराखंड में अगले 24 से 48 घंटे बेहद संवेदनशील होने वाले हैं. मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के मुताबिक, 10 जुलाई को उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों में मूसलाधार बारिश का तांडव देखने को मिल सकता है.

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उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर बने सुस्पष्ट कम दबाव के क्षेत्र और चक्रवाती परिसंचरण के कारण देवभूमि में मानसून पूरी तरह से उग्र हो गया है. मौसम विभाग ने पौड़ी, नैनीताल, उधमसिंह नगर, चम्पावत और बागेश्वर जनपदों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश और अत्यंत तीव्र दौर का अनुमान जताते हुए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इसके अलावा देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ जिलों में भी भारी बारिश और आकाशीय बिजली चमकने के साथ यानी येलो/ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, समुद्र तल से 9.6 किलोमीटर ऊपर तक विस्तृत चक्रवाती परिसंचरण ऊंचाई के साथ दक्षिण की ओर झुका हुआ है, जिसके उत्तर-उत्तरपश्चिम दिशा में आगे बढ़ने के बाद उत्तर-पूर्व की ओर मुड़ने की संभावना है. इसके प्रभाव से 10 जुलाई को उत्तराखंड में बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि होने की संभावना है. लगातार हो रही इस बारिश के कारण उत्तराखंड के मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों के तापमान में 10 से 12 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे मौसम में अचानक ठंडक आ गई है. कुमाऊं मंडल के अधिकांश स्थानों पर और गढ़वाल मंडल के अनेक क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा के साथ गर्जन और आकाशीय बिजली गिरने के तीव्र दौर की चेतावनी दी गई है. प्रशासन ने बिगड़ते हालात को देखते हुए आपदा प्रबंधन टीमों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं.


(फोटो-AI)

भारी बारिश के चलते देहरादून, हरिद्वार और नैनीताल समेत इन जिलों में स्कूल बंद
उत्तराखंड में मौसम विभाग के भारी बारिश और रेड अलर्ट के पूर्वानुमान को देखते हुए राज्य सरकार और जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है. छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के मद्देनजर 10 जुलाई (शुक्रवार) को राज्य के कई बड़े जिलों में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी घोषित कर दी गई है. राजधानी देहरादून में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए जिलाधिकारी ने सभी सरकारी, गैर-सरकारी, प्राइवेट स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने का आदेश दिया है. इसके साथ ही हरिद्वार और नैनीताल जिले में भी भारी बारिश की गंभीर चेतावनी के चलते कल सभी शिक्षण संस्थान पूरी तरह से बंद रहेंगे.

पहाड़ी जिलों की बात करें तो चमोली में कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे. रुद्रप्रयाग और बागेश्वर जिलों में भी खराब मौसम और भारी बारिश के ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए जिलाधिकारियों ने तत्काल प्रभाव से कल 10 जुलाई को स्कूलों की छुट्टी के आदेश जारी कर दिए हैं. प्रशासन ने अभिभावकों और बच्चों से अपील की है कि वे भारी बारिश के दौरान घरों में ही सुरक्षित रहें और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें.

देहरादून, पंतनगर और मुक्तेश्वर समेत प्रमुख शहरों में तापमान का हाल
लगातार हो रही मानसूनी बारिश के कारण उत्तराखंड के प्रमुख शहरों में तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है. मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ों में अधिकतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है. प्रमुख शहरों के तापमान की स्थिति इस प्रकार है:

  • देहरादून: राजधानी देहरादून में लगातार हो रही बारिश से अधिकतम तापमान गिरकर 23.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है.
  • पंतनगर (उधमसिंह नगर): पंतनगर में अधिकतम तापमान 28.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो कि मैदानी क्षेत्रों में सबसे अधिक रहा.
  • टिहरी: पर्वतीय क्षेत्र टिहरी में न्यूनतम तापमान 14.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 17.8 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है.
  • मुक्तेश्वर: ठंडे और पर्वतीय इलाके मुक्तेश्वर में तापमान गिरकर 17.4 डिग्री सेल्सियस तक आ गया है. यहां तेज हवाओं (68 किमी प्रति घंटा) ने ठिठुरन बढ़ा दी है.
  • अल्मोड़ा: अल्मोड़ा में तापमान में सबसे बड़ी गिरावट देखी गई है, जहां पारा लुढ़ककर 11.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है.

नैनीताल में भीषण आल्मा कॉटेज क्षेत्र में भूधंसाव से दहशत, कई मकान खतरे की जद में
कुमाऊं के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नैनीताल में लगातार आठ घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है. भारी बारिश के कारण शहर के सात नंबर क्षेत्र, आल्मा कॉटेज और जिला पंचायत रोड पर खतरनाक भूधंसाव शुरू हो गया है. पिछले वर्ष से ही इस क्षेत्र की पहाड़ी और सड़कों पर दरारें आ रही थीं, लेकिन स्थायी सुरक्षा कार्य न होने से इस मानसून में स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है. पहाड़ी का एक बहुत बड़ा हिस्सा खिसककर नीचे नाले में जा गिरा है, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है. प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार, सड़क के ऊपर बने 5 और नीचे स्थित 7 परिवारों के मकान इस भूधंसाव के कारण सीधे खतरे की जद में आ गए हैं. कुमाऊं कमिश्नर और जिला प्रशासन की टीम ने मौके का मुआयना कर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने और तत्काल राहत कार्य शुरू करने के सख्त निर्देश दिए हैं.

हरिद्वार और लक्सर में जलभराव, उफनती नदी और सड़कों पर फंसी गाड़ियां
मैदानी जिले हरिद्वार और लक्सर में भारी बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं. लक्सर के बसेड़ी इलाके में भारी जलभराव के कारण सिमली गांव के रहने वाले 60 वर्षीय श्रीराम और उनका 40 वर्षीय बेटा संजय एक निर्माणाधीन मकान में पूरी रात फंसे रहे. गुरुवार सुबह रुड़की कंट्रोल रूम से सूचना मिलते ही SDRF की टीम लाइफ जैकेट और रेस्क्यू उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची और पिता-पुत्र को उफनते पानी के बीच से सकुशल रेस्क्यू किया.

इसके अलावा, ऋषिकेश-हरिद्वार चीला रोड पर स्थित ‘बीन नदी’ पहाड़ों में हुई बारिश के बाद अचानक उफान पर आ गई. इस उफनती नदी के बीच एक स्कूटी सवार पार करने की कोशिश में फंस गया और उसकी स्कूटी व सामान पानी के तेज बहाव में बह गया. गनीमत रही कि वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने अपनी जान पर खेलकर पानी में उतरकर उस स्कूटी सवार को बहने से बचा लिया. वहीं विकासनगर से भी आफत की तस्वीरें सामने आई हैं, जहां मुख्य सड़क अचानक धंसने से एक विक्रम वाहन (सवारी गाड़ी) जमीन में समा गया.

उत्तरकाशी में यमुनोत्री हाईवे बंद, कुमाऊं में 30 से ज्यादा सड़कें ठप
पहाड़ों में लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है. उत्तरकाशी में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है. यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग स्यानाचट्टी के पास पहाड़ी से लगातार गिरते पत्थरों और भारी मलबे के कारण सुबह से बंद पड़ा है. हाईवे पर दोनों ओर तीर्थयात्रियों और स्थानीय निवासियों के वाहन फंसे हुए हैं. लगातार दरकते पहाड़ के कारण बीआरओ को सड़क खोलने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

उत्तराखंड के उत्तरकाशी ज़िले में भूस्खलन की वजह से स्यानचट्टी के पास यमुनोत्री हाईवे और नालुपा के पास गंगोत्री हाईवे बंद हैं। यमुनोत्री रोड बंद होने से करीब 1,000 यात्री फंसे हुए हैं। बारिश की वजह से आज 10 ज़िलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं। पिथौरागढ़ में पत्थर गिरने की वजह से आदि कैलाश रोड बंद है। हरिद्वार में सड़कों पर 3-4 फ़ीट पानी भर गया था।

कहां आएगी बारिश में कमी
महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और दक्षिण भारत में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना जताई गई है. IMD के मुताबिक शुक्रवार को भारत के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है. इनमें उत्तराखंड का नाम टॉप पर है. मौसम विभाग ने कहा है कि उत्तराखंड के कई जिलों (गढ़वाल पौड़ी, चमोली, पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, चंपावत और नैनीताल) में भारी बारिश के बाद अचानक बाढ़ का खतरा है.

उधर कुमाऊं मंडल की बात करें तो बारिश और भूस्खलन के कारण कुमाऊं के छह जिलों में 30 से ज्यादा प्रमुख सड़कें बंद हो चुकी हैं, जिनमें नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे और ग्रामीण संपर्क मार्ग शामिल हैं. बंद सड़कों को खोलने के लिए एनएच, पीडब्लूडी, पीएमजीएसवाई और बीआरओ की जेसीबी और पोकलैंड मशीनें युद्धस्तर पर तैनात हैं. कुमाऊं कमिश्नर ने सभी जिलाधिकारियों और आपदा प्रबंधन अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि बंद सड़कों को समय रहते खोला जाए ताकि आपातकालीन सेवाओं में कोई बाधा न आए.🌥 मौसम अपडेट


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