गंगोत्री से गंगोत्री विधानसभा चुनाव का बिगुल, मूल निवासियों के अधिकारों और देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान को बनाएंगे प्रमुख मुद्दा
गंगोत्री, उत्तरकाशी, 26 अक्टूबर 2026। उत्तराखण्ड में मूल निवास और सशक्त भू-कानून का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। गंगोत्री विधानसभा क्षेत्र के मूल निवास हितैषी डॉ. विजेन्द्र पोखरियाल ने सोमवार को पवित्र गंगोत्री धाम पहुंचकर मां गंगा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने उत्तराखण्ड के मूल निवासियों के अधिकारों की रक्षा, देवभूमि की संस्कृति के संरक्षण और प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य के लिए संकल्प लिया। उन्होंने सरकारी नौकरियों में वर्ष 1950 के मूल निवास को अनिवार्य करने तथा हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर उत्तराखण्ड में सशक्त भू-कानून लागू करने की मांग उठाई।
अवतार सिंह बिष्ट,हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स | उत्तराखंड, देश-दुनिया और जन सरोकारों की खबरों पर नजर
डॉ. पोखरियाल ने कहा कि उत्तराखण्ड की पहचान, सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय निवासियों के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी नीतियां बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि मूल निवास के विषय पर ठोस निर्णय लिया जाए और स्थानीय लोगों के अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए स्पष्ट व्यवस्था लागू की जाए।
मंदिर के पुरोहितों से की मूल निवास पर चर्चा
गंगोत्री धाम में डॉ. पोखरियाल ने मंदिर के पुरोहितों से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान मंदिर समिति के सचिव हरीश सेमवाल सहित अन्य पुरोहितों के साथ मूल निवास के मुद्दे पर चर्चा हुई। हरीश सेमवाल ने मतदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लोकतंत्र में मताधिकार जनता की महत्वपूर्ण ताकत है। नागरिकों को अपने अधिकारों और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर विचार करते हुए मतदान करना चाहिए।
डॉ. पोखरियाल के अनुसार, चर्चा के दौरान कुछ पुरोहितों ने भी उत्तराखण्ड के मूल निवासियों के अधिकारों की रक्षा और प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर चिंता व्यक्त की।
वरिष्ठ पत्रकार डॉ. विनोद पोखरियाल ने दिया आशीर्वाद
इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार डॉ. विनोद पोखरियाल ने डॉ. विजेन्द्र पोखरियाल को आशीर्वाद देते हुए मूल निवास के मुद्दे पर उनके प्रयासों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में मूल निवास से संबंधित स्पष्ट और प्रभावी व्यवस्था पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता और पात्रता सुनिश्चित करना भी आवश्यक है, ताकि किसी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश न रहे।
गंगोत्री विधानसभा से चुनाव लड़ने की घोषणा दोहराई
मां गंगा के पावन धाम से डॉ. विजेन्द्र पोखरियाल ने गंगोत्री विधानसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतरने की अपनी घोषणा दोहराई। उन्होंने कहा कि वह मूल निवासियों के अधिकार, सरकारी नौकरियों में मूल निवास की अनिवार्यता, सशक्त भू-कानून और उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक पहचान जैसे मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएंगे।
डॉ. पोखरियाल ने कहा, “मां गंगा के पावन आंगन से मूल निवासियों के अधिकारों की रक्षा का संकल्प लेकर जनता के बीच जाने पर मुझे हर्ष हो रहा है। मेरा उद्देश्य किसी दल विशेष का विरोध करना नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड के मूल निवासियों के अधिकारों और देवभूमि की पहचान से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाना है।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि प्रदेश सरकार सरकारी नौकरियों के लिए वर्ष 1950 के मूल निवास को अनिवार्य करने और सशक्त भू-कानून लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाती है, तो वह ऐसे निर्णयों का समर्थन करेंगे।
अंत में डॉ. पोखरियाल ने मंदिर के पुरोहितों, वरिष्ठ पत्रकार डॉ. विनोद पोखरियाल और सभी शुभचिंतकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने मूल निवासियों से अपने अधिकारों, संस्कृति और भविष्य के प्रति जागरूक रहने तथा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि मूल निवास का सम्मान, स्थानीय लोगों के अधिकारों की रक्षा और देवभूमि की संस्कृति का संरक्षण ही उत्तराखण्ड के उज्ज्वल भविष्य का आधार है।
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